Greaves Electric Mobility को ₹530 करोड़ का बड़ा बूस्ट, 100% सब्सक्राइब हुआ राइट्स इश्यू, अब नई EV टेक्नोलॉजी पर होगा फोकस

Greaves Electric Mobility Rights Issue
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Greaves Electric Mobility Rights Issue: भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसी बीच Greaves Electric Mobility के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कंपनी का ₹530 करोड़ का राइट्स इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है। इस निवेश से अब कंपनी नई EV तकनीक और अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर तेजी से काम करने की तैयारी में है।

कितना सब्सक्राइब हुआ Greaves Electric Mobility Rights Issue?

Greaves Cotton Ltd की ई-मोबिलिटी कंपनी Greaves Electric Mobility Limited (GEML) का ₹530 करोड़ का राइट्स इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को भेजी गई नियामकीय फाइलिंग में इसकी पुष्टि की। इससे कंपनी को अपने भविष्य के विस्तार और नई तकनीकों पर निवेश के लिए जरूरी पूंजी मिल गई है।

इस राइट्स इश्यू में कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी मौजूदा हिस्सेदारी के अनुपात में निवेश किया। इनमें Greaves Cotton के साथ Abdul Latif Jameel Green Mobility Solutions (ALJ) भी शामिल है। कंपनी का कहना है कि इस सफल पूंजी जुटाने के बाद वह अपने अगले विकास चरण को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।

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कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल कहां करेगी?

Greaves Electric Mobility ने स्पष्ट किया है कि राइट्स इश्यू से जुटाई गई ₹530 करोड़ की पूंजी का उपयोग कंपनी के अगले विकास चरण को गति देने में किया जाएगा। इसका मुख्य फोकस नई तकनीक विकसित करने और अपने इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने पर रहेगा।

कंपनी के प्रबंध निदेशक विकास सिंह के अनुसार, इस निवेश से अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS), पावरट्रेन और अन्य आधुनिक तकनीकों के विकास में तेजी लाई जाएगी। साथ ही नए प्रोडक्ट्स की पाइपलाइन को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्राहकों को बेहतर और आधुनिक विकल्प मिल सकें।

वहीं, चेयरमैन करण थापर ने कहा कि Greaves Cotton की मजबूत वित्तीय स्थिति कंपनी को ऐसे क्षेत्रों में निवेश करने की क्षमता देती है, जहां भविष्य में लंबी अवधि की विकास संभावनाएं हैं। उनका कहना है कि कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, बढ़ता प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और “Building for Bharat” रणनीति आने वाले समय में विकास को और मजबूती देगी.

कंपनी का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ऐसे में वह बेहतर तकनीक, भरोसेमंद उत्पाद और मजबूत ग्राहक अनुभव के जरिए अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी.

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Greaves Electric Mobility का IPO कब आ सकता है?

Greaves Electric Mobility ने फिलहाल अपने प्रस्तावित आईपीओ (IPO) को टालने का फैसला किया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह अभी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा दी गई समय सीमा बढ़ाने के विकल्प का उपयोग नहीं करेगी।

कंपनी का कहना है कि जैसे ही बाजार की परिस्थितियां बेहतर होंगी, जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलेंगी और सभी आवश्यक शर्तें पूरी होंगी, तब सार्वजनिक लिस्टिंग (IPO) की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यानी कंपनी ने IPO की योजना रद्द नहीं की है, बल्कि इसे सही समय तक के लिए स्थगित किया है।

इस बीच कंपनी अपनी विकास योजनाओं पर लगातार काम करती रहेगी। नए निवेश से इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन कारोबार को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा नई तकनीक, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और सर्विस नेटवर्क के विस्तार के साथ ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसका भारतीय सशस्त्र बलों के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है और उसके उत्पाद रक्षा तथा नौसेना से जुड़े कई क्षेत्रों में भी उपयोग किए जाते हैं।

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