आधार कार्ड में नाम गलत है? UIDAI ने बदल दिए नियम, अब छोटी गलती से लेकर सरनेम तक ऐसे होगा सुधार

आधार कार्ड में नाम की छोटी सी स्पेलिंग गलती, सरनेम का छूट जाना या शादी के बाद नाम बदलना अब अलग-अलग प्रक्रिया के तहत होगा। UIDAI ने आधार में नाम अपडेट करने को लेकर नई SOP जारी की है, जिसमें अलग-अलग तरह के नाम सुधार के लिए दस्तावेज और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
अगर आपके आधार में नाम गलत दर्ज है तो पहले यह समझना जरूरी है कि आपका मामला मामूली सुधार, डाटा एंट्री की गलती या पूरे नाम में बदलाव से जुड़ा है।
छोटी स्पेलिंग गलती या सरनेम में बदलाव के नियम
UIDAI की नई प्रक्रिया (Aadhar Card Name Correction Rule 2026) में मामूली नाम सुधार को अलग कैटेगरी में रखा गया है। इसमें नाम की स्पेलिंग ठीक करना, इनिशियल्स को पूरा नाम लिखना, मिडिल नेम में बदलाव करना, सरनेम जोड़ना या हटाना और नाम के क्रम में बदलाव जैसी स्थितियां शामिल हैं। ऐसे मामलों में आवेदक को अपनी पहचान साबित करने वाला वैध पहचान प्रमाण देना होगा।
यानी नाम में मामूली गलती होने पर इसे बिना दस्तावेज के सामान्य बदलाव मानकर अपडेट नहीं कराया जा सकेगा। हालांकि, कुछ छोटी फॉर्मेटिंग गलतियों के लिए अलग व्यवस्था है। उदाहरण के लिए नाम में गलती से कोई कैपिटल लेटर जुड़ गया है, अनावश्यक अक्षर आ गया है या डॉट जैसी छोटी त्रुटि है, तो हर मामले में सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अगर गलती से नाम की वास्तविक स्पेलिंग बदल गई है तो संबंधित दस्तावेज देना जरूरी हो सकता है।
आधार में डाटा एंट्री की गलती होने पर क्या होगा?
अगर किसी व्यक्ति का वास्तविक नाम सही है, लेकिन आधार बनाते समय डाटा एंट्री में गलती हो गई है, तो इसे सामान्य नाम बदलना नहीं माना जाएगा। ऐसे मामले में सही नाम को संबंधित दस्तावेजों के आधार पर वेरिफाई किया जाएगा। दस्तावेजों से सही जानकारी की पुष्टि होने के बाद आधार रिकॉर्ड में जरूरी सुधार किया जाएगा।
यानी डाटा एंट्री की गलती और व्यक्ति द्वारा खुद नाम बदलने के मामले को UIDAI की प्रक्रिया में अलग-अलग माना गया है।
UIDAI की डाटा एंट्री गलती और सरनेम बदलने के नियम
शादी के बाद सरनेम बदलने वालों के लिए भी UIDAI ने अलग व्यवस्था रखी है। अपडेटेड डॉक्यूमेंट लिस्ट में मैरिज सर्टिफिकेट को स्वीकार किया गया है। अगर मैरिज सर्टिफिकेट पर फोटो नहीं है, तो पुराने नाम वाला पहचान प्रमाण भी जरूरी हो सकता है।
इसी तरह तलाक के बाद नाम में बदलाव कराने के लिए डाइवोर्स सर्टिफिकेट जमा करना होगा। यानी नाम में बदलाव का कारण जिस स्थिति से जुड़ा है, उसी के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
पूरा नाम बदलने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
पूरे नाम को बदलने का मामला इससे अलग है। अगर कोई व्यक्ति सिर्फ स्पेलिंग सुधारने के बजाय अपना पूरा नाम बदलना चाहता है, तो इसके लिए गैजेटेड नोटिफिकेशन और पुराने नाम वाला पहचान प्रमाण देना होगा। केवल नया आधार कार्ड, शादी का कार्ड या कोई सामान्य दस्तावेज दिखाकर पूरा नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी।
इस तरह के बदलाव में दस्तावेजों का सही होना काफी जरूरी है, क्योंकि UIDAI की प्रक्रिया में नाम बदलने के कारण और उससे जुड़े प्रमाण के आधार पर जानकारी को वेरिफाई किया जाता है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के आधार में नाम अपडेट करने के लिए UIDAI ने अलग दिशा-निर्देश दिए हैं।
ऐसे मामलों में बर्थ सर्टिफिकेट और लीगल गार्जियनशिप से जुड़े जरूरी दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। अगर बच्चे के नाम की स्पेलिंग में गलती है या सरनेम में सुधार करना है तो आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर नाम को वेरिफाई कराया जाएगा। वहीं अगर बच्चे के आधार में नाम की जगह “Baby Of” दर्ज है और अब उसका वास्तविक नाम जोड़ना है, तो बर्थ सर्टिफिकेट के साथ जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आधार में नाम बदलने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड में नाम का सुधार या बदलाव कराने के लिए अब आवेदक को आधार अपडेट सेंटर जाना होगा। नाम में बदलाव के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर रहने के बजाय संबंधित दस्तावेजों के साथ सेंटर पर जाकर वेरिफिकेशन कराना होगा। आवेदक को अपने दस्तावेजों की ओरिजिनल कॉपी के साथ फोटो कॉपी भी रखनी चाहिए।
