Indian Oil Q1 Results: राजस्व बढ़ा, फिर भी मुनाफे से सीधे घाटे में पहुंची कंपनी, जानिए IOC के तिमाही नतीजों की पूरी कहानी

IOC Q1 FY27 Results: 1,631 करोड़ रुपये के घाटे में IOC, राजस्व 29.9% बढ़ा
1 min read

IOC Q1 FY27 Results: देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनियों में शामिल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद कंपनी को घाटा हुआ है। ऐसे में निवेशकों और बाजार की नजर इन आंकड़ों पर बनी हुई है।

कंपनी के ताजा वित्तीय नतीजों के अनुसार, पिछली तिमाही के मुकाबले राजस्व में तेजी आई है, जबकि मुनाफा घटकर घाटे में बदल गया है। आइए जानते हैं कि पहली तिमाही के नतीजों में क्या खास रहा।

इंडियन ऑयल को 1,631 करोड़ रुपये का घाटा

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 1,631 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी को 1,458 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। यानी एक तिमाही के भीतर कंपनी का प्रदर्शन मुनाफे से घाटे में बदल गया।

हालांकि, कंपनी की परिचालन आय (Revenue from Operations) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। Q1 FY27 में कंपनी का राजस्व 29.9 प्रतिशत बढ़कर 2.66 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे पहले मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 2.08 लाख करोड़ रुपये था। इससे साफ है कि कारोबार का आकार बढ़ा, लेकिन इसका असर कंपनी के अंतिम मुनाफे पर नहीं दिखा।

EBITDA और मार्जिन में आई बड़ी गिरावट

कंपनी के परिचालन प्रदर्शन को दर्शाने वाला EBITDA भी पहली तिमाही में काफी कमजोर रहा। Q1 FY27 में EBITDA घटकर 4,062 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 24,803 करोड़ रुपये था।

इसी तरह EBITDA मार्जिन भी 11.9 प्रतिशत से गिरकर 1.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। यानी कंपनी के परिचालन लाभ में पिछली तिमाही की तुलना में बड़ी कमी दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सबसे प्रमुख बदलावों में से एक रही।

रिफाइनरी और पाइपलाइन कारोबार में दिखी मजबूती

भले ही कंपनी को तिमाही में घाटा हुआ हो, लेकिन परिचालन गतिविधियों में कुछ सकारात्मक संकेत भी देखने को मिले। पहली तिमाही में इंडियन ऑयल की रिफाइनरियों का कुल थ्रूपुट 19.165 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 18.683 MMT की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान रिफाइनरी क्षमता उपयोग (Capacity Utilisation) 109.4 प्रतिशत रहा।

कंपनी की क्रॉस कंट्री पाइपलाइन का संयुक्त थ्रूपुट भी बढ़कर 28.548 MMT हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 26.256 MMT था। यानी इसमें सालाना आधार पर करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, कुल बिक्री मात्रा (Total Sales Volume) 26.211 MMT रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 26.328 MMT थी। यानी बिक्री मात्रा लगभग स्थिर रही और इसमें मामूली कमी दर्ज की गई।

कंपनी के नतीजों का क्या है संकेत?

पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि इंडियन ऑयल का कारोबार आकार के लिहाज से बढ़ा है और परिचालन गतिविधियां भी मजबूत बनी हुई हैं। हालांकि, राजस्व बढ़ने के बावजूद कंपनी को शुद्ध घाटा हुआ और EBITDA तथा मार्जिन में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों पर रहेगी कि कंपनी अपनी लाभप्रदता में किस तरह सुधार करती है।

Jai Jagdamba News Whatsapp