अमेरिका और चीन के बीच फिर गर्माया व्यापार युद्ध, ट्रंप ने ड्रैगन पर लगाया 100% टैरिफ, 1 नवंबर से लागू
US China Trade War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से चीन से आयातित सभी उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाया (100 Percent Tariff On China) जाएगा। यह कदम चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (rare earth elements) के निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने के बाद उठाया गया है। ट्रंप ने इसे चीन का आक्रामक रुख बताते हुए इस कदम को आवश्यक ठहराया।
चीन के निर्यात नियंत्रण के बाद ट्रंप का कड़ा कदम
चीन ने हाल ही में अपने निर्यात नियंत्रणों में वृद्धि की है, जिससे अमेरिका और अन्य देशों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं में संकट उत्पन्न हो गया है। इन नए प्रतिबंधों के तहत, चीन ने अपने द्वारा उत्पादित लगभग हर वस्तु पर निर्यात नियंत्रण लागू (US announces 100 Percent Tariff On China) किया है, यहां तक कि कुछ ऐसी वस्तुओं पर भी जो चीन में उत्पादित नहीं होतीं। ट्रंप ने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक नैतिक अपमान बताया और कहा कि यह विश्वास करना असंभव है कि चीन ने ऐसा कदम उठाया है।
सॉफ्टवेयर और उत्पादों पर नए नियम
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि 1 नवंबर से अमेरिका सभी महत्वपूर्ण सॉफ़्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण लागू करेगा। इसका उद्देश्य चीन को तकनीकी जानकारी के हस्तांतरण से रोकना है। हालांकि, यह कदम अमेरिकी सॉफ़्टवेयर कंपनियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चीन एक बड़ा बाजार है।
क्या होगा असर?
नए टैरिफ (100 Percent Tariff On China) और निर्यात नियंत्रणों के लागू होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषकर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रक्षा उद्योगों में इन बदलावों का प्रभाव देखा जा सकता है। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि यदि चीन अपने निर्यात नियंत्रणों को वापस लेता है, तो अतिरिक्त टैरिफ हटाए जा सकते हैं।
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गौरतलब है की अमेरिका और चीन के बीच व्यापार संबंधों में यह नया कदम दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। जहां एक ओर ट्रंप ने चीन के आक्रामक रुख का विरोध किया है, वहीं दूसरी ओर यह कदम वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। अब यह देखना होगा कि दोनों देश इस स्थिति से कैसे निपटते हैं और क्या कोई समझौता संभव होता है।
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