उज्जैन में शाही मस्जिद पर फिर बढ़ा विवाद, सड़क चौड़ीकरण के बीच आमने-सामने आए लोग

Ujjain Shahi Masjid Controversy: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद को लेकर विवाद सोमवार को और गंभीर हो गया। सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की योजना का स्थानीय लोगों और मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने विरोध किया। सोमवार को मौके पर तनाव की स्थिति बनी और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
सड़क चौड़ीकरण की योजना से शुरू हुआ शाही मस्जिद विवाद
विवाद की शुरुआत उज्जैन नगर निगम की सड़क चौड़ीकरण योजना से हुई। नगर निगम के अनुसार, उज्जैन विकास योजना 2035 के तहत शहर की कुछ सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसका एक बड़ा उद्देश्य सिंहस्थ कुंभ 2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संभालना है।
शाही मस्जिद जिस रास्ते पर स्थित है, वह गोपाल मंदिर और महाकाल मंदिर की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग से जुड़ा है और आगे क्षिप्रा नदी की ओर जाता है। प्रशासन का तर्क है कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस इलाके में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए सड़क पर पर्याप्त जगह जरूरी है। हाईकोर्ट के 9 सितंबर के आदेश में भी 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण से जुड़े नगर निगम के कदम का उल्लेख किया गया था।
📍UJJAIN, MADHYA PRADESH | Police personnel urge protesters not to pelt stones as they try to speak to the crowd after protests erupted over demolition of a portion of Shahi Masjid for a road-widening project pic.twitter.com/tzpCJ7o9Wc
— The Tatva (@thetatvaindia) September 28, 2026
नगर निगम की कार्रवाई केवल शाही मस्जिद तक सीमित सड़क योजना का हिस्सा नहीं बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में कई अन्य संरचनाएं भी प्रभावित हुई हैं। मस्जिद का जो हिस्सा सड़क की प्रस्तावित सीमा में आ रहा है, उसी को लेकर मुख्य विवाद है।
रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मुस्लिम समुदाय के सदस्य शाही मस्जिद के आसपास जमा हुए थे। कुछ लोगों ने रात में भी परिसर के आसपास रहने की बात कही। प्रशासन ने स्थिति को बातचीत के जरिए संभालने की कोशिश की और इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया।
सोमवार को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच टकराव की खबर सामने आई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ रिपोर्टों में पुलिस पर पत्थरबाजी की बात भी सामने आई है। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स सहित अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इससे पहले उज्जैन प्रशासन की ओर से कहा गया था कि स्थिति को बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई थी। ऐसे में अब पूरे मामले की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिक गई है।
Breaking
Volunteers at Shahi Masjid in MP’s Ujjain have begun demolishing 3 feet of the mosque’s hanging slab to avert bulldozer action as tensions flare up.
For two nights, people had formed a night vigil to stop the demolition, with hundreds of people camping inside the mosque pic.twitter.com/4zcx0oXfdM— Ghazala Ahmad (@ghazalaahmad5) September 28, 2026
9 सितंबर के फैसले के बाद क्या हुआ?
शाही मस्जिद से जुड़े पक्षों ने सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 9 सितंबर 2026 को इंदौर खंडपीठ की एकलपीठ ने दो याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अदालत के आदेश में कहा गया कि नगर निगम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और संबंधित पक्षों को अपनी आपत्तियां रखने का अवसर दिया था।
मस्जिद प्रबंधन की ओर से अदालत में दलील दी गई कि प्रस्तावित कार्रवाई से नमाज पढ़ने वाली जगह, करीब 120 फीट ऊंची मीनार और मजहर चौक से जुड़े हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। याचिकाकर्ताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और संपत्ति से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का भी हवाला दिया।
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर… pic.twitter.com/yfBruSgpiZ
— Asif Ansari (@Asifansari9410) September 28, 2026
दूसरी ओर, नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण को सार्वजनिक जरूरत से जुड़ा बताया है। निगम का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए सड़क को पर्याप्त चौड़ा करना जरूरी है। हाईकोर्ट के 9 सितंबर के आदेश में भी सड़क चौड़ीकरण को उज्जैन विकास योजना 2035 और सार्वजनिक हित से जोड़कर देखा गया था।
अब 28 सितंबर को युगलपीठ में होने वाली सुनवाई इस विवाद में अगला महत्वपूर्ण कदम है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी। फिलहाल शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। मामले का आगे का रास्ता अदालत के आदेश और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

