कैप्टन पर होते रहे वार, हजारों फीट नीचे गिरा विमान; फ्लाई दुबई की फ्लाइट में आखिर कैसे बची 174 लोगों की जान

Flydubai Cockpit Attack Captain Smit Machchhar Savior
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Flydubai Cockpit Attack Story: फ्लाई दुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में जो हुआ, उसने विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू की जिंदगी खतरे में डाल दी। फ्लाइट के कैप्टन स्मित मच्छार के मुताबिक, उनके साथ कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं छोड़ी और ऐसा फैसला लिया, जिससे कॉकपिट का दरवाजा खुला और यात्रियों व क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया।

नमाज पढ़ने की बात कह कर कैप्टन पर हुआ हमला

कैप्टन स्मित मच्छार ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान इस पूरी घटना के बारे में बताया। उनके अनुसार, फ्लाइट के दौरान उनके साथ बैठे को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही थी। कैप्टन ने उसकी बात का सम्मान करते हुए पीछे मुड़कर देखने की कोशिश नहीं की।

कुछ समय बाद अचानक उनके सिर पर जोरदार वार होने लगे। शुरुआत में कैप्टन को लगा कि शायद विमान में तेज टर्बूलेंस के कारण उन्हें झटका लग रहा है। लेकिन लगातार कई वार होने के बाद उन्हें पता चला कि उन पर हमला किया जा रहा है।

हमले में कैप्टन की हालत काफी खराब हो गई। उनकी नजर धुंधली हो गई और उन्हें ठीक से दिखाई देना बंद हो गया। इसी दौरान उन्हें यह भी महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। यानी कॉकपिट में मौजूद स्थिति का असर सीधे विमान के नियंत्रण पर पड़ रहा था।

90 सेकंड में हजारों फीट नीचे आया विमान

हमले के बाद विमान का नियंत्रण प्रभावित हुआ और करीब 90 सेकंड में फ्लाइट हजारों फीट नीचे चली गई। इस मुश्किल समय में कैप्टन स्मित मच्छार लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने महसूस किया कि अगर वह इसी तरह पड़े रहे तो उनकी जान के साथ विमान में मौजूद यात्रियों की जिंदगी भी खतरे में पड़ सकती है।

इसके बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। बाहर मौजूद क्रू मेंबर भी दरवाजा खोलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावर इसे खुलने नहीं दे रहा था। ऐसे में कैप्टन ने कॉकपिट के अंदर मौजूद दरवाजे के नॉब तक पहुंचने की कोशिश की। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई और नॉब घुमा दिया। इसके बाद दरवाजा खुल गया।

दरवाजा खुलते ही यात्री और क्रू मेंबर कॉकपिट के अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। कैप्टन के मुताबिक, उस समय लिया गया यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण था।

इजरायल के प्रधानमंत्री ने कैप्टन को बताया हीरो

इस फ्लाइट में बड़ी संख्या में इजरायली यात्री मौजूद थे। घटना के बाद इस बात को लेकर भी सवाल उठे कि हमलावर का मकसद क्या था। हालांकि, दिए गए विवरण के आधार पर घटना के पीछे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पूरी घटना में कैप्टन स्मित मच्छार के फैसले की चर्चा हो रही है।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिससे बाहर मौजूद लोगों को अंदर आने का मौका मिला और हमलावर को नियंत्रित किया जा सका। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित से बात की और उन्हें हीरो बताया। इसके साथ ही उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान के साथ आमंत्रित किया गया है।

फ्लाई दुबई की इस घटना ने विमान की सुरक्षा और कॉकपिट में मौजूद पायलटों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक को-पायलट द्वारा अपने ही साथी पायलट पर हमला किए जाने की घटना के बाद जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। आरोपी की पहचान सामने आ चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ घटना के पीछे की वजह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Bhavna Kalyani

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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