हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद! ईरान के दावे से दुनिया में हलचल, वैश्विक तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा संकट
Strait of Hormuz Closure: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद करने का दावा किया है। इस कदम ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है क्योंकि इसी समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस घटनाक्रम का असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है।
ईरान ने जहाजों को दी कड़ी चेतावनी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने रविवार 12 जुलाई की सुबह दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है और इस रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे कुछ जहाजों को रोकने के लिए कार्रवाई की गई है। IRGC के मुताबिक,
चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोली एक जहाज से टकराई, जिससे वह आगे नहीं बढ़ सका
जबकि ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने भी यह बयान दिखाया और अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने दावा किया कि जहाज पर क्रूज़ मिसाइल से हमला किया गया। बयान में यह भी कहा गया कि,
जब तक अमेरिका की कथित दखलअंदाजी खत्म नहीं होती, तब तक किसी भी जहाज को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
यह सब ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पहले से ही काफी बढ़ा हुआ है और हाल के बयानों, सैन्य चेतावनियों और क्षेत्रीय घटनाओं ने माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
यदि इस समुद्री मार्ग पर लंबे समय तक बाधा बनी रहती है तो:
- वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
- समुद्री माल ढुलाई महंगी हो सकती है।
- ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी। अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक बाधा बनी रहती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, समुद्री माल ढुलाई में बढ़ोतरी और ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
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आगे हालात किस दिशा में जा सकते हैं?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान के दावे के बाद अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में ईरान, अमेरिका और क्षेत्र के अन्य देश क्या कदम उठाते हैं। अगर तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के इस दावे की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में हालात तेजी से बदल सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
