बक्सर में गंगा घाटों को मिलेगा नया रूप, मानसून से पहले डीएम साहिला ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश
Buxar Ganga Ghat Development: बक्सर में गंगा घाटों के विकास और सफाई को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी साहिला ने जिला गंगा समिति की बैठक में कई अहम योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में घाटों के सौंदर्यीकरण से लेकर प्लास्टिक प्रदूषण रोकने तक के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
गंगा घाटों के निर्माण और सौंदर्यीकरण पर जोर
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में गंगा घाटों के निर्माण और उनके सौंदर्यीकरण की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि घाटों के विकास से जुड़ा प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
बता दें कि प्रशासन का फोकस गंगा घाटों को अधिक स्वच्छ और आकर्षक बनाने पर है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अमृत 2.0 योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज नेटवर्क का सर्वे पूरा हो चुका है। अब आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी चल रही है।
मानसून नजदीक होने के कारण जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए सदर अनुमंडल पदाधिकारी और नगर परिषद के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने को कहा गया है।
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मोक्ष धाम निर्माण और सीवरेज व्यवस्था पर हुई समीक्षा
बैठक में मोक्ष धाम निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। बुडको अधिकारियों ने बताया कि,
निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन चाहता है कि बारिश शुरू होने से पहले जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं। गंगा और उसकी सहायक नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए।
नगर परिषद बक्सर और डुमरांव को निर्देश दिया गया कि नालों में लगाए गए वी-नॉच की नियमित सफाई कराई जाए ताकि ठोस कचरा सीधे नदी में न जा सके। डीएम ने अधिकारियों को साफ कहा कि शहर और घाटों की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही घाटों पर स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में प्लास्टिक से बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक कचरे की वजह से जलीय जीवों पर खतरा बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है। नगर निकायों और स्वयं सहायता समूहों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने कहा कि,
आम लोगों तक प्लास्टिक के नुकसान की जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। इसके लिए बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा सके। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक को गंगा ग्रामों में नियमित सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
वन विभाग को भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने को कहा गया है। साथ ही शहर के सभी घाटों पर स्वच्छता जागरूकता से जुड़े साइनेज बोर्ड लगाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही गंगा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।
