यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त! OBC आयोग की रिपोर्ट पर उठाए सवाल, 12 अक्टूबर को फिर सुनवाई

UP Panchayat Election 2026: यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट में सुनवाई
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UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 कब होंगे, इसे लेकर इंतजार बढ़ता जा रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान OBC आयोग की रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए गए। अब सभी की नजर 12 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर है।

अदालत ने रिपोर्ट तैयार करने के तरीके पर सवाल पूछे हैं, लेकिन अभी इसे खारिज नहीं किया है। ऐसे में पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

OBC आयोग की रिपोर्ट पर सवाल

प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव से जुड़ी 11 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। करीब सवा घंटे चली कार्यवाही के दौरान अदालत का मुख्य ध्यान OBC आयोग की रिपोर्ट पर रहा।

सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। अदालत ने यह जानना चाहा कि आयोग ने पिछड़ेपन का आकलन करने के लिए कितने गांवों का दौरा किया और जमीनी स्तर पर कितनी जानकारी जुटाई।

रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए आंकड़ों और जानकारी जुटाने के तरीके पर भी सवाल उठे। अदालत की टिप्पणियों से साफ हुआ कि वह यह समझना चाहती है कि रिपोर्ट वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित है या इसमें दफ्तर में जुटाए गए आंकड़ों पर ज्यादा भरोसा किया गया है।

हालांकि, हाईकोर्ट ने फिलहाल रिपोर्ट को रद्द नहीं किया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज दाखिल करने को कहा है। अब अगली सुनवाई में इन सवालों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।

समय पर चुनाव कराने की मांग

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 से जुड़ी याचिकाओं में मुख्य मांग है कि पंचायतों का पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव प्रक्रिया में देरी न हो। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से चुनाव का कार्यक्रम जल्द जारी कराने की मांग की है।

इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से सवाल कर चुका है। अदालत ने दोनों पक्षों से पूछा था कि पंचायत चुनाव समय पर कराने में देरी क्यों हो रही है। सरकार और निर्वाचन आयोग की ओर से अपने जवाब दाखिल किए जा चुके हैं।

मामले में OBC आरक्षण का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से पहले आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किए जाने की बात सामने आई थी। अब अदालत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और उसकी विश्वसनीयता से जुड़े सवालों पर विचार कर रही है।

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। ऐसे में अदालत के अगले निर्देश चुनाव की आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

12 अक्टूबर की सुनवाई अहम

इस मामले की सुनवाई गुरुवार को भी हुई थी। उस दिन याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अपनी दलीलें रखी थीं। शुक्रवार को सुनवाई का मुख्य केंद्र OBC आयोग की रिपोर्ट और उसे तैयार करने की प्रक्रिया रही।

यह मामला पहले भी कई बार सुनवाई के लिए आया है। इससे पहले अप्रैल में एक याचिका को इम्तियाज हुसैन की लंबित याचिका के साथ जोड़ने का आदेश दिया गया था। दोनों मामलों में पंचायत चुनाव से जुड़ी मांगें उठाई गई हैं, इसलिए इन्हें एक साथ सुना जा रहा है।

इम्तियाज हुसैन की याचिका में मांग की गई थी कि राज्य निर्वाचन आयोग पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करे। इसमें संविधान के अनुच्छेद 243ई के तहत पंचायतों के कार्यकाल और चुनाव से जुड़े प्रावधानों का मुद्दा भी उठाया गया है।

अब सोमवार, 12 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई निर्धारित है। इस दौरान अदालत सरकार और निर्वाचन आयोग के जवाबों के साथ OBC आयोग की रिपोर्ट पर उठाए गए सवालों पर भी विचार कर सकती है।

चुनाव की तारीख पर क्या आया अपडेट?

फिलहाल उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 की अंतिम तारीख को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट की प्रक्रिया पर सवाल जरूर उठाए हैं, लेकिन अभी उसे रद्द करने या चुनाव की कोई नई समयसीमा तय करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है।

आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्ष अदालत के सवालों का क्या जवाब देते हैं और रिपोर्ट को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर क्या जानकारी पेश की जाती है।

पंचायत चुनाव की तैयारी और OBC आरक्षण से जुड़े मुद्दे इस मामले में अहम बने हुए हैं। ऐसे में 12 अक्टूबर की सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि, अगली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत आगे क्या निर्देश देती है और चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति में कोई बदलाव होता है या नहीं।

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Adarsh Pandey

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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