उत्तर प्रदेश में ₹26,910 करोड़ का प्रोजेक्ट! जहां बन रहा है एयरपोर्ट, वहीं अब बनेगा AI का पावरहाउस

384 MW Jewar Data Centre in Uttar Pradesh with investment worth Rs 26,910 cr
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उत्तर प्रदेश के जेवर में अब सिर्फ एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे ही नहीं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी Artificial Intelligence की दुनिया का भी बड़ा केंद्र तैयार होने जा रहा है। AM Group यहां ₹26,910 करोड़ की लागत से 384 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर बनाएगा। यह परियोजना आगे चलकर 1 गीगावाट के बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंप्यूटिंग केंद्र का हिस्सा बनेगी।

जेवर में 114 एकड़ में बनेगा 384 मेगावाट का डेटा सेंटर

उत्तर प्रदेश के जेवर के सेक्टर 28 में यह बड़ा डेटा सेंटर (Jewar Data Centre) विकसित किया जाएगा। इसके लिए YEIDA क्षेत्र में 114 एकड़ जमीन तय की गई है। परियोजना को AM Group विकसित करेगा और इसके पहले चरण की क्षमता 384 मेगावाट होगी।

कंपनी और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के मुताबिक शुरुआती क्षमता को 2028 में चालू करने की योजना है। इसका मतलब है कि जेवर आने वाले कुछ वर्षों में केवल औद्योगिक और एयरपोर्ट गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड कंप्यूटिंग ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण जगह बन सकता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव Awanish Awasthi ने भी सार्वजनिक पोस्ट के जरिए जेवर के सेक्टर 28 में AM Group के डेटा सेंटर केंद्र की जानकारी साझा की है।

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क्या होता है डेटा सेंटर?

डेटा सेंटर एक ऐसी खास जगह होती है, जहां बड़ी संख्या में कंप्यूटर सर्वर, भंडारण और नेटवर्किंग उपकरण रखे जाते हैं। आसान भाषा में कहें तो इंटरनेट पर मौजूद बहुत सा डेटा और ऑनलाइन सेवाएं इन्हीं सर्वरों की मदद से चलती हैं। जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, वीडियो देखते हैं या किसी क्लाउड सेवा का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके पीछे डेटा सेंटर की बड़ी भूमिका होती है।

सामान्य डेटा सेंटर के मुकाबले AI वाले डेटा सेंटर को कहीं ज्यादा कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है। AI के बड़े मॉडल को तैयार करने और उन्हें चलाने के लिए बहुत शक्तिशाली GPU और दूसरे उच्च क्षमता वाले चिप्स इस्तेमाल किए जाते हैं। इन मशीनों को लगातार बिजली और शीतलन व्यवस्था की जरूरत पड़ती है।

इसी वजह से जेवर में प्रस्तावित 384 मेगावाट का डेटा सेंटर काफी बड़ा ढांचागत प्रोजेक्ट माना जा रहा है। यहां तैयार होने वाली कंप्यूटिंग क्षमता का इस्तेमाल कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल की ट्रेनिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, बड़े स्तर पर डेटा प्रसंस्करण और दूसरी उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग जरूरतों के लिए किया जा सकता है।

384 मेगावाट से शुरू होकर 1 गीगावाट तक पहुंचेगा AI केंद्र

जेवर का यह प्रोजेक्ट AM Group की उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित 1 गीगावाट उच्च क्षमता कंप्यूटिंग केंद्र योजना से जुड़ा है। Invest UP के साथ हुए समझौते के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचा विकसित करने की योजना बनाई गई है। पूरी योजना में करीब 25 अरब डॉलर के निवेश का अनुमान बताया गया है।

इस AI केंद्र को एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा। शुरुआती क्षमता 2028 से उपलब्ध कराने और पूरी 1 गीगावाट क्षमता को 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य है। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ रिपोर्टों में 2028 तक करीब 350 मेगावाट क्षमता का जिक्र किया गया है, लेकिन जेवर के पहले चरण की मौजूदा योजना में क्षमता 384 मेगावाट बताई गई है।

