Ola इलेक्ट्रिक का बड़ा दांव! 15 अगस्त को लॉन्च होगा ‘महाशक्ति’, EV के बाद अब बैटरी स्टोरेज पर नजर

Ola Electric Mahashakti battery energy storage
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Ola Electric अब सिर्फ इलेक्ट्रिक स्कूटर और उनकी बैटरी तक अपना कारोबार सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी 15 अगस्त को अपना नया यूटिलिटी-स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्लेटफॉर्म Mahashakti लॉन्च करने जा रही है। इसके जरिए कंपनी बड़े बिजली प्रोजेक्ट्स, रिन्यूएबल एनर्जी, उद्योगों और डेटा सेंटर की जरूरतों को पूरा करने वाले बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है।

महाशक्ति को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। Ola Electric के लिए यह लॉन्च इसलिए खास है क्योंकि कंपनी अपनी घरेलू बैटरी सेल टेक्नोलॉजी को इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा दूसरे क्षेत्रों में भी इस्तेमाल करना चाहती है।

15 अगस्त को सामने आएगा Mahashakti

भाविश अग्रवाल की अगुवाई वाली Ola Electric Mobility Ltd 15 अगस्त को महाशक्ति (Ola Electric Mahashakti) को लॉन्च करेगी। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भेजे पत्र में इस प्लेटफॉर्म की जानकारी दी है। महाशक्ति को बड़े स्तर के बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए तैयार किया गया है।

इसका इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने, औद्योगिक बिजली जरूरतों, ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इसका मतलब है कि Ola Electric अब बैटरी को केवल इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वाली तकनीक के तौर पर नहीं देख रही है।

कंपनी अपनी इन-हाउस सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ऐसे बाजार में भी करना चाहती है, जहां आने वाले वर्षों में बैटरी स्टोरेज की जरूरत बढ़ने की उम्मीद है।

Shakti और Mahashakti में क्या है अंतर?

Ola Electric की एनर्जी स्टोरेज रणनीति में महाशक्ति अकेला प्लेटफॉर्म नहीं है। कंपनी Shakti भी लेकर आई है, जिसे घरों और छोटे कारोबारों के लिए बैकअप पावर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। Mahashakti इससे अलग बड़े ग्राहकों और प्रोजेक्ट्स को ध्यान में रखता है। इसका लक्ष्य कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और यूटिलिटी-स्केल बैटरी स्टोरेज बाजार है।

भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ने के साथ बिजली को स्टोर करने की जरूरत भी बढ़ रही है। सौर और दूसरी रिन्यूएबल परियोजनाओं से बनने वाली बिजली को जरूरत के समय इस्तेमाल करने के लिए बड़े स्तर पर एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की जरूरत पड़ती है।

Ola Electric ने अपने शेयरधारकों को बताया है कि भारत को 2032 तक 400 GWh से ज्यादा एनर्जी स्टोरेज की जरूरत हो सकती है। कंपनी इसी संभावित मांग को अपने लिए लंबे समय के कारोबारी अवसर के रूप में देख रही है।

Axis Energy के साथ 20 GWh तक की योजना

Mahashakti के लॉन्च से पहले Ola Electric ने Axis Energy के साथ एक समझौता ज्ञापन यानी MoU किया है। इसके तहत 2032 तक 20 GWh तक बैटरी स्टोरेज की संभावित तैनाती की योजना है। प्रस्तावित समझौते के तहत Axis Energy के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में Mahashakti सिस्टम लगाए जा सकते हैं।

इससे Ola Electric को यूटिलिटी-स्केल बैटरी स्टोरेज कारोबार में शुरुआती प्रोजेक्ट हासिल करने का मौका मिल सकता है। हालांकि, दोनों कंपनियों ने इस समझौते की वित्तीय जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। Ola Electric ने इसे घरेलू स्तर पर विकसित बैटरी स्टोरेज तकनीक से जुड़ी बड़ी घोषित तैनातियों में से एक बताया है।

दूसरी तरफ, कंपनी अपनी सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी बढ़ा रही है। Ola Electric के अनुसार उसकी Gigafactory सितंबर तक 6 GWh क्षमता पर काम करने लगेगी। इससे कंपनी को इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ एनर्जी स्टोरेज के लिए भी बैटरी सेल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

Ola Electric की बैटरी तकनीक का इस्तेमाल पहले से उसके इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में हो रहा है। कंपनी की 4680 NMC Bharat Cell उसके परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो में इस्तेमाल की जा रही है। वहीं 46100 LFP सेल को BIS (Bureau of Indian Standards) से सर्टिफिकेशन मिल चुका है। कंपनी के मुताबिक, इसे 4 kWh से कम बैटरी पैक वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों में इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है।

Ola Electric ने बैटरी सेल के दूसरे इस्तेमाल को लेकर भी कदम बढ़ाए हैं। कंपनी ने डिफेंस, unmanned aerial vehicle यानी ड्रोन, near-space constellation platforms और अन्य औद्योगिक इस्तेमाल से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी MoU किए हैं। इस तरह महाशक्ति का लॉन्च Ola Electric की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें कंपनी अपनी घरेलू बैटरी सेल तकनीक को EV बाजार से बाहर ले जाकर एनर्जी स्टोरेज और दूसरे संभावित क्षेत्रों में इस्तेमाल करना चाहती है।

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