Steelbird का बड़ा प्लान! 6 महीने में बना डाले 56 लाख हेलमेट, अब 1.20 करोड़ का टारगेट

Steelbird Helmets Production Target: भारत में दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ हेलमेट की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इसी बीच दिग्गज हेलमेट निर्माता कंपनी स्टीलबर्ड हाई-टेक इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा उत्पादन लक्ष्य तय किया है। कंपनी इस वित्त वर्ष में 1.20 करोड़ हेलमेट बनाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी ने इस लक्ष्य की दिशा में शुरुआती छह महीनों में ही 56.21 लाख यूनिट्स का उत्पादन कर लिया है। इसमें हेलमेट के साथ पैनियर बॉक्स भी शामिल हैं।
छह महीने में 56.21 लाख यूनिट्स का उत्पादन
स्टीलबर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कंपनी ने कुल 56.21 लाख हेलमेट और पैनियर बॉक्स तैयार किए। वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी के प्रदर्शन को बढ़ाने में आफ्टरमार्केट कारोबार की अहम भूमिका रही। आफ्टरमार्केट सेगमेंट में साल-दर-साल आधार पर 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कंपनी ने उत्पादन और सप्लाई चेन को बेहतर तरीके से संभालते हुए अपनी उपलब्ध क्षमता का अच्छा इस्तेमाल किया है। कंपनी के प्रबंधन के अनुसार,
पहली छमाही की यह वृद्धि घरेलू बाजार में ब्रांड की मजबूत स्थिति और ग्राहकों के भरोसे को दिखाती है।
खास बात यह है कि देश में त्योहारी सीजन अब शुरू होने वाला है। ऐसे में आने वाले महीनों में हेलमेट और अन्य दोपहिया सुरक्षा उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
अब सिर्फ चालान से बचने के लिए हेलमेट नहीं खरीद रहे ग्राहक
भारतीय ग्राहकों की हेलमेट खरीदने की सोच में भी बदलाव आया है। अब हेलमेट को केवल ट्रैफिक नियमों का पालन करने या चालान से बचने के साधन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। ग्राहक सुरक्षा के साथ आराम, डिजाइन और नई तकनीक को भी महत्व दे रहे हैं।
स्टीलबर्ड के अनुसार,
खरीदार अब ऐसे हेलमेट पसंद कर रहे हैं जिनमें बेहतर सुरक्षा के साथ वेंटिलेशन, एंटी-फॉग वाइजर और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा हल्के वजन, बेहतर एरोडायनामिक्स और आधुनिक डिजाइन की मांग भी बढ़ रही है।
बदलती पसंद को देखते हुए कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो में कई हल्के और स्टाइलिश मॉडल शामिल किए हैं। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य अलग-अलग बजट वाले ग्राहकों को सुरक्षा के साथ बेहतर अनुभव देना है।
सुरक्षा के साथ नई तकनीक पर Steelbird का जोर
स्टीलबर्ड अपने हेलमेट में नई तकनीक और आधुनिक डिजाइन जोड़ने के लिए रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर लगातार निवेश कर रही है। कंपनी का कहना है कि,
हेलमेट का सबसे जरूरी काम राइडर के सिर को गंभीर चोट से बचाना है। ऐसे में नए फीचर्स और स्टाइल को शामिल करते समय सुरक्षा मानकों और शॉक-एब्जॉर्बिंग क्षमता से समझौता नहीं किया जाएगा।
1,000 आउटलेट तक पहुंचेगा Rider Shopee नेटवर्क
उत्पादन बढ़ाने के साथ स्टीलबर्ड अपनी रिटेल पहुंच भी बढ़ा रही है। कंपनी का एक्सक्लूसिव ‘राइडर शॉपी’ नेटवर्क फिलहाल 390 आउटलेट्स तक पहुंच चुका है। अब इसे भविष्य में 1,000 आउटलेट्स तक ले जाने की योजना है।
इस विस्तार से खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के ग्राहकों को ओरिजिनल हेलमेट और राइडिंग गियर आसानी से मिल सकेंगे। वहीं, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ने से हेलमेट और राइडिंग एक्सेसरीज की मांग में भी तेजी आने की उम्मीद है।
पहली छमाही में 56.21 लाख यूनिट्स का उत्पादन और आफ्टरमार्केट कारोबार में 30 प्रतिशत की वृद्धि कंपनी को FY27 के 1.20 करोड़ हेलमेट के लक्ष्य के करीब ले जा रही है। अब त्योहारी सीजन में मांग किस तरह बढ़ती है, यह कंपनी के पूरे वित्त वर्ष के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
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