सीजफायर के बीच Jag Vikram का बड़ा दाव, दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रूट से निकला भारतीय जहाज

Indian LPG tanker Jag Vikram crosses Hormuz during post ceasefire maritime transit in Gulf waters
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, जिसने भारत की ऊर्जा सप्लाई को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अस्थायी सीजफायर के बाद भारतीय झंडे वाला LPG टैंकर ‘Jag Vikram’ इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजर गया है। यह घटना सिर्फ एक शिप मूवमेंट नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक हालात और ऊर्जा व्यापार की दिशा का संकेत मानी जा रही है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

सीजफायर के बाद फिर खुला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अस्थायी सीजफायर के बाद अब रणनीतिक समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज धीरे-धीरे फिर से खुलता नजर आ रहा है। इसी बीच भारतीय झंडे वाला जहाज ‘जग विक्रम’ इस संवेदनशील इलाके से सुरक्षित गुजर गया (Jag Vikram crosses Hormuz), जिसे हाल के तनाव के बाद किसी भारतीय जहाज की पहली सफल आवाजाही माना जा रहा है।

बता दें कि यह अस्थायी सीजफायर करीब दो हफ्तों के लिए लागू किया गया है, जिसका मकसद समुद्री रास्तों को दोबारा सामान्य करना और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करना है। यह जहाज शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस अहम जलमार्ग से गुजरा और इसके बाद गल्फ ऑफ ओमान की ओर पूर्व दिशा में आगे बढ़ता हुआ देखा गया। पूरी गतिविधि की पुष्टि शिप ट्रैकिंग डेटा से भी हुई है, जिससे यह साफ है कि क्षेत्र में हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं।

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‘जग विक्रम’ टैंकर की क्षमता और समुद्री काफिले की मौजूदा स्थिति

भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ एक मिड-साइज गैस जहाज है, जो मुंबई की कंपनी ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के स्वामित्व में है। इसकी क्षमता 26,000 टन से ज्यादा बताई जाती है। ट्रेड सूत्रों के मुताबिक यह जहाज करीब 20,000 टन एलपीजी लेकर सफर पर हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मार्च की शुरुआत से अब तक यह फारस की खाड़ी से निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज बन गया है। फिलहाल भी लगभग 15 भारतीय झंडे वाले जहाज इस इलाके में मौजूद हैं और सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं। वहीं संघर्ष की शुरुआत में करीब 28 भारतीय जहाज इस पूरे क्षेत्र में फंस गए थे, जिनमें कुछ पश्चिमी हिस्से में और कुछ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्वी हिस्से में रुके हुए थे। धीरे-धीरे कई जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं, लेकिन कुछ अभी भी जोखिम भरे हालात में ही फंसे हुए हैं।

भारत की ऊर्जा निर्भरता और सप्लाई चेन पर असर

भारत दुनिया में ऊर्जा के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है और गैस इस्तेमाल के मामले में भी शीर्ष देशों में शामिल है। देश अपनी जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में दूसरे देशों से ऊर्जा आयात करता है। बता दें कि भारत अपनी करीब 88 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत बाहर से पूरी करता है, जबकि लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और करीब 60 प्रतिशत एलपीजी भी आयात पर निर्भर है।

इनमें से ज्यादातर सप्लाई खाड़ी देशों से होकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचती है, जो एक अहम समुद्री मार्ग है। हाल के तनाव के समय इस सप्लाई चेन पर असर पड़ा था और सरकार को कुछ समय के लिए कमर्शियल सेक्टर जैसे होटल और रेस्टोरेंट में एलपीजी की आपूर्ति सीमित करनी पड़ी थी, हालांकि अब हालात सुधरने के बाद करीब 70 प्रतिशत सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है।

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गौरतलब है कि शुरुआती दौर में उद्योगों खासकर फर्टिलाइजर प्लांट्स को गैस कम दी गई थी ताकि घरेलू जरूरतें जैसे सीएनजी और पाइप्ड कुकिंग गैस को प्राथमिकता मिल सके, लेकिन अब धीरे-धीरे फर्टिलाइजर सेक्टर को भी बढ़ाकर लगभग 95 प्रतिशत तक सप्लाई बहाल कर दी गई है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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