भारतीय सीमा के पास पाकिस्तान की बड़ी सैन्य चाल! सर क्रीक में कमांडो, ड्रोन और होवरक्राफ्ट की तैनाती, क्या है ‘अबाबील’ मिशन?

भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाके सर क्रीक को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। पाकिस्तान ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक और सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने यहां “अबाबील – द डिवाइन स्ट्राइक” नाम से नया सैन्य प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें विशेष कमांडो, ड्रोन और आधुनिक हथियारों की तैनाती की गई है।
सर क्रीक के पास पाकिस्तान ने शुरू किया नया सैन्य प्रोजेक्ट
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान नौसेना ने सर क्रीक क्षेत्र में अपनी विशेष नौसैनिक इकाई नेवल स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG-N) के कमांडो तैनात (Pakistan Sir Creek Military Deploy) किए हैं। यह यूनिट समुद्र, जमीन और हवा में विशेष सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित मानी जाती है।
बताया जा रहा है कि “अबाबील – द डिवाइन स्ट्राइक” परियोजना के तहत तुर्की के आधुनिक ड्रोन, चीन में बने नए होवरक्राफ्ट, तेज गति वाली नौसैनिक नावें और नवीनतम रॉकेट तथा एयर डिफेंस सिस्टम शामिल किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, तुर्की के ड्रोन निगरानी करने के साथ-साथ विस्फोटक सामग्री ले जाने में भी सक्षम हैं।
इस परियोजना में एक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल होने की बात कही गई है, जो पाकिस्तान सेना की नई रॉकेट फोर्स के साथ मिलकर सर क्रीक और अरब सागर क्षेत्र में काम करेगा। सूत्रों का कहना है कि इसका उद्देश्य बाहरी खतरों का मुकाबला करना है।
समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए ड्रोन और युद्धपोतों की तैनाती
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अपनी समुद्री रणनीति को मजबूत करने के लिए मानव रहित हवाई और समुद्री ड्रोन को भी नौसैनिक अभियानों का हिस्सा बनाया है। माना जा रहा है कि इन संसाधनों का उपयोग सर क्रीक और अरब सागर में समुद्री निगरानी और संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, सर क्रीक नदी तंत्र के पास बांधा धोरा और हरामी धोरो के बीच कई नए मरीन सुरक्षा चौकियां भी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा दर्जनों तटीय रक्षा नौकाएं, मरीन असॉल्ट क्राफ्ट, होवरक्राफ्ट, नौसैनिक जहाज और हाई-स्पीड पेट्रोल बोट तैनात किए गए हैं। इस पूरे इलाके में नौसैनिक गश्त भी पहले की तुलना में बढ़ाई गई है।
सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान अब केवल तटीय सुरक्षा तक सीमित रहने के बजाय अरब सागर, लाल सागर, फारस की खाड़ी और हिंद महासागर तक अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
चीन और तुर्की से मिल रहा आधुनिक सैन्य सहयोग
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण योजना में चीन और तुर्की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों की ओर से आधुनिक सैन्य उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है। बताया गया है कि चीन ने पाकिस्तान को पहली हैंगोर श्रेणी की पनडुब्बी भी सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, इससे पाकिस्तान की समुद्र में गुप्त संचालन क्षमता और रणनीतिक ताकत बढ़ेगी।
इसके अलावा पाकिस्तान नौसेना में चीन निर्मित तुगरिल श्रेणी के आधुनिक फ्रिगेट भी शामिल किए गए हैं, जो नौसैनिक बेड़े के आधुनिकीकरण का हिस्सा हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि,
पिछले वर्ष चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) का नया पद संभालने के बाद फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने सेना, नौसेना और वायुसेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना पर काम शुरू किया।
इसी क्रम में नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड का गठन भी किया गया, ताकि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके और बाहरी खतरों के खिलाफ संयुक्त संचालन क्षमता मजबूत की जा सके। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक स्तर पर विस्तृत सार्वजनिक जानकारी जारी नहीं की गई है। सामने आई जानकारी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से है।




