ये हैं धरती के वो 5 सुपरपावर देश जिनके पास है पूरी दुनिया में हमला करने की ताकत, जाने भारत कहाँ खड़ा है इस दौड़ में

Global Strike Capability 2025
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Global Strike Capability: मौजूदा समय में वैश्विक राजनीति का माहौल बेहद जटिल हो चुका है। कई देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए आधुनिक हथियार और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं। लेकिन पूरी दुनिया में कहीं भी हमला करने की असली क्षमता फिलहाल सिर्फ 5 देशों के पास है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सूची में भारत का नाम नहीं है, हालांकि भारत की मिसाइल तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है और उसका लक्ष्य एशिया के भीतर मजबूत क्षेत्रीय रक्षा कवच बनाना है।

कौन है दुनिया का सबसे ताकतवर मिसाइल शस्त्रागार?

RS-28 Sarmat ICBM

रूस दुनिया का सबसे ताकतवर मिसाइल शस्त्रागार रखता है, जिसकी मारक क्षमता का मुकाबला करना किसी देश के लिए आसान नहीं। इसकी RS-28 Sarmat ICBM लगभग 18,000 किमी की दूरी तय कर एक ही वार में महाद्वीप पार कर सकती है, जबकि Burevestnik Cruise Missile परमाणु ऊर्जा से संचालित है और कथित तौर पर इसकी रेंज असीमित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस की ये क्षमताएं उसे वैश्विक सैन्य रणनीति में शीर्ष पर बनाए रखती हैं।

अमेरिका की वैश्विक हमला क्षमता

Minuteman III Missile

अमेरिका अपनी Global Strike Capability के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। उसकी Minuteman III मिसाइल 13,000 किमी से ज्यादा दूरी तय कर सकती है, जो अमेरिकी न्यूक्लियर ट्रायड का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही, अमेरिका के पास न्यूक्लियर-पावर्ड पनडुब्बियों का विशाल बेड़ा है, जो समुद्र के किसी भी हिस्से से मिसाइल दाग सकता है। यह क्षमता उसे न केवल सुरक्षा बल्कि दुश्मनों के लिए हमेशा मौजूद खतरा (Deterrence) भी प्रदान करती है।

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DF-41 मिसाइल से चीन की बढ़ती वैश्विक सैन्य ताकत

चीन ने हाल के वर्षों में अपने मिसाइल प्रोग्राम में तेज़ी से निवेश कर DF-41 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल विकसित की है, जिसकी रेंज 12,000 से 15,000 किमी मानी जाती है। यह क्षमता चीन को अमेरिका, यूरोप और एशिया समेत दुनिया के लगभग हर हिस्से तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि DF-41 न केवल चीन की सैन्य महत्वाकांक्षा का प्रतीक है, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को भी चुनौती देता है।

ब्रिटेन का ट्राइडेंट-II मिसाइल सिस्टम

ब्रिटेन का Trident-II Missile System उसकी परमाणु शक्ति का अहम हिस्सा है, जो 12,000 किमी तक वार करने की क्षमता रखता है। इसे उन्नत न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन से तैनात किया जाता है, जिससे ब्रिटेन को समुद्र से कहीं भी हमला करने का लचीलापन मिलता है। यह प्रणाली न केवल वैश्विक डिटरेंस को मजबूत करती है, बल्कि NATO के सामरिक ढांचे में भी ब्रिटेन की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

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फ्रांस और उत्तर कोरिया की मिसाइल ताकत

DF-41 Missile

फ्रांस की M51 सबमरीन लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलें 10,000 किमी से ज्यादा दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम हैं, जिससे वह वैश्विक डिटरेंस में एक मजबूत खिलाड़ी बनता है। वहीं, उत्तर कोरिया ने भी लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित की हैं जो कई महाद्वीपों तक पहुंच सकती हैं, लेकिन उसके पास न्यूक्लियर सबमरीन की कमी है। यही कारण है कि प्योंगयांग अभी पूरी Global Strike Capability हासिल नहीं कर पाया, जबकि फ्रांस पहले से इस सूची में शामिल है।

क्या है भारत की मिसाइल क्षमता?

भारत इस वैश्विक मिसाइल रैंकिंग में सातवें स्थान पर है, जहां उसकी मिसाइल प्रणाली मुख्यतः पूरे एशिया क्षेत्र को कवर करती है। भारत का प्रमुख फोकस अपने पड़ोसी देशों खासकर चीन और पाकिस्तान से आने वाले क्षेत्रीय खतरों को काउंटर करना है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी मिसाइल रेंज और तकनीक में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं, जैसे कि अग्नि-5 और समुद्र आधारित K-4 मिसाइलें, जो लंबी दूरी तक निशाना साधने में सक्षम हैं।

ये हैं भारत की प्रमुख मिसाइलें

Agni-5 Missile

भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हो रही है, जिसमें अग्नि-5 मिसाइल की रेंज 5,000 से 8,000 किमी तक है, जो इसे लंबी दूरी की मारक क्षमता प्रदान करती है। इसके अलावा, अग्नि-P और अग्नि-4 मध्यम से लंबी दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम हैं। साथ ही, K-4 और K-15 पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली मिसाइलें हैं, जो हिंद महासागर में भारत को सामरिक बढ़त और समुद्री सुरक्षा में मजबूती देती हैं।

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भारत के मुकाबले काफी पीछे है पाकिस्तान

पाकिस्तान का मिसाइल प्रोग्राम अभी भी क्षेत्रीय स्तर तक सीमित है और उसकी मिसाइलें वैश्विक दूरी तक पहुंचने में असमर्थ हैं। जबकि भारत ने अपनी मिसाइल तकनीक में लगातार सुधार कर व्यापक रेंज हासिल की है, पाकिस्तान की ताकत अभी भी मुख्यतः पड़ोसी देशों तक सीमित है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान को अपनी मिसाइल क्षमताओं को आधुनिक और विस्तारित करने की जरूरत है, ताकि वह बढ़ते क्षेत्रीय तनावों का बेहतर मुकाबला कर सके।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

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