बिहार को दहलाने की थी तैयारी, सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम की बड़ी साजिश; 300 किलो विस्फोटक और 175 डेटोनेटर बरामद
Gaya Naxal Operation: बिहार के गया जिले से बड़ी खबर सामने आई है। बता दें की सुरक्षा बलों ने समय रहते नक्सलियों की एक बड़ी और खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया। CRPF की 215 बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने लुटुआ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में छिपे एक गुप्त ठिकाने पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है।
यह बरामदगी ऐसे समय में हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को हमले की आशंका की गुप्त सूचना मिली थी। आखिर क्या था पूरा प्लान और कैसे हुआ खुलासा, आइए जानते हैं।
गया के जंगलों में चला सघन सर्च ऑपरेशन
गया जिला लंबे समय से नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील इलाका माना जाता रहा है। हालाकी पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से इनकी गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लगी है, लेकिन हालिया बरामदगी यह साफ संकेत देती है कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
गुप्त सूचना मिलने के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 215 बटालियन और गया पुलिस ने लुटुआ थाना क्षेत्र के भुसिया, महादेव, सिंघवा बाली, शिकारी कुआं और गुलरिया शरीफ पहाड़ में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। जानकारी मिली थी कि नक्सली किसी बड़े हमले की तैयारी में हैं।
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तलाशी के दौरान लडुईया पहाड़ के घने जंगल में एक गुफानुमा ठिकाना मिला, जिसे इतनी चालाकी से बनाया गया था कि सामान्य नजर से उसे पहचान पाना मुश्किल था। जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण यह स्थान नक्सलियों के लिए सुरक्षित अड्डा बना हुआ था।
घने जंगल में बना था गुप्त अड्डा
सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर जब तलाशी शुरू की तो उन्हें एक छिपा हुआ अड्डा मिला। यह स्थान पूरी तरह जंगल से ढंका हुआ था और आसपास का इलाका बेहद दुर्गम था। हालाकी जवानों की सतर्कता और सूझबूझ से इस ठिकाने तक पहुंचना संभव हो पाया।
बताया जा रहा है कि यह अड्डा लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां नक्सलियों ने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री जमा कर रखी थी, जो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार की जा रही थी।
गया के जंगल से 300 किलो विस्फोटक बरामद
गया के लुटुआ थाना क्षेत्र में चलाए गए अभियान (Gaya Naxal Operation) के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री हाथ लगी, जिसने सबको चौंका दिया। कार्रवाई में करीब 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, 175 डेटोनेटर, लगभग 1000 मीटर तार और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) यानी देसी बम बनाने में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई।
इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलना साफ संकेत देता है कि नक्सलियों की तैयारी किसी बड़े हमले के लिए थी। जानकारों का मानना है कि अगर यह विस्फोटक इस्तेमाल हो जाता तो भारी जानमाल का नुकसान हो सकता था। हालाकी सुरक्षा बलों की सतर्कता से यह खतरा समय रहते टल गया।
बरामद सभी विस्फोटकों को बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया, जिससे इलाके में किसी भी संभावित हादसे की आशंका पूरी तरह खत्म हो गई।
गया नक्सल ऑपरेशन पर कमांडेंट का बड़ा बयान
सीआरपीएफ की 215 बटालियन के सहायक कमांडेंट संजीत कुमार पांडेय ने कहा कि,
यह पूरी कामयाबी जवानों की सतर्कता और बेहतर तालमेल का नतीजा है। नक्सलियों ने घातक इरादा बना रखा था और बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी, लेकिन हमारे जवानों ने समय रहते उनकी योजना को नाकाम कर दिया।
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उन्होंने बताया कि,
नक्सलियों द्वारा इकट्ठा की गई विस्फोटक सामग्री को बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिससे बड़ा खतरा टल गया। इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है ताकि नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
बता दें की बरामद सामग्री की मात्रा से ये बात साफ है कि सुरक्षा बलों या किसी बड़े लक्ष्य को निशाना बनाने की तैयारी थी, हालाकी त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ी घटना टल गई। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम की सराहना की है और क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। साफ संकेत है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
