पेपर लीक करने वालों पर अब सबसे बड़ी कार्रवाई! लोकसभा से पास हुआ नया बिल, 10 साल जेल और ₹50 लाख जुर्माने का प्रावधान

Anti Paper Leak Amendment Bill 2026: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा ने बुधवार को एंटी पेपर लीक कानून में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। नए प्रावधान लागू होने के बाद पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों को 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष की ओर से लगातार नारेबाजी होती रही, लेकिन हंगामे के बीच भी सदन ने इसे पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून लाखों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
पेपर लीक कानून में क्या बदलाव किए गए?
लोकसभा ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के जरिए सरकार ने पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धोखाधड़ी के मामलों पर पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई का रास्ता तैयार किया है।
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या गिरोह पेपर लीक या परीक्षा में अनियमितता का दोषी पाया जाता है, तो उसे अधिकतम 10 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह संशोधन विधेयक 27 जुलाई को लोकसभा में पेश किया था। इससे पहले छात्रों के बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
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सरकार ने क्या कहा?
लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि,
सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई की थी। वर्ष 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
उनके अनुसार, सरकार ने पिछले अनुभवों के आधार पर कानून को और मजबूत बनाने का फैसला किया है ताकि भविष्य में परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि,
पेपर लीक से जुड़ी घटनाओं के कारण होने वाली आत्महत्याओं में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कमी आई है।
सरकार का मानना है कि इस संशोधन के बाद मेहनत करने वाले छात्रों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा और संगठित तरीके से पेपर लीक करने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
संसद में हंगामे के बीच पास हुआ विधेयक
बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्षी दलों ने लगातार नारेबाजी की। इसके बावजूद सदन की कार्यवाही जारी रही और अंततः विधेयक को मंजूरी मिल गई। बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं और सरकार के कामकाज की पर्याप्त जानकारी नहीं है।
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विधेयक पारित होने के तुरंत बाद लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। अब इस संशोधन के बाद सरकार का लक्ष्य प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।




