Razorpay IPO: भारत की बड़ी फिनटेक कंपनी ने शुरू की शेयर बाजार में उतरने की तैयारी, 6,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
Razorpay IPO: भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी Razorpay अब शेयर बाजार में बड़ी एंट्री की तैयारी कर रही है। कंपनी ने गोपनीय तरीके से IPO के लिए DRHP दाखिल कर दिया है और इसके जरिए 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर कंपनी की कमाई में 65% का शानदार उछाल आया है, वहीं दूसरी ओर उसे 1,209 करोड़ रुपये का घाटा भी हुआ है। आखिर इस घाटे की वजह क्या है और IPO से निवेशकों को क्या उम्मीदें हैं? जानिए पूरी कहानी।
Razorpay IPO की दिशा में बढ़ा बड़ा कदम
डिजिटल पेमेंट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी रेजरपे ने शेयर बाजार में एंट्री की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि उसने 12 जून को गोपनीय तरीके से अपना डीआरएचपी दाखिल (Razorpay IPO DRHP) कर दिया है, जिसे उसके IPO सफर की शुरुआत माना जा रहा है।
हाल ही में कंपनी के शेयरधारकों ने आईपीओ के तहत 2,700 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की मंजूरी भी दी है। इसके साथ ही ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कुछ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच सकेंगे। इससे पहले अप्रैल में भी खबरें आई थीं कि रेजरपे IPO के माध्यम से करीब 600 से 700 मिलियन डॉलर जुटाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे बाजार और निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
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रेजरपे कैसे बनी भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में से एक?
साल 2014 में हर्षिल माथुर और शशांक कुमार द्वारा शुरू की गई रेजरपे ने शुरुआत में ऑनलाइन भुगतान सेवाओं से अपना सफर शुरू किया था, लेकिन आज यह भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है। अब कंपनी सिर्फ पेमेंट गेटवे तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, भुगतान वितरण, पेरोल, लोन से जुड़े समाधान और कैश फ्लो मैनेजमेंट जैसी कई सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराती है।
रेजरपे के साथ आज लाखों कारोबार जुड़े हुए हैं, जिनमें स्टार्टअप, छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। खास बात यह है कि 2020 में यूनिकॉर्न बनने के बाद कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म को और मजबूत बनाया, जिससे कारोबारियों को अपनी कई वित्तीय जरूरतों का समाधान एक ही जगह पर आसानी से मिल सके।
कमाई में उछाल, फिर भी 1,209 करोड़ रुपये का घाटा
IPO से पहले Razorpay के आंकड़े काफी दिलचस्प नजर आ रहे हैं। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कमाई में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली, जहां उसका राजस्व 65% बढ़कर 3,783 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं कंपनी का सकल लाभ भी 41% की बढ़त के साथ 1,277 करोड़ रुपये हो गया।
हालांकि कमाई और मुनाफे के आंकड़ों में मजबूती दिखने के बावजूद रेजरपे को 1,209 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज करना पड़ा, जिससे निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगे की रणनीति पर बनी हुई है।
रेजरपे को क्यों हुआ घाटा?
रेजरपे की कमाई में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद कंपनी को घाटा दर्ज करना पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह कर्मचारियों को दिए गए स्टॉक विकल्पों पर हुआ खर्च, कंपनी के पुनर्गठन से जुड़ी लागत और अमेरिका से भारत में कारोबार का ढांचा स्थानांतरित करने के दौरान बने टैक्स दायित्व रहे।
जानकारों का मानना है कि यह घाटा कंपनी के रोजमर्रा के कारोबार में किसी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि कुछ एकमुश्त वित्तीय और संरचनात्मक बदलावों के कारण सामने आया है।
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लिस्टिंग से पहले Razorpay ने की जबरदस्त तैयारी
रेजरपे ने शेयर बाजार में उतरने से पहले कई बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने पिछले साल अपना कारोारी ढांचा अमेरिका से वापस भारत में शिफ्ट कर लिया था, जिसे स्टार्टअप जगत में “रिवर्स फ्लिप” कहा जाता है। इस प्रक्रिया के लिए उसे भारतीय रिजर्व बैंक और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से जरूरी मंजूरियां भी मिल चुकी हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग का रास्ता काफी आसान हो गया।
इतना ही नहीं, आईपीओ की तैयारी के तहत कंपनी ने खुद को पब्लिक लिमिटेड कंपनी में भी बदल लिया है। वहीं, रेजरपे अब ऐसे कारोबारियों पर ज्यादा फोकस कर रही है जिन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के पेमेंट सॉल्यूशन चाहिए, ताकि कंपनी अपने मुख्य बिजनेस को और मजबूत बनाकर बेहतर कमाई हासिल कर सके।
