लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से लिया संन्यास, टीम इंडिया में वापसी की राह जारी

Yuzvendra Chahal First Class Retirement
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Yuzvendra Chahal First Class Retirement: लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड बॉल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 2 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के जरिए उन्होंने फर्स्ट क्लास से संन्यास का ऐलान किया। साथ ही साफ किया कि करियर खत्म नहीं हुआ। उन्होंने यह फ़ैसला भी किया कि वह वनडे और टी20 खेलते रहना चाहते हैं और भारतीय टीम में वापसी के लिए कोशिश करेंगे।

यह फैसला पूरे क्रिकेट को छोड़ने का नहीं है। चहल को भारत के लिए टेस्ट कभी नहीं मिला। पोस्ट में उन्होंने उसी अधूरे सपने का जिक्र किया और लाल गेंद से अपना पुराना रिश्ता याद किया। आखिरी फर्स्ट क्लास मैच लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर की तरफ से हुआ।

पोस्ट में चहल ने कौन सा सपना अधूरा बताया?

चहल ने बताया कि पहली बार गेंद हाथ में ली तो उम्र 10 साल थी। वह गेंद लाल थी। तभी से रेड बॉल क्रिकेट से जुड़ाव रहा। फर्स्ट क्लास ने धैर्य रखना, मुश्किल में टिके रहना और हर रन व विकेट के लिए मेहनत करना सिखाया। भारत के लिए टेस्ट खेलना और टेस्ट कैप पाना लंबे समय का सपना था, जो पूरा नहीं हो सका।

संदेश में हरियाणा क्रिकेट संघ, रणबीर सिंह महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी का शुक्रिया भी है। रेड बॉल सफर में मिले समर्थन, भरोसे और मौकों के लिए उन्होंने आभार जताया। 10 साल की पहली लाल गेंद से लॉर्ड्स के आखिरी फर्स्ट क्लास मैच तक का रास्ता उन्हें खास लगा।

लॉर्ड्स का आखिरी मैच कैसा रहा?

आखिरी फर्स्ट क्लास खेल इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप डिविजन 2 का था। नॉर्थम्पटनशायर मिडिलसेक्स से लॉर्ड्स पर खेली। चहल ने दो विकेट लिए। नॉर्थम्पटनशायर सात विकेट से हारी।

लॉर्ड्स पर आखिरी लाल गेंद का मैच पोस्ट के अधूरे टेस्ट सपने से जुड़कर अलग मायने रखता है। टेस्ट कैप नहीं मिली, लेकिन फर्स्ट क्लास का आखिरी पन्ना उसी मैदान पर लिखा गया।

49 मैच और काउंटी सीजन के आंकड़े क्या कहते हैं?

फर्स्ट क्लास की शुरुआत 2009 में हरियाणा से हुई। 49 मैचों में 148 विकेट रहे। छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए। सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा एक पारी में छह विकेट का है। हाल के वर्षों में वह नॉर्थम्पटनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलते रहे।

संन्यास से पहले 2026 काउंटी चैंपियनशिप में 21 विकेट हासिल किए। रिपोर्ट के मुताबिक डिविजन 2 में कम से कम 20 विकेट लेने वाले गेंदबाजों के बीच उनका औसत 16.14 रहा। यह आंकड़ा उनके रेड बॉल करियर की आखिरी छाप है, पूरे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड का नहीं।

भारत के लिए करियर कहां तक रहा और आगे क्या?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वनडे और टी20 तक सीमित रहा। 72 वनडे और 80 टी20 इंटरनेशनल खेले। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 था। 2024 की टी20 विश्व कप विजेता भारतीय टीम में वह शामिल रहे।

संन्यास के बाद भी सफेद गेंद का विकल्प खुला है। चहल वनडे और टी20 जारी रखना चाहते हैं और टीम इंडिया में लौटने की कोशिश करेंगे। रेड बॉल का हिसाब 49 मैच, 148 विकेट, छह पांच विकेट और लॉर्ड्स के दो विकेट पर रुक गया। टेस्ट कैप नहीं मिली, यह कमी उन्होंने खुद पोस्ट में लिखी।Jai Jagdamba News Whatsapp

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Adarsh Pandey

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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