Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, धार्मिक मान्यता में माना जाता है अशुभ

Pitru Paksha 2026 Precautions: पितृ पक्ष 2026 शुरू होने से पहले घर की साफ-सफाई और व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की धार्मिक मान्यता है। कहा जाता है कि इस दौरान घर का वातावरण शांत और सात्विक रखना चाहिए। इसी वजह से कुछ ऐसी चीजों को घर से हटाने की सलाह दी जाती है, जिन्हें वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में नकारात्मक माना गया है।
पितृ पक्ष से पहले घर से हटा दें ये चीजें
पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और तर्पण का समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान घर में साफ-सफाई के साथ सकारात्मक और सात्विक वातावरण बनाए रखना चाहिए। इसलिए पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर में लंबे समय से पड़ी बेकार या टूटी चीजों को हटा देने की सलाह दी जाती है।
टूटे-फूटे बर्तन
घर में रखे टूटे या इस्तेमाल के लायक नहीं बर्तनों को पितृ पक्ष से पहले हटा देना चाहिए। ऐसे बर्तनों को लंबे समय तक घर में जमा करके रखने के बजाय बाहर कर देना बेहतर माना जाता है। इससे घर की सफाई भी बनी रहती है और अनावश्यक सामान कम होता है।
बंद पड़ी घड़ियां
अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करवा लेना चाहिए। अगर वह इस्तेमाल में नहीं है या ठीक नहीं हो सकती, तो उसे घर से हटा देना बेहतर माना जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में बंद घड़ी को रुकी हुई प्रगति से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, यह धार्मिक और वास्तु संबंधी मान्यता है और इसके कारण किसी नुकसान का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
फटे कपड़े और जूते-चप्पल
कई घरों में पुराने और फटे कपड़े, जूते-चप्पल या बेकार सामान अलमारी और स्टोर रूम में लंबे समय तक रखा रहता है। पितृ पक्ष से पहले ऐसे सामान की छंटाई की जा सकती है। जो कपड़े या सामान इस्तेमाल के लायक हैं, उन्हें जरूरतमंद लोगों को दान किया जा सकता है। वहीं पूरी तरह खराब सामान को घर से बाहर कर देना चाहिए।
सूखे और मुरझाए पौधे
घर के मुख्य दरवाजे, बालकनी या दूसरे हिस्सों में रखे सूखे और मुरझाए पौधों को भी हटा देना चाहिए। उनकी जगह स्वस्थ और हरे-भरे पौधे लगाए जा सकते हैं। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में साफ-सुथरे और हरे-भरे वातावरण को सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।
टूटी हुई मूर्तियां और क्षतिग्रस्त तस्वीरें
पितृ पक्ष से पहले पूजा स्थल की सफाई करना भी कई घरों की परंपरा का हिस्सा है। अगर मंदिर में कोई खंडित या टूटी हुई मूर्ति रखी है, तो उसे घर में रखने के बजाय अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार उचित तरीके से विसर्जित करने की सलाह दी जाती है। इसी तरह पूर्वजों की पुरानी या क्षतिग्रस्त तस्वीरों को भी सम्मान के साथ व्यवस्थित करना चाहिए।
पितृ पक्ष में इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में पूर्वजों का स्मरण, तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। इस दौरान घर में साफ-सफाई के साथ सात्विक और शांत वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कई परिवारों में पितृ पक्ष के दिनों में रोज सुबह मुख्य द्वार की सफाई करने और पवित्र जल का छिड़काव करने की परंपरा है।
पितृ पक्ष के दौरान शाम के समय घर की दक्षिण दिशा में तिल के तेल या देसी घी का दीपक जलाने की धार्मिक मान्यता है। इसके अलावा इन दिनों घर की पवित्रता बनाए रखने, तामसिक भोजन से बचने और परिवार के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करने की सलाह दी जाती है।
पितृ पक्ष के दौरान पूजा, तर्पण और श्राद्ध की परंपराएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती हैं। ऐसे में अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार धार्मिक कार्य करना उचित माना जाता है।
ध्यान दें: घर में टूटे बर्तन, बंद घड़ी, फटे कपड़े, सूखे पौधे या खंडित मूर्तियां रखने को लेकर बताई गई बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

