निवेशकों को लगा बड़ा झटका, एक ही दिन में सोना 9% और चांदी 17% लुढ़की, जानें वजह

Gold Silver Price Crash Today 30 January 2026
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Gold Silver Price Crash: बाजार में शुक्रवार को ऐसा भूचाल आया कि सोना-चांदी में निवेश करने वालों की सांसें थम गईं। गुरुवार तक रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार में दौड़ रहे गोल्ड और सिल्वर अचानक धड़ाम हो गए। खास बात है कि बीते कुछ महीनों में यह सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट मानी जा रही है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि निवेशकों ने मुनाफा काटने की होड़ लगा दी? आइए पूरी कहानी आसान भाषा में समझते हैं।

MCX पर सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

शुक्रवार को वायदा कारोबार में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार अचानक टूट गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी वायदा करीब 17 प्रतिशत गिरकर ₹3.32 लाख प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना करीब 9 प्रतिशत फिसलकर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया।

चांदी में महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट

MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी वायदा कीमत में ₹67,891 या 16.97% की भारी गिरावट आई और यह ₹3,32,002 प्रति किलो पर बंद हुई। यह चांदी की हाल के महीनों में सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट मानी जा रही है। इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को चांदी ने ₹4,20,048 प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था और बाद में ₹3,99,893 पर बंद हुई थी। यानी 24 घंटे के भीतर ही तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

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सोने की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट

सोने के निवेशकों के लिए भी शुक्रवार का दिन झटका लेकर आया। MCX पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना ₹15,246 या 9% टूटकर ₹1,54,157 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गौरतलब है की गुरुवार को सोने ने ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था और फिर हल्की गिरावट के साथ ₹1,69,403 पर बंद हुआ था। इसके बाद शुक्रवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली।

ETF निवेशकों को भी भारी नुकसान

सोना-चांदी की तेज गिरावट (Gold Silver Price Crash) का असर सिर्फ वायदा बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ETF में पैसा लगाने वालों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। एनालिस्ट के मुताबिक,

गोल्ड और सिल्वर सभी सेगमेंट में लोअर सर्किट पर पहुंच गए और ऊंचे स्तर से जमकर मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसकी वजह से गोल्ड-सिल्वर ETF की कीमतें वायदा बाजार से भी ज्यादा टूट गईं और घरेलू बाजार में इनमें करीब 20 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है।

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अमेरिका से जुड़ी खबरों का असर

इस गिरावट के पीछे अमेरिका से जुड़ी खबरें भी बड़ी वजह बनीं, जहां फेडरल रिजर्व के अगले चेयर को लेकर चर्चाएं तेज हैं और केविन वार्श का नाम सामने आ रहा है, जिन्हें सख्त मौद्रिक नीति का समर्थक माना जाता है। अगर वे फेड चेयर बनते हैं तो ब्याज दरों पर कड़ा रुख अपनाया जा सकता है, जिससे डॉलर मजबूत होता है और सोना-चांदी पर दबाव बढ़ता है।

इसी बीच डॉलर इंडेक्स भी 0.33 फीसदी चढ़कर 96.60 पर पहुंच गया, और मजबूत डॉलर ने कीमती धातुओं की कीमतों पर और दबाव बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाहाकार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को चौंका दिया। Comex पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 16.87 फीसदी टूटकर USD 95.12 प्रति औंस के इंट्राडे लो तक पहुंच गई, जबकि इससे पहले सत्र में यह USD 121.78 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर थी।

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वहीं अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स में भी भारी बिकवाली दिखी और सोना USD 392.1 या 7.32 फीसदी गिरकर USD 4,962.7 प्रति औंस पर आ गया। गुरुवार को ही सोने ने USD 5,626.8 प्रति औंस का लाइफटाइम हाई छुआ था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि,

यह गिरावट मुनाफावसूली और हालिया वैश्विक खबरों का असर है और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह मौके भी बना सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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