Manipal Health IPO खुलते ही निवेशकों में हलचल, क्या मिलेगा लिस्टिंग गेन या होगा इंतजार?

9,275 करोड़ रुपये का Manipal Health IPO निवेशकों के लिए खुल चुका है। लेकिन इस बार चर्चा IPO से ज्यादा सिर्फ 2% Grey Market Premium (GMP) की हो रही है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस IPO से लिस्टिंग गेन मिलेगा या यह केवल लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट की राय और पूरी डिटेल।
Manipal Health IPO: प्राइस बैंड, लॉट साइज और जरूरी तारीखें
Manipal Health Enterprises का IPO 29 जुलाई से सार्वजनिक सदस्यता के लिए खुल गया है और इसमें 31 जुलाई तक आवेदन किया जा सकता है। यह कंपनी बेंगलुरु स्थित एक प्रमुख हेल्थकेयर नेटवर्क है, जिसे Temasek और रंजन पई का समर्थन प्राप्त है।
कंपनी इस IPO के जरिए कुल 9,275 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें 8,000 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि करीब 1,275 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। OFS के तहत कुछ मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
इस IPO का प्राइस बैंड 560 रुपये से 590 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम 25 शेयरों का एक लॉट निर्धारित किया गया है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए कम से कम 14,750 रुपये का निवेश करना होगा।
शेयरों का आवंटन 3 अगस्त को होने की संभावना है, जबकि NSE और BSE पर इसकी संभावित लिस्टिंग 5 अगस्त को हो सकती है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Kotak Mahindra Capital हैं और KFin Technologies रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी संभाल रही है।
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GMP क्या संकेत दे रहा है?
IPO खुलने से पहले Manipal Health के शेयर ग्रे मार्केट में लगभग 8 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। यह करीब 2 प्रतिशत के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि ग्रे मार्केट अनौपचारिक और अनियमित होता है। इसलिए GMP केवल बाजार की भावना दिखाता है, यह लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
हालांकि कम GMP का मतलब यह नहीं है कि IPO खराब है। कई बार मजबूत कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के बाद लंबे समय में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इसलिए निवेशकों को केवल GMP देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और भविष्य की योजनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी द्वारा जुटाई गई राशि का सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने में लगाया जाएगा। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से लगभग 5,378 करोड़ रुपये उधार चुकाने के लिए खर्च किए जाएंगे। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने और ब्याज का बोझ कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा करीब 574 करोड़ रुपये Sahyadri Hospitals में अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
Manipal Health का कारोबार कितना मजबूत है?
Manipal Health की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी और आज यह देश के प्रमुख हेल्थकेयर सेवा प्रदाताओं में शामिल है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास भारत में 49 अस्पताल, 21 क्लीनिक और 13,037 लाइसेंस प्राप्त बेड थे। कंपनी में 24,240 पूर्णकालिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कर्ज कम होने के बाद कंपनी का ब्याज खर्च घट सकता है, जिससे आने वाले वर्षों में मुनाफे में सुधार की संभावना है। इसके अलावा अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और हेल्थकेयर सेक्टर की बढ़ती मांग को भी कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।
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Manipal Health IPO में निवेश करना चाहिए या नहीं?
कई ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के लंबे समय के बिजनेस मॉडल और हेल्थकेयर सेक्टर में उसकी मजबूत स्थिति को सकारात्मक माना है। SBI Securities ने इस IPO को “Subscribe” की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले वर्षों में अस्पतालों की क्षमता बढ़ने और कर्ज घटने से कंपनी की कमाई में सुधार हो सकता है।
वहीं Anand Rathi Research ने भी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसमें निवेश की सलाह दी है, हालांकि उसने कंपनी के ऊंचे वैल्यूएशन की ओर भी ध्यान दिलाया है। दूसरी ओर Angel One और Arihant Capital ने “Neutral” रुख अपनाया है। उनका कहना है कि,
कंपनी के मजबूत बिजनेस और भविष्य की संभावनाएं पहले से ही शेयर के मूल्य में काफी हद तक शामिल हैं।
Axis Capital, Sushil Finance और Ashika Research ने भी कंपनी की अच्छी आय वृद्धि और मजबूत बाजार स्थिति की सराहना की है, लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन के कारण निकट अवधि में सीमित रिटर्न की संभावना जताई है।
अगर आपका लक्ष्य केवल लिस्टिंग गेन कमाना है तो यह IPO फिलहाल बहुत आकर्षक नहीं दिखता। लेकिन यदि आप भारत के तेजी से बढ़ते हेल्थकेयर सेक्टर में लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो कई ब्रोकरेज इसे एक अच्छा अवसर मान रहे हैं। निवेश का फैसला करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन और अपने जोखिम लेने की क्षमता का जरूर आकलन करें।
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