बांग्लादेश के लिए भारत ने बनाए 20 खास LHB कोच, 12 अगस्त को होगा रोलआउट, जानें पहली रेक में क्या-क्या है

भारत अब अपनी आधुनिक रेल तकनीक को दूसरे देशों तक भी पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे 12 अगस्त को बांग्लादेश रेलवे के लिए तैयार किए गए 20 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोचों की पहली रेक रोल आउट करेगा। इन कोचों को रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला ने तैयार किया है।
इस पहली रेक में AC से लेकर नॉन-AC कोच तक शामिल हैं। खास बात यह है कि बांग्लादेश की जरूरत के अनुसार इन कोचों में कई विशेष डिजाइन बदलाव किए गए हैं, जिनमें से कुछ LHB कोचों में पहली बार इस्तेमाल किए गए हैं।
बांग्लादेश के लिए तैयार 20 कोचों में क्या खास है?
बांग्लादेश रेलवे के लिए तैयार की गई पहली रेक में कुल 20 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोच हैं। इनमें 3 AC स्लीपर कार, 3 AC चेयर कार, 12 नॉन-AC चेयर कार और 2 पावर कार शामिल हैं। इन कोचों को सामान्य LHB कोचों की तरह तैयार नहीं किया गया है।
इन्हें बांग्लादेश की रेलवे की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन और तैयार किया गया है। रेलवे मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कोचों में कई विशेष डिजाइन फीचर और बदलाव किए गए हैं। इनमें से कई बदलाव LHB प्रकार के कोचों में पहली बार किए गए हैं। इससे रेल कोच फैक्ट्री की डिजाइन, इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता का भी पता चलता है।
RCF ने इस प्रोजेक्ट के जरिए यह दिखाया है कि भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयां विदेशी ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार यात्री कोचों में जरूरी बदलाव कर सकती हैं।
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2015-16 में शुरू हुआ था RCF और बांग्लादेश रेलवे का सहयोग
भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे क्षेत्र में सहयोग काफी पुराना है। रेल कोच फैक्ट्री और बांग्लादेश रेलवे के बीच यह साझेदारी वर्ष 2015-16 से चली आ रही है। उस दौरान RCF ने बांग्लादेश रेलवे को 120 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोचों की आपूर्ति की थी। इस काम के सफल रहने के बाद बांग्लादेश रेलवे ने एक बार फिर भारतीय रेल कोच फैक्ट्री पर भरोसा जताया।
वर्ष 2024 में RITES के माध्यम से RCF को बांग्लादेश रेलवे से 200 ब्रॉड गेज यात्री कोचों का ऑर्डर मिला। ये कोच सात अलग-अलग वेरिएंट में तैयार किए जाने हैं। अब 12 अगस्त को 20 कोच वाली पहली रेक का रोलआउट इसी बड़े ऑर्डर के तहत एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे क्षेत्र में जारी सहयोग को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रेलवे प्रोजेक्ट?
बांग्लादेश रेलवे के लिए इन कोचों (Bangladesh Railway LHB Coaches) का निर्माण भारत के लिए केवल एक विदेशी ऑर्डर पूरा करने की उपलब्धि नहीं है। यह भारतीय रेलवे की आधुनिक कोच डिजाइन और निर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का अवसर भी है। RCF ने बांग्लादेश की जरूरतों के मुताबिक कोचों में कई बदलाव किए हैं।
इससे भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों की वह क्षमता सामने आती है, जिसके जरिए वे अलग-अलग देशों की जरूरतों के हिसाब से रेल कोच तैयार कर सकती हैं। पहली रेक के रोलआउट के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही, भारतीय रेलवे और उसकी उत्पादन इकाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय रेलवे बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं।
यह प्रोजेक्ट इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि भारत अब केवल अपने घरेलू रेलवे नेटवर्क के लिए आधुनिक कोच तैयार करने तक सीमित नहीं है। भारतीय रेल की डिजाइन और निर्माण क्षमता का इस्तेमाल दूसरे देशों की यात्री रेल परियोजनाओं में भी हो रहा है।
12 अगस्त का यह रोलआउट इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि यह भारत की बढ़ती रेलवे निर्माण क्षमता और अंतरराष्ट्रीय रेल बाजार में उसकी मौजूदगी, दोनों को सामने लाता है।

