अब ऐसे खाते में आएगी बिहार के सरकारी शिक्षकों की सैलरी, 10 अक्टूबर से पहले करना होगा ये काम

Bihar Teachers Salary 2026: बिहार के सरकारी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान को लेकर नया अपडेट सामने आया है। वित्त वर्ष 2026-27 से शिक्षकों की सैलरी का भुगतान SNA-SPARSH व्यवस्था के जरिए करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए शिक्षा विभाग सभी शिक्षकों का जरूरी व्यक्तिगत और बैंकिंग डेटा जुटा रहा है। हर शिक्षक और प्रधानाध्यापक के लिए एक अलग Pay-ID तैयार की जाएगी, जिससे वेतन भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा।
SNA-SPARSH से होगा सरकारी शिक्षकों के वेतन का भुगतान
वित्त वर्ष 2026-27 में बिहार शिक्षा विभाग सरकारी शिक्षकों के वेतन भुगतान को SNA-SPARSH व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी में है। यह केंद्र सरकार की योजनाओं में डिजिटल फंड ट्रांसफर और वित्तीय प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था है। बिहार सरकार अब इसे अपने वेतन भुगतान सिस्टम से जोड़ने जा रही है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों के वेतन से जुड़ी प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके लिए सभी वेतन पाने वाले शिक्षकों का डेटा केंद्रीय सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। अलग-अलग जिलों से शिक्षकों की जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि सभी कर्मचारियों की नई Pay-ID बनाई जा सके। विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 10 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की समय सीमा तय की है।
हर शिक्षक और प्रधानाध्यापक की बनेगी अलग Pay-ID
SNA-SPARSH व्यवस्था के तहत प्रत्येक शिक्षक और प्रधानाध्यापक की विशिष्ट Pay-ID तैयार की जाएगी। इस डिजिटल पहचान के जरिए कर्मचारी की जानकारी को सिस्टम में आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। Pay-ID बनने के बाद वेतन जारी होने से लेकर बैंक खाते में रकम पहुंचने तक की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से देखा जा सकेगा।
इससे भुगतान से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। Pay-ID बनाने के लिए शिक्षकों की व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी सही होना जरूरी है। इसी वजह से विभाग शिक्षकों से संबंधित दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी जुटा रहा है। डेटा में किसी तरह की गलती होने पर आगे भुगतान प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
दस्तावेजों की जांच के बाद तैयार होगा वेतन भुगतान का दावा
बिहार शिक्षा विभाग शिक्षकों की व्यक्तिगत जानकारी के साथ बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज भी इकट्ठा कर रहा है। इसमें बैंक पासबुक की कॉपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। शिक्षकों से प्राप्त डेटा को CFMS 2.0 पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
इसके बाद जानकारी की जांच और सत्यापन किया जाएगा। बजट के आधार पर वेतन का दावा तैयार होगा और आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि SNA-SPARSH व्यवस्था लागू होने का मतलब शिक्षकों की सैलरी बढ़ना नहीं है। वेतन की राशि में किसी तरह के बदलाव की जानकारी नहीं दी गई है। बदलाव मुख्य रूप से वेतन भुगतान की डिजिटल प्रक्रिया में होगा।
ऐसे में शिक्षकों को अपने बैंक खाते, आधार और पैन से जुड़ी जानकारी ध्यान से उपलब्ध करानी होगी। यदि बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेजों में नाम, खाता या दूसरी जानकारी में कोई अंतर है, तो उसे समय रहते संबंधित विभागीय अधिकारी के संज्ञान में लाना जरूरी होगा।
विभाग का लक्ष्य 10 अक्टूबर 2026 तक जरूरी डेटा और Pay-ID से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करना है। इसके बाद आने वाले समय में बिहार के सरकारी शिक्षकों का वेतन SNA-SPARSH व्यवस्था के माध्यम से भेजे जाने की तैयारी है। इसलिए शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी जानकारी सही दें, ताकि भविष्य में वेतन भुगतान के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो।

