ITR भरने वालों के लिए बड़ी राहत! अब 21 नवंबर तक भर सकेंगे रिटर्न, CBDT ने बढ़ाई तारीख

ITR Filing Deadline 2026: इनकम टैक्स रिटर्न भरने को लेकर टेंशन में चल रहे टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार ने टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है। अब आपको जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आपको पूरे 21 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है।
क्या है नई ITR Filing Deadline?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बड़ी घोषणा की है। पहले टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी और ITR फाइल करने की तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी। अब इसे बढ़ा दिया गया है।
नए फैसले के मुताबिक टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की नई तारीख 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है और ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 21 नवंबर 2026 हो गई है। यह नई डेडलाइन सिर्फ उन टैक्सपेयर्स और कंपनियों के लिए है जिन्हें अपने खातों का ऑडिट कराना पड़ता है।
जो लोग सामान्य कैटेगरी में ITR फाइल करते हैं और जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं होती है, उन पर इस नई तारीख का कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका शेड्यूल पहले जैसा ही रहेगा। यह फैसला खासतौर पर बिजनेसमैन और बड़ी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित होगा जिन्हें अपना हिसाब किताब ऑडिट कराना होता है।
क्यों बढ़ानी पड़ी डेडलाइन?
पिछले कुछ महीनों से टैक्स प्रोफेशनल और चार्टर्ड अकाउंटेंट लगातार सरकार से डेडलाइन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि, टैक्स ऑडिट की प्रक्रिया बहुत लंबी और मुश्किल होती है। इसमें सिर्फ एक फॉर्म भरना नहीं होता है। कारोबार से जुड़े सारे वित्तीय रिकॉर्ड इकट्ठा करने पड़ते हैं।
बुक्स ऑफ अकाउंट, बिक्री के रिकॉर्ड, खर्चों का हिसाब, बैंक स्टेटमेंट, जीएसटी की जानकारी, टीडीएस और टीसीएस के रिकॉर्ड का मिलान करना पड़ता है। इसके अलावा AIS, TIS और फॉर्म 26AS को भी क्रॉस चेक करना होता है। इतना सारा काम करने में काफी समय लगता है।
वहीं कुछ लोगों ने इनकम टैक्स पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया था। इन सभी परेशानियों को देखते हुए आखिरकार CBDT ने 21 दिन का अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया। इस फैसले से लाखों टैक्सपेयर्स को राहत मिली है और वे अब बिना किसी दबाव के अपनी रिपोर्ट तैयार कर पाएंगे।
टैक्स ऑडिट में क्या चेक होता है?
टैक्स ऑडिट एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें आपके कारोबार से जुड़े हर छोटे बड़े लेनदेन की जांच की जाती है। ऑडिट के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट आपके बुक्स ऑफ अकाउंट, इनवॉइस, बैंक रिकॉर्ड और टैक्स से जुड़े सभी दस्तावेजों को ध्यान से देखते हैं। वे यह पक्का करते हैं कि आपने जो जानकारी दी है वह सही है और AIS TIS से मेल खाती है।
अब जिन लोगों को इस नई डेडलाइन का फायदा मिला है उन्हें कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। उन्हें अपने बुक्स ऑफ अकाउंट को अपडेट रखना होगा। बैंक स्टेटमेंट और इनवॉइस की अच्छी तरह जांच करनी होगी। जीएसटी, टीडीएस और टीसीएस के रिकॉर्ड को क्रॉस चेक करना होगा। AIS TIS और फॉर्म 26AS का मिलान करना होगा। अपने सीए को जरूरी दस्तावेज समय पर दे देने चाहिए।
ऑडिट वाले टैक्सपेयर ITR कैसे फाइल करें?
टैक्स ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने का तरीका थोड़ा अलग होता है। उनके लिए सिर्फ ITR भरना ही काफी नहीं है। सबसे पहले उन्हें अपने सीए से टैक्स ऑडिट रिपोर्ट तैयार करवानी होती है और उसे पोर्टल पर अपलोड करवाना होता है। सीए के रिपोर्ट अपलोड करने के बाद ई फाइलिंग अकाउंट में जाकर अप्रूवल चेक करना होता है। इसके बाद ही ITR फाइलिंग पूरी करनी होती है।
इसके लिए सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर जाना होगा। वहां ITR फाइलिंग का विकल्प चुनना होगा। फिर असेसमेंट ईयर का चुनाव करके ऑनलाइन फाइलिंग पर क्लिक करना होगा। सही ITR फॉर्म चुनकर सारी जरूरी जानकारी भरनी होगी। AIS TIS से इनकम और TDS की डिटेल मिलानी होगी।
डिडक्शन और टैक्स कैलकुलेशन देखना होगा। अगर कोई पुराना टैक्स बाकी है तो उसका भुगतान करना होगा और आखिर में ITR सबमिट करके ई वेरिफिकेशन जरूर करना होगा। डेडलाइन बढ़ने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप आखिरी दिन तक इंतजार करें।

