इस दिवाली कुबेर महराज को चढ़ाएं ये खास चीजें, पैसों से भर जाएगी आपकी तिजोरी

Kuber Puja Items Diwali 2025
1 min read

Diwali 2025: दिवाली का त्योहार सिर्फ मां लक्ष्मी की पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धन और समृद्धि के देवता भगवान कुबेर की आराधना का भी शुभ अवसर है। बता दें कि शास्त्रों में कुबेर जी को ‘धन के अधिपति’ कहा गया है। माना जाता है कि अगर दिवाली की रात उनके प्रिय वस्त्र और वस्तुएं (Kuber Puja Items) अर्पित की जाएं, तो घर में धन, अन्न और समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।

Kuber Puja Items: कुबेर पूजा में जरूर चढ़ाएं ये चीजें

आइए जानते हैं वो खास चीजें जो कुबेर जी को सबसे प्रिय हैं और जिन्हें अर्पित करने से धन-संपत्ति कभी कम नहीं होती।

धनिया: धनिया को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पूजा में सूखा धनिया या धनिया पंजीरी चढ़ाने से आर्थिक संकट दूर होते हैं। खास तौर पर यह माना जाता है कि इससे घर का भंडार हमेशा भरा रहता है।

कमलगट्टा: कमलगट्टा यानी कमल के बीज मांता लक्ष्मी और कुबेर दोनों को प्रिय हैं। इसे अर्पित करने से स्थायी धन की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। गौरतलब है कि कमल को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना गया है।

ये भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज की बिगड़ती तबीयत के बीच मदद के लिए आगे आए एजाज खान, किडनी डोनेट करने की जताई इच्छा

इत्र: भगवान कुबेर को सुगंध बेहद पसंद है। पूजा में इत्र या सुगंधित द्रव्य अर्पित करने से वातावरण पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। यह ऐश्वर्य और सम्पन्नता का प्रतीक है।

सुपारी और लौंग: सुपारी दृढ़ता और स्थायित्व दर्शाती है, जबकि लौंग पवित्रता और सुरक्षा का प्रतीक है। इन दोनों को अर्पित करने से पूजा में शुभता आती है और घर की रक्षा होती है।

गेंदे के फूल: कुबेर जी को गेंदे के फूल बेहद पसंद हैं। पूजा में नियमित रूप से इन फूलों को अर्पित करने से सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है।

इलायची और दूर्वा: इलायची को शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। इसकी खुशबू से घर में लक्ष्मी-कुबेर की कृपा आती है। वहीं दूर्वा यानी हरी घास नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मकता लाती है।

खीर और लापसी: भोजन के रूप में भगवान कुबेर को चावल की खीर और घी से बनी लापसी बेहद प्रिय है। खीर जीवन में मिठास लाती है, जबकि लापसी से घर का अन्न भंडार भर जाता है।

ये भी पढ़ें: Dhanteras 2025: इस साल कब मनाया जाएगा धनतेरस? जानिए शुभ मुहूर्त, खरीदारी का सही समय और खास योग

दिवाली पर कुबेर पूजा का लाभ

दिवाली का पर्व सिर्फ दीप जलाने या मिठाइयाँ बाँटने का नहीं, बल्कि धन और समृद्धि के देवता भगवान कुबेर की कृपा पाने का भी अवसर है। माना जाता है कि अगर अमावस्या की रात, यानी 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को श्रद्धा और विधि-विधान से कुबेर जी की पूजा की जाए और उन्हें उनकी प्रिय वस्तुएँ जैसे कमलगट्टा, धनिया और इत्र अर्पित किया जाए, तो घर में धन, सुख और समृद्धि स्थायी रूप से बनी रहती है।

2025 में कब है दिवाली?

इस वर्ष दिवाली की रात अत्यंत शुभ योग बनेगा क्योंकि इस दिन मांता लक्ष्मी और कुबेर महराज की पूजा एक साथ की जाएगी, जिससे आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलेंगे। बता दें की अयोध्या में राम मंदिर की दिवाली 21 अक्टूबर (मंगलवार) को मनाई जाएगी, जहाँ तीन दिनों तक चलने वाले भव्य दीपोत्सव में लगभग 30 लाख दीपक जलाकर अयोध्या को प्रकाश से सराबोर किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: Chhath Puja 2025: दिवाली के बाद फिर गूंजेगी घाटों पर छठ मैया के गीत, जानिए नहाय खाय और खरना से लेकर उगते सूर्य को अर्घ्य देने तक सही तिथियां व शुभ मुहूर्त

बता दें कि इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु देशभर से पहुंचेंगे, जिससे यह आयोजन अब तक का सबसे बड़ा “दीपोत्सव” बनने की ओर अग्रसर है।

ऐसे ही और महत्वपूर्ण खबरों को अपने फोन पर पाने के लिए, जुड़िए हमारे साथ

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें