देश में H1N1 का बढ़ा खतरा! 24 घंटे में 138 नए केस, जानिए किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

Delhi H1N1 Cases Alert: देश में H1N1 का बढ़ा खतरा! 24 घंटे में 138 नए केस, जानिए किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
1 min read

Delhi H1N1 Cases: दिल्ली में H1N1 संक्रमण के मामलों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। पिछले 24 घंटे में 138 नए केस सामने आए हैं, जिसके बाद इस साल H1N1 संक्रमितों की संख्या 2,446 हो गई है। Influenza-A के कुल मामले भी 3,177 तक पहुंच चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

24 घंटे में H1N1 के 138 नए मामले दर्ज

दिल्ली सरकार के अनुसार, पिछले 24 घंटे में H1N1 के 138 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही इस साल शहर में H1N1 मामलों की कुल संख्या 2,446 पहुंच गई है। वहीं दिल्ली में Influenza-A के कुल मामले अब 3,177 हो चुके हैं।

मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को अपनी तैयारियां मजबूत करने के लिए कहा गया है। अस्पतालों में आइसोलेशन बेड, जांच की सुविधा, जरूरी दवाओं और 24 घंटे मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, लेकिन साथ ही कहा है कि मौजूदा स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, अभी तक अस्पताल पहुंचने वाले ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण देखे गए हैं और वे जल्द ठीक हुए हैं।

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी लोगों को खुद से एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है।

किस वजह से फैल रहा है H1N1 संक्रमण?

संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष देसाई के अनुसार, देश में H1N1 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR की निगरानी में H1N1 को मौजूदा सांस संबंधी बीमारी के मामलों से जोड़ा गया है।

डॉ. देसाई के मुताबिक, दिल्ली में पिछले सप्ताह दर्ज सांस संबंधी समस्याओं के करीब 70 प्रतिशत मामलों के पीछे H1N1 संक्रमण पाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में इस साल Influenza-A के 2,300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 से अधिक मामलों की पुष्टि H1N1 के रूप में हुई है।

हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ किया है कि मौजूदा बढ़ोतरी किसी नए या म्यूटेंट H1N1 वायरस की वजह से नहीं है। यह उसी वायरस का मौसमी बढ़ना है, जिसे स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से पहचानती है। पिछले चार से पांच सप्ताह में मामलों की संख्या बढ़ी और इसके बाद इसमें कुछ स्थिरता देखने को मिली।

COVID-19 को लेकर भी फिलहाल अलग तस्वीर सामने आ रही है। डॉ. देसाई के अनुसार, जहां H1N1 के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं COVID-19 के मामले नीचे जा रहे हैं। इसलिए मौजूदा सांस संबंधी बीमारी की लहर को कोरोना की नई लहर के बजाय Influenza की बढ़ी हुई गतिविधि से जोड़ा जा रहा है।

भारत में COVID-19 के बाद बीमारी की निगरानी व्यवस्था भी मजबूत हुई है। ICMR और स्वास्थ्य अधिकारियों को राज्यों से मिलने वाली रिपोर्ट के अलावा देशभर के 73 सेंटिनल लैब और अस्पतालों से जांच के आंकड़े मिलते हैं। इससे H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी का पता तेजी से लगाने में मदद मिली है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी जरूरी?

विशेषज्ञों के अनुसार, H1N1 के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और मरीज आराम, पर्याप्त पानी और सामान्य देखभाल से ठीक हो सकते हैं। बुखार, खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने भी बताया कि अस्पतालों में पहुंचने वाले अधिकतर मरीजों में हल्का बुखार और सामान्य लक्षण पाए गए हैं। कई मरीज एक या दो दिन में ठीक हो गए।

हालांकि, सभी लोगों के लिए स्थिति एक जैसी नहीं होती। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और डायबिटीज, हृदय रोग या सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों में जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर ज्यादा सावधानी और समय पर चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

अगर बुखार कई दिनों तक बना रहे, दवा लेने के बाद भी कम न हो, सांस लेने में परेशानी हो या सीने में दर्द महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए। खासकर जोखिम वाले लोगों में शुरुआती इलाज गंभीर स्थिति से बचाने में मदद कर सकता है।

सरकार फिलहाल बढ़ते मामलों को लेकर तैयारी बढ़ा रही है, न कि इसे लेकर लोगों में डर पैदा करना चाहती है। दिल्ली के अस्पतालों को कम से कम पांच आइसोलेशन बेड रखने के लिए कहा गया है, जबकि बड़े अस्पतालों में 10 या उससे अधिक आइसोलेशन बेड रखने के निर्देश हैं। साथ ही दवाओं, जांच सामग्री और आपातकालीन सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखने को कहा गया है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, हाथों को नियमित रूप से साफ रखें और बीमारी के दौरान भीड़भाड़ वाली बंद जगहों से दूरी बनाए रखें। लक्षण होने पर मास्क पहनना भी दूसरों तक संक्रमण फैलने का खतरा कम कर सकता है। संदेश साफ है: सावधान रहें, लेकिन घबराएं नहीं।

Jai Jagdamba News Whatsapp

About the Author

Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

View all articles by Veer Rai →