NSE IPO की तारीख पर बड़ा अपडेट! 25 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग, जानिए ₹5.3 लाख करोड़ की पूरी कहानी

NSE IPO listing date 25 September 2026
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NSE IPO को लेकर शेयर बाजार में हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने का लक्ष्य बना रहा है। हालांकि, अभी SEBI की अंतिम मंजूरी और IPO से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होना बाकी हैं। अगर यह योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो NSE का IPO देश के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है।

NSE IPO Listing Date: 25 सितंबर को लिस्टिंग की तैयारी

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, SEBI अगले सप्ताह NSE के IPO को मंजूरी दे सकता है। मंजूरी मिलने के बाद NSE अपडेटेड DRHP (Draft Red Herring Prospectus) दाखिल कर सकता है। रिपोर्ट में NSE की संभावित लिस्टिंग के लिए 25 सितंबर की तारीख का लक्ष्य बताया गया है।

हालांकि, इसे अभी अंतिम तारीख नहीं माना जा सकता, क्योंकि लिस्टिंग का पूरा कार्यक्रम नियामकीय मंजूरी और दूसरी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगा। NSE IPO की आधिकारिक इश्यू डेट भी अभी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, NSE 11 सितंबर के आसपास IPO का प्राइस बैंड घोषित कर सकता है।

यानी निवेशकों की नजर अब दो बड़े अपडेट पर रहेगी। पहला SEBI की मंजूरी और दूसरा IPO के प्राइस बैंड तथा इश्यू की आधिकारिक तारीख का ऐलान।

NSE Valuation: ₹5.3 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है वैल्यूएशन

NSE IPO का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी संभावित वैल्यूएशन है। मौजूदा रिपोर्ट्स के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की वैल्यू करीब ₹5.2 लाख करोड़ से ₹5.3 लाख करोड़ के बीच लगाई जा सकती है।

वहीं, NSE के शेयर की संभावित कीमत ₹2,100 से ₹2,300 प्रति शेयर के बीच बताई जा रही है। ये आंकड़े अभी प्रस्तावित हैं और अंतिम प्राइस बैंड आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है। अगर NSE की वैल्यूएशन ₹5.3 लाख करोड़ रहती है और करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाती है, तो इससे लगभग ₹31,500 करोड़ जुटाए जा सकते हैं।

इस आकार के साथ NSE IPO 2024 में आए Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO से भी बड़ा हो सकता है। Hyundai Motor India का इश्यू फिलहाल भारत का सबसे बड़ा IPO है। NSE IPO को लेकर एक अहम बात यह है कि प्रस्तावित बिक्री मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी से जुड़ी है। यानी यह Offer for Sale यानी OFS होगा।

कई बड़े शेयरधारक OFS में शामिल

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, मौजूदा शेयरधारक करीब 14.89 करोड़ NSE शेयर बेच सकते हैं। यह एक्सचेंज की लगभग 6 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। IPO की तैयारी के दौरान शेयर बेचने वाले शेयरधारकों की सूची में बदलाव भी हुआ है और SBI Capital Markets Ltd को इसमें शामिल किया गया है।

प्रस्तावित OFS में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, भारतीय स्टेट बैंक, SBI कैपिटल मार्केट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी जैसे शेयरधारक शामिल हैं।

इस बीच NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक LIC IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है। LIC के पास NSE की करीब 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SBI के पास लगभग 3.23 प्रतिशत, SBI Capital Markets के पास करीब 4.33 प्रतिशत और Stock Holding Corporation of India के पास लगभग 4.44 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है।

फिलहाल NSE IPO का GMP (Grey Market Premium) भी उपलब्ध नहीं है। इसकी वजह है कि IPO का अंतिम प्राइस बैंड और आधिकारिक इश्यू डेट अभी घोषित नहीं हुई है। GMP एक अनौपचारिक संकेत होता है और इसे संभावित लिस्टिंग मुनाफे की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

