भारत के ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में अब दिखेगा प्राइवेट सेक्टर का दम, HAL ने BEML-अडानी से मिलाया हाथ

HAL Prachand Helicopter Manufacturing: भारत के स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL सेना और वायुसेना के लिए 156 प्रचंड हेलिकॉप्टर तैयार कर रही है। खास बात यह है कि इस बड़े प्रोजेक्ट में अब निजी कंपनियों को भी उत्पादन से जोड़ा गया है।
156 प्रचंड हेलिकॉप्टरों के लिए 62,700 करोड़ रुपये का ऑर्डर
HAL को कुल 156 प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर बनाने का ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत 62,700 करोड़ रुपये है। इनमें 90 हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और 66 हेलिकॉप्टर भारतीय वायुसेना के लिए होंगे। इस प्रोजेक्ट में HAL ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड यानी BEML और अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।
दोनों कंपनियां प्रचंड हेलिकॉप्टर के फ्यूजलेज यानी उसके मुख्य ढांचे का निर्माण करेंगी। समझौते के अनुसार, BEML 48 और अडानी डिफेंस 42 फ्यूजलेज तैयार करेगी। बाकी फ्यूजलेज HAL बनाएगी। HAL के प्रमुख रवि के. ने इसे भारत के एयरोस्पेस सेक्टर के लिए अहम कदम बताया है। उनके अनुसार,
पहली बार निजी उद्योग को हेलिकॉप्टर के फ्यूजलेज स्ट्रक्चर के उत्पादन में इस तरह शामिल किया गया है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इस विस्तार से भारतीय MSME, कंपोनेंट निर्माता और एयरोस्पेस सप्लायर कंपनियों के लिए भी नए अवसर बनने की उम्मीद है।
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पुराने LSP मॉडल से कितना अलग होगा नया प्रचंड हेलिकॉप्टर
156 हेलिकॉप्टरों के लिए तैयार किया जा रहा नया सीरीज प्रोडक्शन प्रचंड हेलिकॉप्टर, मौजूदा LSP (Limited Series Production) मॉडल से ज्यादा आधुनिक होगा। इसमें सात नए सिस्टम और कम से कम चार बड़े अपग्रेड शामिल किए जाएंगे। नए प्रचंड में स्वदेशी एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, लेजर गाइडेड रॉकेट और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम दिए जाएंगे। इसके अलावा हेलिकॉप्टर में न्यूक्लियर डिटेक्शन क्षमता भी शामिल होगी।
सुरक्षित संचार के लिए इसमें डाटालिंक सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे प्रचंड दूसरे प्लेटफॉर्म के साथ सुरक्षित तरीके से जानकारी साझा कर सकेगा। इसके साथ ही ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस सिस्टम और डायरेक्टेड इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स भी मिलेंगे। ये तकनीकें हेलिकॉप्टर की सुरक्षा और ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
वहीं, HAL अब तक 15 LSP प्रचंड हेलिकॉप्टर तैयार करके सेना और वायुसेना को सौंप चुकी है। इनमें 10 भारतीय वायुसेना और 5 भारतीय सेना के पास हैं। इन LSP हेलिकॉप्टरों में एयर-टू-एयर मिसाइल, अनगाइडेड रॉकेट और टर्रेट गन जैसी क्षमताएं मौजूद हैं।
कब शुरू होगी प्रचंड हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी?
HAL ने कर्नाटक के तुमकुरु में अपने नए हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में प्रचंड का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी के मुताबिक, 156 हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी और इसके बाद करीब पांच साल में पूरा ऑर्डर पूरा किया जाएगा।
फिलहाल LCH में इस्तेमाल होने वाली स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी मूल्य के आधार पर 45 प्रतिशत है। सीरीज प्रोडक्शन के आखिरी हेलिकॉप्टर तक इसे बढ़ाकर 65 प्रतिशत से ज्यादा करने की योजना है।
HAL के तुमकुरु प्लांट में कौन-कौन से हेलिकॉप्टर बनेंगे?
कर्नाटक के तुमकुरु में HAL का हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट करीब 615 एकड़ में फैला है। इस सुविधा का उद्घाटन फरवरी 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां सिर्फ प्रचंड LCH ही नहीं, बल्कि आने वाले समय में कई दूसरे स्वदेशी हेलिकॉप्टरों के निर्माण की भी योजना है।
फिलहाल इस प्लांट की क्षमता सालाना 30 हेलिकॉप्टर बनाने की है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त निवेश और नए ऑर्डर मिलने पर उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर अलग-अलग तरह के हेलिकॉप्टरों की 100 यूनिट सालाना तक किया जा सकता है।
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इस प्लांट में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर के साथ लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर का भी निर्माण किया जाना है। इसके अलावा भविष्य में 13 टन क्षमता वाले इंडियन मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (IMRH) और इसके डेक-बेस्ड वर्जन को भी यहां तैयार करने की योजना है।
प्रचंड हेलिकॉप्टर को सरकार की सैन्य प्लेटफॉर्म से जुड़ी पॉजिटिव इंडिजिनाइजेशन लिस्ट में भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करना और देश में ही हथियारों, सिस्टम और सैन्य प्लेटफॉर्म के निर्माण को बढ़ावा देना है।
156 प्रचंड हेलिकॉप्टरों का मौजूदा प्रोजेक्ट भी इसी आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। HAL के साथ BEML और अडानी डिफेंस जैसी निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से भारत में हेलिकॉप्टर उत्पादन के साथ-साथ घरेलू एयरोस्पेस सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

