ट्रेनों में गाकर गुजारा करते थे सुनील लोधी, ‘हनुमान अंश’ के गाने ने बदल दी पूरी जिंदगी, अब बॉलीवुड में गूंज रही आवाज

Sunil Lodhi Hanuman Ansh Singer Story: मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव से निकलकर सुनील लोधी ने अपनी आवाज के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी उन्होंने शायद कभी कल्पना भी नहीं की थी। जन्म से दृष्टिबाधित सुनील कभी ट्रेनों में गाना गाते थे, लेकिन अब उनकी आवाज फिल्मी पर्दे तक पहुंच चुकी है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बुंदेली भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई’ ने सुनील को देशभर में पहचान दिलाई है। गाने की लोकप्रियता के बाद उन्हें बॉलीवुड फिल्मों से ऑफर मिलने लगे हैं और कई शो भी बुक हो चुके हैं।
छोटे से गांव से शुरू हुआ सुनील का सफर
सुनील लोधी सागर जिले के जैसीनगर ब्लॉक के छोटे से गांव अगरा के रहने वाले हैं। उनका परिवार बेहद साधारण है। उनके पिता के पास करीब एक एकड़ जमीन है। चार भाई-बहनों में सुनील सबसे बड़े हैं। जन्म से दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी ताकत बनाया।
सुनील ने शुरुआत में लता मंगेशकर से प्रेरित होकर भजन गाना शुरू किया। पहले वह अपने गांव में ही भजन प्रस्तुत करते थे। इसके बाद उनकी आवाज धीरे-धीरे गांव से बाहर पहुंचने लगी। एक समय ऐसा भी था जब वह ट्रेनों में गाना गाकर अपना गुजारा करते थे।
उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनका हनुमान भजन ‘मोरे संकट के कटैया’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस रील ने सुनील की आवाज को बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया। सोशल मीडिया पर उनके गाने ने कुछ बड़े गायकों का भी ध्यान खींचा और उनके लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुलने लगे।
सोशल मीडिया से पहुंची आवाज मुंबई के स्टूडियो तक
सुनील की प्रतिभा को सबसे पहले सागर के अंकित पांडे ने आगे बढ़ाने में मदद की। इसके बाद उनकी पहुंच इंदौर के पंकज पीवीआर तक हुई। यहां से सुनील ने बेहतर रिकॉर्डिंग के साथ अपने गाने प्रकाशित करने शुरू किए।
धीरे-धीरे उनकी आवाज मुंबई के ॐ साईं राम स्टूडियो तक पहुंच गई। यहीं से उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया। सुनील ने वर्सोवा बीच से इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की थी। इसी तस्वीर के बाद निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर उन पर पड़ी।
विशाल चतुर्वेदी ने सुनील से संपर्क किया और उन्हें स्टूडियो बुलाया। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘हनुमान अंश’ में बुंदेली भजन गाने का मौका मिला। फिल्म में सुनील की आवाज में गाया गया भजन अब लोगों की जुबान पर है।
गाने की लोकप्रियता ने सुनील के लिए बॉलीवुड के दरवाजे खोल दिए हैं। अब उन्हें फिल्मों से ऑफर मिल रहे हैं और कई कार्यक्रमों के लिए भी उनकी बुकिंग हो चुकी है। जहां पहले सुनील अपनी आवाज के जरिए लोगों तक पहुंचते थे, वहीं अब कई जगहों पर लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित नजर आते हैं।
सागर पहुंचने पर हुआ सम्मान, सुनाया बुंदेली भजन
फिल्म की सफलता के बाद सुनील लोधी अपने परिवार के साथ सागर पहुंचे। उन्होंने मकरोनिया स्थित सिनेमा हॉल में परिवार के साथ ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखी। इस मौके पर सुरखी की पूर्व विधायक पारुल साहू ने उनका सम्मान किया।
सम्मान मिलने के बाद सुनील ने अपनी खुशी लोगों के साथ साझा की। उन्होंने वहां बुंदेली भजन प्रस्तुत किया और सिनेमा हॉल में फिल्म में गाया अपना गाना भी सुनाया। सुनील की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
हालांकि सुनील का सफर केवल सफलता की कहानी नहीं है। उन्होंने अपनी जिंदगी के उस मुश्किल दौर को भी याद किया, जब वह काफी निराश हो गए थे। दोस्तों के साथ नदी किनारे गए एक घटनाक्रम के बाद वह उनसे अलग हो गए थे। उस समय वह मानसिक रूप से काफी परेशान हुए और उनके मन में जिंदगी को लेकर नकारात्मक विचार भी आने लगे थे।
ऐसे कठिन समय में उनके दोस्त रोहित ने उनका साथ दिया और उन्हें संभाला। इसके बाद सुनील ने मुश्किल हालात से निकलकर अपने संगीत के सफर को आगे बढ़ाया। आज उनकी वही आवाज, जो कभी गांव और ट्रेनों तक सीमित थी, फिल्म ‘हनुमान अंश’ के जरिए देशभर के दर्शकों तक पहुंच रही है।