इस पूरे कंप्यूटिंग केंद्र का इस्तेमाल बड़े कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यों के लिए किया जा सकता है। बड़े क्लाउड सेवा प्रदाताओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशालाओं, बड़ी कंपनियों और भारत की संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता जरूरतों के लिए ऐसी कंप्यूटिंग क्षमता महत्वपूर्ण होगी। AM Group की योजना बड़े स्तर पर करीब 5 लाख उच्च क्षमता वाले चिप्स लगाने की भी है।

इन कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, विनिर्माण, वाहन उद्योग, मीडिया, गेमिंग और संप्रभु क्लाउड जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। यानी जेवर में बनने वाला यह डेटा सेंटर केवल सर्वर रखने की जगह नहीं होगा। इसका मकसद AI मॉडल की ट्रेनिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े स्तर पर डेटा प्रसंस्करण के लिए कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना है।

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हरित ऊर्जा से चलेगा AI डेटा सेंटर

प्रस्तावित 1 गीगावाट AI कंप्यूटिंग केंद्र को पवन और सौर ऊर्जा के साथ पंप्ड-स्टोरेज परियोजनाओं से मिलने वाली 24 घंटे कार्बन-मुक्त बिजली से चलाने की योजना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता में इस्तेमाल होने वाले उन्नत चिप्स बहुत ज्यादा बिजली लेते हैं। इसके साथ ही सर्वरों को लगातार ठंडा रखने के लिए बड़े शीतलन तंत्र की जरूरत पड़ती है।

ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को डेटा सेंटर के साथ जोड़ना इस परियोजना के लिए अहम हो सकता है। AM Group का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग को एक साथ जोड़कर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ढांचा तैयार करना है। कंपनी के अनुसार यह मॉडल आने वाले समय में वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है।

जेवर का प्रोजेक्ट AM Group की भारत में चल रही बड़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचा योजना का हिस्सा भी है। कंपनी ने हैदराबाद में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुविधा के लिए 9,000 Nvidia Vera Rubin GPU Systems का ऑर्डर घोषित किया है। इसकी डिलीवरी 2027 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है। हैदराबाद सुविधा की शुरुआती क्षमता 30 मेगावाट बताई गई है।

कंपनी ने निकट भविष्य में 200 मेगावाट कंप्यूटिंग क्षमता बाजार में लाने की योजना भी बताई है, जिसमें 8 अरब डॉलर से ज्यादा के पूंजीगत खर्च की बात कही गई है। इसके अलावा भारत, अमेरिका और यूरोप में करीब 5 गीगावाट संचालित AI डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना भी सामने आई है।

उत्तर प्रदेश भी बड़े स्तर पर डेटा सेंटर ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य की डेटा कॉरिडोर योजना के पहले चरण में 6 गीगावाट क्षमता और करीब ₹6 लाख करोड़ के संभावित निवेश का अनुमान बताया गया है।

जेवर को कैसे बदल सकता है यह प्रोजेक्ट?

जेवर में डेटा सेंटर का आना इस क्षेत्र के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास पहले से बड़ा ढांचागत और औद्योगिक माहौल विकसित हो रहा है। बड़े डेटा सेंटर के साथ विद्युत उपकरण, शीतलन तकनीक, फाइबर कनेक्टिविटी, क्लाउड सेवाओं, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े नए कारोबार की जरूरत भी बढ़ सकती है।

इससे स्थानीय स्तर पर तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जुड़े नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही उच्च कौशल वाली नौकरियां, निवेश और विदेशी कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।

सबसे बड़ी बात यह है कि जेवर का यह प्रोजेक्ट उस समय आकार ले रहा है जब दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंप्यूटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगर 384 मेगावाट का पहला चरण तय योजना के मुताबिक 2028 में शुरू होता है और आगे 1 गीगावाट का पूरा केंद्र 2030 तक तैयार होता है, तो जेवर उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण AI और डेटा सेंटर क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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