7 अक्टूबर को बदल सकता है मौसम का मिजाज, दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

Weather 7 October 2026: 7 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ सकता है। मानसून की वापसी के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में 7 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रह सकता है। वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली-NCR में छाए रह सकते हैं बादल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में बुधवार 7 अक्टूबर को आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
दिन में बादलों की आवाजाही और हल्की हवाओं से लोगों को उमस वाली गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। पिछले दिनों बनी मौसमी परिस्थितियों का असर 7 और 8 अक्टूबर को भी दिखाई दे सकता है। दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ने के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
रात के तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में सुबह और रात के समय मौसम पहले की तुलना में थोड़ा सुहावना महसूस होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा
उत्तर प्रदेश में 7 अक्टूबर को मौसम को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। IMD ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में यह गतिविधि 8 अक्टूबर को भी बनी रह सकती है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, बरेली, आगरा और नोएडा-गाजियाबाद के आसपास के इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है। स्थानीय मौसमी परिसंचरण के कारण कुछ स्थानों पर बादल तेजी से बन सकते हैं और बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली कड़कने के समय पेड़, बिजली के खंभे या खुले स्थान पर खड़े होने से बचना चाहिए। सुरक्षित रहने के लिए पक्की इमारत के अंदर जाना बेहतर माना जाता है।
उत्तराखंड-हिमाचल में भी सक्रिय रहेगा मौसम
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी 7 अक्टूबर को मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और बारिश का असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ सकता है। इससे उत्तर भारत में सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बढ़ने की शुरुआत हो सकती है।
देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ उप-हिमालयी क्षेत्रों में भी गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है।
अक्टूबर में मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
अक्टूबर को मौसम के बदलाव का दौर माना जाता है। इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से वापस लौट रहा होता है। हालांकि वातावरण में मौजूद नमी पूरी तरह खत्म नहीं होती। जब यह नमी ऊपरी हवाओं या कमजोर मौसमी सिस्टम के संपर्क में आती है, तो स्थानीय स्तर पर गरज वाले बादल बन सकते हैं।
इसी वजह से मानसून की वापसी के बीच भी कुछ राज्यों में अचानक बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसलिए 7 अक्टूबर को यात्रा करने वाले लोगों को अपने क्षेत्र का स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान वाहन की गति कम रखना और खेतों में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करना भी महत्वपूर्ण है।
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