बक्सर के लिए दुखद खबर! डुमरांव के महाराज चंद्रविजय सिंह का निधन, पूरे जिले में शोक की लहर

Dumraon Maharaj Chandra Vijay Singh Dumraon Maharaj Death
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Dumraon Maharaj Death: बक्सर जिले में आज दुख की लहर दौड़ गई है। डुमरांव के महाराज चंद्रविजय सिंह का दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। बता दें की महाराज चंद्रविजय सिंह का परिवार दशकों से क्षेत्र की राजनीति और परंपराओं का प्रतीक रहा है। उनके आकस्मिक निधन ने न केवल राजपरिवार बल्कि जिले के सामाजिक और राजनीतिक जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है।

दिल्ली में महाराज चंद्रविजय सिंह ने ली अंतिम सांस (Dumraon Maharaj Death)

डुमरांव राजपरिवार के प्रमुख महाराज चंद्रविजय सिंह का निधन शनिवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुआ, वे लगभग 78 वर्ष के थे। हालाकी कुछ दिन पहले अचानक स्वास्थ्य में गिरावट आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है की महाराज चंद्रविजय सिंह का परिवार बक्सर जिले में ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व का प्रतीक रहा है।

उनके पिता महाराजा बहादुर कमल सिंह के निधन के बाद उन्हें महाराज घोषित किया गया और उन्होंने अधिकतर समय डुमरांव में बिताया। महाराज चंद्रविजय सिंह न केवल राजपरिवार के प्रमुख थे, बल्कि जिले की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। उनके ज्येष्ठ पुत्र शिवांग विजय सिंह हाल ही में विधानसभा चुनाव की तैयारी में थे, लेकिन इस दुखद घटना ने उनके राजनीतिक अभियान को गहरा झटका दिया।

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कैसे हुवा महाराज चंद्रविजय सिंह का निधन

बता दें की डुमरांव के महाराज चंद्रविजय सिंह कैंसर के शिकार हो गयें थे, लेकिन इलाज के बाद उनके सेहत मे अच्छा खासा सुधार हुवा था। इसी बीच हाल ही में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और शुक्रवार को स्वास्थ्य में गिरावट के कारण ICU में स्थानांतरित किया गया। जिसके बाद शनिवार को चिकित्सकों ने पुष्टि की कि अब महाराज चंद्रविजय सिंह इस दुनिया में नहीं रहे।

राजनीतिक और पारिवारिक धरोहर पर महाराज के निधन का गहरा असर

बता दें की राजपरिवार को ऐतिहासिक धरोहर और परंपराओं का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उनके आकस्मिक निधन को बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है की महाराज की पत्नी कनिका सिंह और दो पुत्र, ज्येष्ठ शिवांग विजय और समृद्ध विजय, इस कठिन समय में परिवार को संभाल रहे हैं। विशेष रूप से डुमरांव राजपरिवार की परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी इस दुखद घटना का असर पड़ा है।

दरअसल राजपरिवार में दुर्गा पूजा के दौरान तौजी परंपरा निभाने की परंपरा रही है, लेकिन महाराज के निधन के बाद इस परंपरा पर भी सवाल उठने लगे हैं। महराज के ज्येष्ठ पुत्र शिवांग विजय फिलहाल राजनीति में सक्रिय हैं और इस कठिन समय में परिवार, सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियां उनके कंधों पर और भी बढ़ गई हैं।

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सामाजिक और राजनीतिक जगत से संवेदनाएं और शोक

डुमरांव महाराज के निधन ने बक्सर में न केवल राजपरिवार बल्कि पूरे सामाजिक और राजनीतिक जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। बता दें की रोटरी अध्यक्ष डॉ दिलशाद आलम, रेडक्रॉस सचिव डॉ श्रवण कुमार तिवारी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉ राजेश मिश्रा और डॉ राजीव झा सहित कई गणमान्य लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई और धैर्य बनाए रखने की प्रार्थना की।

कांग्रेस युवा प्रदेश महासचिव पंकज उपाध्याय और प्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉक्टर एके सिंह ने भी दुःख व्यक्त किया। बहरहाल उनका जीवन हमेशा अपने परिवार और जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है, और उनके योगदान को बक्सर के लोग लंबे समय तक याद करेंगे।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

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