GST Council Meeting: 7 अक्टूबर नहीं, अब इस तारीख को होगी बैठक, कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को मिल सकती है बड़ी राहत

57th GST Council Meeting: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन अब यह 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। बैठक में GST नियमों को आसान बनाने और कारोबारियों को राहत देने से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।
गिरफ्तारी और मुकदमेबाजी के नियमों में बदलाव की तैयारी
जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी कानून के तहत गिरफ्तारी और मुकदमेबाजी से जुड़े मौजूदा प्रावधानों को आसान बनाने पर चर्चा संभव है। प्रस्ताव के अनुसार, हर मामले में आपराधिक कार्रवाई पर जोर देने के बजाय टैक्स की वसूली, ब्याज और जुर्माने जैसे नागरिक उपायों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
बहुत गंभीर मामलों को छोड़कर मुकदमेबाजी को सीमित करने का विचार है। इसके साथ ही प्रोसिक्यूशन शुरू करने की सीमा को मौजूदा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि छोटे और कम गंभीर मामलों में कारोबारियों पर आपराधिक कार्रवाई का खतरा कम हो सकता है।
कुछ छोटे अपराधों को हल्की श्रेणी में रखने या उन्हें समाप्त करने पर भी विचार किया जा सकता है। न्यूनतम सजा की अनिवार्यता हटाने और अलग-अलग मामलों में जुर्माना लगाने का विकल्प देने पर भी चर्चा हो सकती है। हालांकि, ये सभी प्रस्ताव अभी विचार के स्तर पर हैं और अंतिम फैसला काउंसिल की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
एक्सपोर्टर्स को मिल सकता है तेज और ऑटोमैटिक GST रिफंड
निर्यातकों के लिए जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने का प्रस्ताव भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकता है। मौजूदा व्यवस्था में रिफंड मिलने में समय लगने से कारोबार की नकदी पर असर पड़ता है।
प्रस्ताव के तहत जोखिम की जांच पूरी होने के बाद 90 प्रतिशत योग्य रिफंड को ऑटोमैटिक तरीके से जारी किया जा सकता है। बाकी 10 प्रतिशत राशि जरूरी सत्यापन के बाद देने का विचार है। इससे पात्र निर्यातकों को अपने पैसे के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
रिफंड आवेदन की रसीद देने के लिए 10 दिनों की समयसीमा तय करने का प्रस्ताव भी सामने आ सकता है। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो आवेदन को स्वतः स्वीकार किया हुआ माना जा सकता है।
रिफंड प्रक्रिया में कस्टम्स, आरबीआई और अन्य उपलब्ध सरकारी डाटा का सीधे इस्तेमाल करने की योजना पर भी विचार हो सकता है। इससे निर्यातकों को बार-बार अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम हो सकती है। यह व्यवस्था सर्विसेज, प्लांट मशीनरी और ड्यूटी ड्रॉबैक एक्सपोर्टर्स तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है।
छोटे कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को मिल सकती है राहत
GST व्यवस्था में छोटे कारोबारियों के लिए भी राहत देने वाले कई प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। जिन व्यापारियों से किसी कारण समय पर रिटर्न दाखिल नहीं हो पाया है, उनकी लेट फीस माफ करने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। सामान्य जुर्माने और पेनल्टी को भी अधिक उचित बनाने पर विचार संभव है।
इसके अलावा नए और पात्र आवेदकों के लिए GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की योजना है। इससे उन लोगों को फायदा मिल सकता है जो नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं और GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में देरी का सामना करते हैं।
अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो छोटे कारोबारियों के लिए अनुपालन का बोझ कम हो सकता है। वहीं, गिरफ्तारी के प्रावधानों में बदलाव और प्रोसिक्यूशन की सीमा बढ़ने से कारोबारियों को कानूनी मामलों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक अब 8 अक्टूबर को सुबह 11 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगी। तारीख में बदलाव के पीछे अपरिहार्य कारण बताए गए हैं। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों पर कारोबारियों और टैक्सपेयर्स की नजर रहेगी। हालांकि, अभी जिन बदलावों की चर्चा हो रही है वे प्रस्ताव के स्तर पर हैं। अंतिम नियम और राहत बैठक के आधिकारिक फैसलों के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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