ITR Filing 2026: अब घर बैठे भरें इनकम टैक्स रिटर्न, विभाग ने जारी किए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म

ITR Filing 2026: Tax Filing Begins; Department Releases Excel Utilities for ITR-1 and ITR-4
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ITR Filing 2026 की प्रक्रिया शुरू होते ही लाखों टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। आयकर विभाग ने ITR-1 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है, जिससे अब लोग घर बैठे आसानी से टैक्स रिटर्न फाइल कर सकेंगे। इस बार दो हाउस प्रॉपर्टी वालों को भी खास राहत मिली है। वहीं CBDT ने नए रिपोर्टिंग नियम लागू कर कई जरूरी बदलाव किए हैं। अगर आप भी इस साल ITR भरने वाले हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

ITR फाइलिंग 2026 शुरू, घर बैठे भर सकेंगे टैक्स रिटर्न

आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-4 की एक्सेल यूटिलिटी जारी कर दी है। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब टैक्सपेयर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से अपना इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं।

एक्सेल यूटिलिटी के जरिए लोग बिना इंटरनेट के भी अपनी जानकारी भर सकेंगे और बाद में डेटा को वैलिडेट करके ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर पाएंगे। इससे आईटीआर फाइल करने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज मानी जा रही है।

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50 लाख तक आय वालों के लिए आई बड़ी अपडेट

आयकर रिटर्न भरने वालों के लिए इस बार बड़ी राहत आई है। अब आईटीआर-1 यानी सहज फॉर्म में एक नहीं बल्कि दो हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय भी दिखाई जा सकेगी। पहले यह सुविधा केवल एक मकान तक सीमित थी। हालांकि यह नियम उन्हीं रेजिडेंट टैक्सपेयर्स पर लागू होगा जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है।

वेतन, पेंशन, ब्याज, सीमित कृषि आय और दो घरों से कमाई करने वाले लोग इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके साथ ही सेक्शन 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक के कुछ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से मध्यम वर्ग के लाखों टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने में आसानी होगी।

ITR-4 फॉर्म में बदले नियम

आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर-4 यानी सुगम फॉर्म भी जारी कर दिया है। यह फॉर्म उन लोगों के लिए होता है जो अनुमानित कराधान योजना के तहत टैक्स भरते हैं। 50 लाख रुपये तक सालाना आय वाले रेजिडेंट व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार और फर्म्स इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि एलएलपी को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि इस बार सीबीडीटी ने आईटीआर-4 में कुछ नए रिपोर्टिंग नियम भी जोड़े हैं। अब टैक्सपेयर्स को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन, शेयर बायबैक से हुए नुकसान और कुछ खास ट्रेडिंग गतिविधियों की जानकारी भी देनी होगी। इससे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा पारदर्शी मानी जा रही है।

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ITR क्या है और हर साल इसे भरना क्यों जरूरी होता है?

आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न एक जरूरी दस्तावेज होता है, जिसमें लोग अपनी पूरे साल की कमाई, खर्च और टैक्स बचत से जुड़ी जानकारी आयकर विभाग को देते हैं। आसान भाषा में समझें तो यह सरकार को आपकी आय का हिसाब देने का तरीका है। आमतौर पर हर साल 31 जुलाई तक आईटीआर भरना जरूरी माना जाता है।

आयकर विभाग अलग-अलग लोगों की कमाई और काम के हिसाब से कुल सात तरह के आईटीआर फॉर्म जारी करता है। नौकरीपेशा, बिजनेस करने वाले या अन्य आय वाले लोगों के लिए अलग-अलग फॉर्म तय किए जाते हैं।

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