बक्सर: ₹10 लाख की ठगी मामले में शैलेश मिश्रा गिरफ्तार, गुजरात के साइबर फ्रॉड केस से जुड़ा है मामला

बक्सर में गुजरात साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस ने बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा के नगर परिषद प्रतिनिधि बताए जाने वाले शैलेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। उन पर गुजरात के दाहोद में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामले में आरोप लगाया गया है।
गिरफ्तारी के बाद शैलेश मिश्रा को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर गुजरात पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक यूपीआई आईडी और बैंक खाते के जरिए कथित तौर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत दर्ज है।
विधायक के प्रतिनिधि की गिरफ्तारी क्यों हुई?
गुजरात साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, शैलेश मिश्रा की गिरफ्तारी (Shailesh Mishra Arrest) दाहोद साइबर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। इस मामले में प्राथमिकी संख्या 11821021260005 दर्ज बताई गई है।
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार के मुताबिक,
शिकायत में एक यूपीआई आईडी के जरिए 20 हजार रुपये और बंधन बैंक लिमिटेड के एक खाते के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये की कथित साइबर धोखाधड़ी का जिक्र है।
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पुलिस का कहना है कि,
प्राथमिकी में दर्ज बैंक खाते और मोबाइल नंबर का संबंध बक्सर निवासी शैलेश मिश्रा से बताया गया है। इसी आधार पर उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया।
हालांकि, केवल किसी बैंक खाते या मोबाइल नंबर से संबंध सामने आने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में उनकी वास्तविक भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
बक्सर में कहां से हुई गिरफ्तारी
यह मामला गुजरात के दाहोद जिले के झालोद निवासी 34 वर्षीय प्रीतम कुमार कांतुभाई सांग्डा की शिकायत से जुड़ा है। उनकी शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने कथित धोखाधड़ी की जांच शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से शैलेश मिश्रा की तलाश की जा रही थी। इसी सिलसिले में गुजरात साइबर क्राइम पुलिस की टीम बक्सर पहुंची। स्थानीय नगर थाना पुलिस की मदद से शुक्रवार को बसाव मठ के पास शैलेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद गुजरात पुलिस शैलेश मिश्रा को अपने साथ गुजरात ले गई। अब मामले में आगे की जांच संबंधित पुलिस करेगी।
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विधायक के प्रतिनिधि होने से चर्चा
शैलेश मिश्रा की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्हें बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा का नगर परिषद प्रतिनिधि बताया जाता है। इस वजह से मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी लोगों की नजर बनी हुई है।
हालांकि, उनकी राजनीतिक या प्रशासनिक पहचान से साइबर धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं होते। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें दाहोद में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार किया है।
जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित लेनदेन किस तरह हुआ, संबंधित बैंक खाते और मोबाइल नंबर की भूमिका क्या थी और शिकायतकर्ता के साथ हुई धोखाधड़ी में शैलेश मिश्रा की कथित भूमिका कितनी थी।
इन सवालों के जवाब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आ सकते हैं। फिलहाल, इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के तहत ही होगा। बक्सर में हुई इस गिरफ्तारी ने स्थानीय स्तर पर चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन मामले के तथ्यों और आरोपों की पुष्टि होने तक इसे साइबर धोखाधड़ी के आरोप से जुड़ा मामला ही माना जाना चाहिए।

