रोहतास: करवंदिया पत्थर खदानों की नीलामी का रास्ता साफ, दोगुनी जमीन मिलने के बाद बढ़ी कारोबारियों की उम्मीद

रोहतास: करवंदिया और गिजवाही की पत्थर खदानों को लेकर कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वन विभाग से जुड़ी जमीन का पेच अब लगभग खत्म हो गया है और चिह्नित क्षेत्र से दोगुनी भूमि कैमूर जिले में उपलब्ध कराई जा चुकी है। मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद अब सबकी नजर जिला खनन विभाग की अगली कार्रवाई पर है।
करवंदिया और गिजवाही में चिह्नित हुई थी वन भूमि
करवंदिया मौजा के ब्लॉक-4 में 1,473 हेक्टेयर जमीन को वन विभाग के क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके अलावा गिजवाही मौजा के ब्लॉक-3 में 5.33 हेक्टेयर भूमि भी वन विभाग से जुड़ी बताई गई है। इन दोनों क्षेत्रों में पत्थर खनन से संबंधित गतिविधियों को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी।
अब इन चिह्नित क्षेत्रों को लेकर स्थिति आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। संबंधित भूमि को बंदोबस्त के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी भी प्राप्त किया जा चुका है। इससे खदानों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता आसान हुआ है।
पत्थर व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन क्षेत्रों में प्रस्तावित खदानों की नीलामी और बंदोबस्ती को लेकर आगे की कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
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चिह्नित जमीन से वन विभाग को दी गई दोगुनी भूमि
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिला प्रशासन ने वन विभाग के लिए चिह्नित जमीन के मुकाबले करीब दोगुना भूखंड कैमूर जिले में उपलब्ध कराया है। इस जमीन को वन विभाग को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जिला प्रशासन की ओर से की गई है। इस प्रस्ताव पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सहमति भी मिल चुकी है।
यानी वन विभाग से संबंधित जमीन को लेकर जो औपचारिक प्रक्रिया जरूरी थी, उसमें महत्वपूर्ण स्तर पर मंजूरी मिल गई है। इसके बाद अब करवंदिया पहाड़ स्थित चिह्नित पत्थर खदानों की बंदोबस्ती (Karwandiya Stone Mines Auction) को लेकर रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। वन विभाग से जुड़े क्षेत्र को वापस लेने की औपचारिकता भी पूरी कर ली गई है।
इस पूरी प्रक्रिया का सीधा असर पत्थर कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, आगे की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खदानों की बंदोबस्ती किस तरह और कब आगे बढ़ती है।
जल्द शुरू हो सकती है बंदोबस्ती की अगली प्रक्रिया
अब जिला खनन विभाग की ओर से अगली कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बहुत जल्द मुख्यालय स्तर से परिवेश पोर्टल के माध्यम से आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से वन विभाग को वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने और मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद इस मामले में कई महत्वपूर्ण औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
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ऐसे में उम्मीद है कि जिला खनन विभाग जल्द ही बंदोबस्ती की दिशा में अगला कदम उठाएगा। जिला खनन पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि,
करवंदिया पहाड़ स्थित चिह्नित पत्थर खदानों की बंदोबस्ती का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। वन विभाग के क्षेत्र को वापस लेने से जुड़ी औपचारिकता पूरी हो गई है और कैमूर जिले में चिह्नित क्षेत्र से दोगुनी भूमि वन विभाग को उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद मुख्यालय स्तर से परिवेश पोर्टल के जरिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस घटनाक्रम से रोहतास जिले के पत्थर व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों की नजर अब खनन विभाग की अगली कार्रवाई पर है। बंदोबस्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही खदानों को लेकर अगला स्पष्ट चरण सामने आएगा।

