बक्सर: बंद घर का ताला तोड़ करना चाहा कब्जा, लाखों का समान भी चोरी… महिला ने बहू-बेटे पर दर्ज कराई FIR

बक्सर (पांडेयपट्टी): बिहार के बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से पारिवारिक विवाद और घर पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर के पांडेयपट्टी स्थित मित्रलोक कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने अपने सौतेले बेटे और बहू पर बंद घर का ताला तोड़कर अवैध रूप से कब्जा करने और लाखों रुपये का सामान चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।
पांडेयपट्टी में घर पर कब्जे का आरोप
बक्सर शहर के पांडेयपट्टी स्थित मित्रलोक कॉलोनी में रहने वाली अनुसुइया पांडेय ने अपने घर पर अवैध कब्जे की शिकायत की है। उनका कहना है कि उन्होंने मायके के सहयोग से जमीन खरीदकर यह घर बनवाया था। उनके पास घर से जुड़े वैध कागजात भी हैं।
अनुसुइया के अनुसार,
वह घर में ताला लगाकर हरियाणा में नौकरी करने वाले अपने पति मृत्युंजय पांडेय के पास गई थीं। इसी दौरान 18 मई को उनके सौतेले बेटे राहुल पांडेय और उसकी पत्नी चिंतामणी ने कथित तौर पर घर का ताला तोड़ दिया और अंदर कब्जा कर लिया।
महिला का आरोप है कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो वह हरियाणा से वापस बक्सर पहुंचीं। उन्होंने घर में मौजूद लोगों से दरवाजा खोलने और उन्हें अंदर जाने देने का आग्रह किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
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मुफस्सिल थाने में दर्ज हुई FIR
घर में प्रवेश न मिलने और लगातार मिल रही धमकियों के बाद अनुसुइया पांडेय ने मुफस्सिल थाने की शरण ली। उन्होंने पुलिस के समक्ष मकान के मालिकाना हक के दस्तावेज और अपने पति मृत्युंजय पांडेय का लिखित बयान भी प्रस्तुत किया।
शिकायत के अनुसार, इससे पहले चिंतामणी ने खुद को उस घर की बहू बताते हुए वहां प्रवेश किया था। अनुसुइया का आरोप है कि महिला आयोग का नाम लेकर पूरे मामले को अलग रूप देने की कोशिश की गई और मीडिया को भी गुमराह किया गया।
मामले (Pandeypatti House Dispute) में मुफस्सिल थाने की पुलिस ने 17 जुलाई को भारतीय दंड विधान की धारा 308(2), 329(4), 324(2) और 351(2) के तहत दो नामजद आरोपियों समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने का मतलब आरोपों का अदालत में साबित होना नहीं है। मामले में आरोपों की सच्चाई का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
सामान चोरी और धमकी का आरोप
अनुसुइया पांडेय का आरोप है कि घर पर कब्जा करने के दौरान वहां रखा दो लाख रुपये से अधिक का सामान भी चोरी कर लिया गया। उन्होंने घर के बाहर लगी नेम प्लेट तोड़े जाने की बात भी कही है। उनका कहना है कि जब भी वह अपने घर जाती हैं, वहां मौजूद लोग उन्हें धमकी देते हैं।
पीड़िता के मुताबिक, वह पिछले दो महीने से जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक अपेक्षित मदद नहीं मिली। जब वह जिलाधिकारी के पास गईं तो उन्हें न्यायालय जाने की सलाह दी गई।
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अनुसुइया ने इस मामले में चिंतामणी के पिता त्रिभुवन चौबे उर्फ टीएन चौबे और उसके भाइयों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि,
यदि किसी को संपत्ति में हिस्सा चाहिए तो वह अपने पैतृक घर या गांव की संपत्ति में अपना अधिकार मांग सकता है, लेकिन उनके घर पर कब्जा करना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात सुने बिना खबर प्रकाशित किए जाने को लेकर उन्होंने सहयोग पोर्टल पर शिकायत की है। वह चाहती हैं कि उनके पक्ष को भी सुना जाए और घर से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच हो।
वहीं, मृत्युंजय पांडेय ने कहा कि,
पांडेयपट्टी स्थित घर उनकी संपत्ति नहीं है। उनका घर और गांव कैमूर जिले के पजराव में है।
उनके अनुसार, पजराव में मौजूद पैतृक संपत्ति में जिसका जो अधिकार बनता है, वह अपना हिस्सा ले सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुसुइया पांडेय को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
फिलहाल, मामले में दर्ज प्राथमिकी और दोनों पक्षों के बयानों के बीच घर के स्वामित्व, कथित कब्जे और सामान चोरी के आरोप जांच का विषय हैं। इन आरोपों पर अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