दुनिया के बड़े एक्सचेंजों में शामिल हो सकता है NSE

NSE IPO के लिए घरेलू तैयारियों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों से संपर्क किया जा रहा है। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, NSE ने Boston, New York, San Francisco, London, Singapore और Hong Kong में बड़े वैश्विक निवेशकों के साथ बैठकें की हैं।

इन बैठकों में करीब 120 बड़े निवेशकों के शामिल होने की बात कही गई है। इनमें BlackRock, Capital Group, GQG Partners, Janus Henderson Group और Allspring Global Investments जैसे निवेशक शामिल रहे। रिपोर्ट के अनुसार, NSE को Middle East में कुछ और निवेशक बैठकें करनी हैं।

प्रस्तावित ₹5.3 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर NSE दुनिया के बड़े सूचीबद्ध एक्सचेंज ऑपरेटरों की श्रेणी में आ सकता है। Bloomberg के मुताबिक, इस वैल्यूएशन के ऊपरी स्तर पर NSE का स्थान वैश्विक स्तर पर करीब छठा हो सकता है। यह London Stock Exchange Group के आसपास और Nasdaq से आगे हो सकता है।

हालांकि, यह तुलना NSE की प्रस्तावित वैल्यूएशन और दूसरे सूचीबद्ध एक्सचेंज ऑपरेटरों की मौजूदा बाजार वैल्यू पर आधारित है। शेयर कीमत और मुद्रा विनिमय दर में बदलाव के साथ यह स्थिति बदल सकती है।

NSE IPO में देरी की वजह

NSE का IPO कोई नई योजना नहीं है। एक्सचेंज ने 2016 में पहली बार IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे। उस समय भी मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव था। लेकिन SEBI ने गवर्नेंस से जुड़े सवालों और co-location मामले के बीच IPO को मंजूरी नहीं दी। इस मामले में कुछ ब्रोकर्स पर NSE के ट्रेडिंग सिस्टम तक कथित रूप से प्राथमिकता वाले एक्सेस का आरोप लगा था।

इसके बाद NSE ने नियामक के सामने अपनी स्थिति रखी और गवर्नेंस तथा अनुपालन से जुड़े कदम उठाए। जून 2025 में NSE ने SEBI के पास सेटलमेंट आवेदन दाखिल किया और करीब ₹1,388 करोड़ का भुगतान करके मामले को निपटाने की पेशकश की।

जनवरी 2026 में SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने बताया था कि अनुचित बाजार पहुंच से जुड़े मामले में NSE के सेटलमेंट आवेदन को ‘सैद्धांतिक मंजूरी’ दी गई है। इसके बाद SEBI से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने पर NSE बोर्ड ने IPO के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।।

NSE का वित्तीय प्रदर्शन

अवधिPATPAT में बदलावकुल आयकुल आय में बदलाव
FY25₹12,188 करोड़₹19,177 करोड़
FY26₹10,302 करोड़15% की गिरावट₹18,713 करोड़
Q1 FY26₹2,924 करोड़₹4,798 करोड़
Q1 FY27₹3,120 करोड़6.7% की बढ़ोतरी₹5,252 करोड़9.5% की बढ़ोतरी

NSE ने IPO के प्रबंधन के लिए 20 निवेश बैंकों को नियुक्त किया है। इनमें Kotak Mahindra Capital Company, JM Financial, Morgan Stanley, HSBC Holdings और Citigroup सहित कई बड़े बैंक शामिल हैं।

अब NSE IPO की आगे की राह SEBI की अंतिम मंजूरी, अपडेटेड DRHP, प्राइस बैंड और इश्यू की आधिकारिक तारीख जैसे महत्वपूर्ण कदमों पर निर्भर करेगी। अगर 25 सितंबर की प्रस्तावित लिस्टिंग समय पर होती है, तो यह भारतीय शेयर बाजार में इस साल की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक हो सकती है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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