आधार में नाम अपडेट कराने की प्रक्रिया
नाम में सुधार या बदलाव के लिए सामान्य तौर पर ये चरण पूरे करने होंगे:
- अपॉइंटमेंट बुक करें: UIDAI के MyAadhaar Portal के जरिए नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है।
- आधार केंद्र जाएं: तय तारीख और समय पर अपॉइंटमेंट की जानकारी तथा जरूरी दस्तावेज लेकर आधार सेवा केंद्र पहुंचें।
- अपडेट फॉर्म भरें: केंद्र पर आधार अपडेट फॉर्म में अपना सही नाम स्पष्ट अक्षरों में दर्ज करें।
- दस्तावेजों का वेरिफिकेशन: अधिकारी आपके द्वारा दिए गए पहचान और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगे।
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: जहां आवश्यक होगा, वहां फिंगरप्रिंट या आईरिस जैसे बायोमेट्रिक के जरिए आपकी पहचान की पुष्टि की जा सकती है।
- फीस जमा करें: नाम अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
- रसीद संभालकर रखें: प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाली रसीद पर दर्ज अपडेट रिक्वेस्ट नंबर के जरिए आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
नाम अपडेट होने के बाद अपडेटेड ई-आधार ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है। नाम बदलने की सामान्य सीमा भी लागू होती है। इसलिए बार-बार नाम बदलने की जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।
नाम में सुधार के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
UIDAI ने नाम में बदलाव की अलग-अलग स्थितियों के लिए अलग दस्तावेज तय किए हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका मामला किस कैटेगरी में आता है।
मामूली स्पेलिंग या नाम में छोटा बदलाव: अगर नाम की स्पेलिंग ठीक करनी है, मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना या हटाना है, तो मान्य पहचान प्रमाण की जरूरत हो सकती है। इनमें पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या फोटो वाली बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
शादी के बाद सरनेम बदलना: शादी के बाद नाम या सरनेम अपडेट कराने के लिए संबंधित दस्तावेज देने होंगे। स्थिति के अनुसार फोटो वाला पहचान प्रमाण, रजिस्टर्ड मैरिज सर्टिफिकेट या निर्धारित फॉर्मेट में एफिडेविट मांगा जा सकता है।
तलाक के बाद नाम बदलना: तलाक के बाद नाम में बदलाव कराने के लिए फैमिली कोर्ट की डिवोर्स डिक्री के साथ निर्धारित एफिडेविट की जरूरत हो सकती है।
पूरा नाम बदलना: अगर केवल स्पेलिंग सुधारने के बजाय पूरा नाम बदलना है, तो सामान्य पहचान पत्र पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे मामले में भारत सरकार या राज्य सरकार का गैजेट नोटिफिकेशन और पुराने नाम वाला वैध पहचान प्रमाण देना जरूरी हो सकता है।
Alias या उर्फ नाम हटाना: अगर आधार में दर्ज उर्फ या Alias नाम को हटाना है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित एफिडेविट देना पड़ सकता है। बच्चों और वयस्कों के लिए इसके दस्तावेज अलग हो सकते हैं।
आधार ऑपरेटर की गलती: अगर आवेदक के दस्तावेजों में नाम सही था, लेकिन आधार केंद्र पर डाटा एंट्री के दौरान नाम गलत दर्ज हो गया, तो इसे अलग श्रेणी में देखा जाएगा। ऐसे मामले में संबंधित दस्तावेज और निर्धारित फॉर्म या एफिडेविट के जरिए सही जानकारी का वेरिफिकेशन कराया जा सकता है।
इसलिए आधार कार्ड में नाम अपडेट कराने से पहले अपने मामले की सही कैटेगरी पहचानना जरूरी है। सही दस्तावेज लेकर आधार अपडेट सेंटर जाने से आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करने में आसानी हो सकती है।

