पहले मिली जान से मारने की धमकी, अब थाने के सामने चाकू से गोद कर हत्या, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

बिहार से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे चौकीदार पर अचानक हमला कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना थाना के सामने हुई। मृतक की पत्नी ने पहले भी जान से मारने की धमकी की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। अब पुलिस पर बड़े सवाल उठ रहे हैं और पूरे इलाके में चर्चा तेज है।
ड्यूटी से घर लौट रहे चौकीदार पर जानलेवा हमला
नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड के धमौल थाना क्षेत्र में चौकीदार जितेंद्र पासवान पर उस समय हमला कर दिया गया, जब वह रविवार देर शाम अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। जितेंद्र पासवान कादिरगंज थाना में तैनात थे और बेरमी गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े आठ बजे बेरमी मोड़ के पास एक दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि पहले लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, फिर चाकू से शरीर पर कई वार किए गए। इसी दौरान पुलिस की जीप मौके पर पहुंची तो हमलावर वहां से भाग निकले। इसके बाद घायल चौकीदार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
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इलाज के दौरान चौकीदार ने तोड़ा दम
हमले में गंभीर रूप से घायल जितेंद्र पासवान को पहले पकरीबरावां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उन्हें पावापुरी वीम्स भेज दिया। वहां से बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस दुखद खबर के बाद परिवार समेत पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। इधर पकरीबरावां थानाध्यक्ष रंजन चौधरी ने बताया कि चौकीदार पर अचानक हमला किया गया था और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
शराब माफिया पर शक, पुलिस पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि जितेंद्र पासवान ने तुर्कवन गांव में चल रही अवैध शराब बिक्री की जानकारी पुलिस को दी थी, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया। इस हत्या मामले (Nawada Watchman Murder Case) में आनंदी यादव के बेटे रामपत कुमार और उसके साथियों पर आरोप लगाया गया है।
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वहीं मृतक की पत्नी ने बताया कि,
करीब छह महीने पहले भी उनके पति को जान से मारने की धमकी मिली थी और इसकी लिखित शिकायत थाना में दी गई थी, लेकिन कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
परिजनों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती तो आज जान नहीं जाती। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने पुलिस गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। अब लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और सभी की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।


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