बक्सर: अचानक सड़क पर गिरा विशाल पेड़, चपेट में आए बिजली के खंभे और 11 हजार वोल्ट के तार, टल गया बड़ा हादसा

बक्सर नगर के पीपरपांती रोड पर सोमवार की शाम अचानक ऐसा हादसा हुआ, जिसने आसपास मौजूद लोगों को दहशत में डाल दिया। पुरानी कचहरी के पास एक विशाल पुराना पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा और उसके साथ बिजली के खंभे व 11 किलोवाट के तार भी नीचे आ गए। गनीमत रही कि उस समय पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था।
शाम को अचानक सड़क पर गिर पड़ा पुराना पेड़
पीपरपांती रोड पर सोमवार शाम करीब 5:30 बजे पुरानी कचहरी के समीप गोरख चाय दुकान के पास अचानक एक विशाल पेड़ भरभराकर सड़क पर गिर गया। पेड़ काफी पुराना और भारी बताया जा रहा है। उसके गिरते ही बिजली के खंभे भी उसकी चपेट में आ गए और 11 किलोवाट की बिजली लाइन सड़क पर आ गिरी।
अचानक पेड़ और बिजली के तारों के सड़क पर गिरने से आसपास की दुकानों में मौजूद लोगों और राहगीरों के बीच अफरातफरी मच गई। हादसे की आवाज और सड़क पर गिरे पेड़ को देखकर लोग कुछ देर के लिए सहम गए।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, भारी बारिश के कारण पेड़ कमजोर हो गया था। इसी वजह से उसके अचानक गिरने की बात कही जा रही है।
हो सकता था बड़ा हादसा
इस घटना (Buxar Piparpanti Road Tree Fall) में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरने के समय उसके नीचे कोई राहगीर या दुकानदार मौजूद नहीं था। अगर उस वक्त कोई व्यक्ति वहां होता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
पेड़ के साथ बिजली के खंभे और 11 हजार वोल्ट के तार भी सड़क पर गिर गए थे। ऐसे में करंट की चपेट में आने से जान का खतरा पैदा हो सकता था। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कराए जाने से खतरा और बढ़ने से बच गया।
स्थानीय निवासी और कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने घटना की जानकारी बिजली कंपनी के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई, जिससे सड़क पर गिरे बिजली के तारों से होने वाले संभावित खतरे को रोका जा सका।
स्नेहाशीष वर्धन के मुताबिक, पेड़ काफी पुराना था और लगातार हुई भारी बारिश के कारण उसकी स्थिति कमजोर हो गई थी। ऐसे पेड़ों की समय रहते पहचान और जांच जरूरी है, ताकि बारिश या तेज हवा के दौरान इस तरह की घटना दोबारा न हो।
पास खड़ा दूसरा पेड़ भी बढ़ा रहा चिंता
हादसे के बाद इलाके में मौजूद एक दूसरे पेड़ को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्नेहाशीष वर्धन ने बताया कि घटनास्थल के आसपास एक और पेड़ काफी जर्जर हालत में है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इस पेड़ पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में यह भी सड़क पर गिर सकता है।
उन्होंने प्रशासन से इलाके में मौजूद जर्जर और पुराने पेड़ों का निरीक्षण कराने तथा जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहले से कमजोर पेड़ों की पहचान होने पर ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
स्थानीय व्यवसायी बबलू जायसवाल ने भी बताया कि पेड़ गिरने की घटना में फिलहाल किसी की जान नहीं गई है। हालांकि, इसके कारण इलाके की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। हादसे के बाद आसपास के लोगों और दुकानदारों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
पीपरपांती रोड की इस घटना ने एक बार फिर पुराने और जर्जर पेड़ों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने ला दी है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां सड़क के किनारे पेड़ों के साथ बिजली की लाइन भी गुजरती है, वहां समय रहते निरीक्षण और जरूरी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

