Rajpur: 25 प्रतिशत का बनाया था हिस्सेदार, बाप-बेटों ने मिलकर लगाया करोड़ों का चूना

Rajpur Buxar News
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Rajpur: नमस्कार दोस्तों बिहार का बक्सर जिला (Buxar District) अक्सर सुर्खियों में बना रहता है। और इसी बीच एक बार फिर नया मामला Buxar के राजपूर इलाके से आया है। अब फिलहाल आपको बता दें कि राजपूर इलाके से सामने आया यह मामला ठगी और धोखाधड़ी का बताया जा रहा है। दरसल दानापुर के एक बड़े वेवसाइ को rajpur के कुछ लोगों ने करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया है। अब क्या है पूरा मामला और कौन-कौन लोग इस मामले में सम्मिलित है उसकी जानकारी चलिए हम आपको बताते हैं।

2 करोड़ रुपये किया गया खर्च

बता दें कि आज से तकरीबन 3 दिन पहले यानी शुक्रवार को मुफस्सिल थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कि गई थी। वहीं थाने में दर्ज इस प्राथमिकी में शिकायतकर्ता रामाशंकर शर्मा ने पुलिस को बताया है कि बिते वर्ष यानि साल 2023 के मार्च महिने में, उन्होंने चौसा के बेचनपुरवा में थर्मल पावर प्लांट के नजदीक फेबर ब्लॉक व फ्लाई एश बनाने का प्लांट लगाया था। उन्होंने बताया कि इस प्लांट में लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किया गया है।

Rajpur में लगाया था प्लांट

रामाशंकर शर्मा ने आगे बताया कि इस प्लांट के लिए उन्हें राजपुर थाना श्रेत्र से 2 लोगों ने संपर्क किया। इन दो लोगों का पहचान राजपुर थाना श्रेत्र के खानपुर गांव निवासी दीपक कुमार उर्फ बिट्टू और उनके भाई विकास कुमार के रूप में हुवा है। रामाशंकर ने बताया कि वह पटना में कंपनी चलाते हैं। उन्होंने अपने कंपनी का नाम रामायुस इन्फ्रा डेवलपर्स एलएलपी बताया है। व्यवसायी रामाशंकर ने बताया कि पटना में मौजूद अपने कंपनी के शाखा का विस्तार करने के लिहाज से ही Rajpur में फेबर ब्लॉक व फ्लाई एश बनाने का प्लांट लगाया था।

25 प्रतिशत का बनाया था हिस्सेदार

रामाशंकर ने बताया कि उन्होंने rajpur निवासी दिपक और विकास को प्लांट में 25 प्रतिशत का हिस्सेदार बनाया था। जिसके मुताबिक जो भी मुनाफा होगा, उसमें 25 प्रतिशत हिस्सा इन लोगों को जाएगा। इसके बाद उन्होंने आगे बताया कि वर्ष में एक बार पूरे कारोबार का हिसाब किया जाना था। लेकिन, जब हिसाब के लिए तय किया गया समय नजदीक आने लगा तो इन लोगों ने संपर्क करना छोड़ दिया।

मशीन उठाकर ले भागें

रामाशंकर ने कहा कि दोनों भाइ बालाजी इंजीनियरिंग एलटीडी नाम की कंपनी से मिलकर, सारा सामान बेचने लगे। उन्होंने बताया कि जब मैं आमदनी और खर्च का हिसाब बनाने के लिए उनपर दबाव बनाने लगा तो दोनों भाइयों ने सारा सामान बेच दिया। इसके अलावा बेचनपुरवा प्लांट पे मौजूद मशीने तक उठाकर ले भागें।

हस्ताक्षर का नकल बनाकर बैंक से लाखों रुपए कि निकासी

व्यवसायी रामाशंकर ने बताया कि राजपुर थाना के दीपक और उनके भाई विकास ने प्लांट में रॉ मैटेरियल जैसे बालू और गिट्टी गिराने के नाम पर मेरे बेटे आयुष के हस्ताक्षर का नकल बनाकर बैंक से लाखों रुपए कि निकासी भी किया है। उन्होंने निकासी रकम के संदर्भ में बताया कि दीपक और उनके भाई ने खाते से तकरीबन ₹78,76,965 की निकासी कि है।

फर्जीवाड़ा में पिता और चचेरे भाई हैं सामिल

बता दें कि रामाशंकर के कहे अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़ा में इन दोनों के पिता जिनका नाम रामप्रवेश सिंह बताया जा रहा है और चचेरे भाई जिनका नाम संचित यादव बताया है, वो सामिल है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक व्यवसायी रामाशंकर ने थाने के समक्ष अपने और राजपुर निवासी लोगों के बीच व्यवसाय को लेकर हुए करार नामा का दस्तावेज भी प्रस्तुत किया है।

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व्यवसायी रामाशंकर ने बताया कि अगर पुलिस rajpur निवासी इन लोगों के बैंक खातों के विवरण का जांच करेगी तो असलियत अपने आप सामने आ जाएगा। फिलहाल बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर लीया है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

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