नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही, 150 से ज्यादा मौतें और सैकड़ों लापता; अमेरिका ने बढ़ाया मदद का हाथ

Nepal Flash Flood 2026
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Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक 157 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 400 लोग लापता हैं। हालात को देखते हुए अमेरिका ने 5 लाख डॉलर की आपात सहायता का ऐलान किया है।

अमेरिका करेगा 5 लाख डॉलर की मदद

नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद अमेरिका ने राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 500,000 डॉलर की आपात सहायता देने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार, 26 अगस्त को इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई।

अमेरिका ने कहा कि,

वह नेपाल में राहत अभियान को समर्थन देने के लिए एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार भी भेजेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रसुवा जिले में हुई इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों के प्रति अमेरिका की गहरी संवेदना है। यह आपदा नेपाल के तीन जिलों में बड़े स्तर पर असर डाल चुकी है। तेज पानी के बहाव में लोगों के साथ-साथ घर, वाहन और जरूरी बुनियादी ढांचे भी बह गए।

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ये देश भी मदद के लिए आए आगे

नेपाल में बिगड़ते हालात के बीच कई देशों ने राहत और बचाव अभियान में सहयोग की पेशकश की है। बांग्लादेश ने नेपाल की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता जताते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में मदद की पेशकश की है।

भारत भी नेपाल की सहायता के लिए तैयारी कर रहा है। भारत ने नेपाल से जरूरी राहत सामग्री की सूची मांगी है। इसके बाद काठमांडू तक आवश्यक सामान भेजने की तैयारी की जा रही है। चीन ने भी तत्काल नकद सहायता देने पर सहमति जताई है। नेपाल ने इस सहायता को प्राप्त करने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस बीच विश्व बैंक ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए 25 अरब नेपाली रुपये तक की आपात सहायता जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के प्रयासों को मदद मिलने की उम्मीद है।

कैसे आई अचानक इतनी भीषण बाढ़?

द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भोतेकोशी नदी के आसपास आई अचानक बाढ़ में कम से कम 157 लोगों की मौत हुई है और करीब 400 लोग अभी भी लापता हैं। Nepal के प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक लापता लोगों में 391 विदेशी नागरिक और 44 सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।


बताया जा रहा है कि ल्हेंदे नाम की सहायक नदी का रास्ता एक हिमस्खलन के कारण रुक गया था। इसके बाद अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ और रसुवागढ़ी के पास तिमुरे इलाके में तबाही मच गई। यह इलाका नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित है।

पानी का तेज बहाव आगे स्याफ्रुबेसी और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ गया। इस घटना की सबसे चिंताजनक बात यह रही कि तत्काल आसपास बारिश की सूचना नहीं थी। ऐसे में स्थानीय लोगों को बाढ़ के आने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

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ऑस्ट्रेलिया ने भी बताया है कि उसके 34 नागरिक इस आपदा के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि,

आपदा का स्तर बहुत बड़ा है और नेपाल के सीमित संसाधनों के कारण लोगों के बारे में जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय स्थानीय अधिकारियों और टूर ऑपरेटरों के साथ मिलकर प्रभावित इलाके में मौजूद अपने नागरिकों की जानकारी जुटा रहा है।

यहाँ राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के अब भी लापता होने के कारण आने वाले समय में मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

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