बक्सर: शराबबंदी के बीच DTO ऑफिस में मिला शराब का ढेर, सरकारी दफ्तर से मिली बोतलों ने मचाया हड़कंप

बक्सर DTO कार्यालय परिसर से भारी मात्रा में शराब की बोतल बरामद - Buxar DTO Office Liquor Bottles Found
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बक्सर जिला परिवहन कार्यालय (DTO) परिसर में शराब की बोतलों का बड़ा जखीरा मिलने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। सरकारी दफ्तर के भीतर सैकड़ों बोतलें और रैपर बरामद होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। बिहार में शराबबंदी के बीच सामने आया यह मामला लोगों को हैरान कर रहा है। पुलिस और उत्पाद विभाग जांच में जुटे हैं और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि यह सब वहां कब और कैसे पहुंचा।

बक्सर DTO परिसर से कैसे मिला शराब का जखीरा?

जानकारी के अनुसार, बक्सर जिला परिवहन कार्यालय परिसर के नीचे बने कमरों और सरकारी अलमारियों के आसपास से सैकड़ों की संख्या में शराब की बोतलें और रैपर बरामद किए गए। जैसे ही इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को दी, मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गौरतलब है कि सरकारी दफ्तर के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में शराब का मिलना आम लोगों के लिए भी हैरानी का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकारी परिसर में ही ऐसी चीजें मिलेंगी तो कानून व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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पुलिस और उत्पाद विभाग ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद एसडीपीओ गौरव पांडेय भी टीम के साथ कार्यालय परिसर पहुंचे और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई। इसके बाद उत्पाद विभाग की टीम ने भी पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। फिलहाल बरामद बोतलों की गिनती की जा रही है।

हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब वहां कब से रखी गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।

सरकारी दफ्तर में शराब मिलने से उठे गंभीर सवाल

बिहार में लंबे समय से शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद एक सरकारी दफ्तर परिसर से शराब की बरामदगी (Buxar DTO Office Liquor Bottles Found) ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जगह पर जिला परिवहन पदाधिकारी समेत कई अधिकारी रोजाना बैठते हैं, वहां इस तरह की चीजें मिलना लोगों के लिए भी चौंकाने वाला है।

शुरुआती जांच में इसे सिर्फ शराब पीने या रखने का मामला नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या संगठित गतिविधि की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि पुलिस और उत्पाद विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है।

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दूसरी तरफ स्थानीय लोगों में नाराजगी साफ देखी जा रही है, उनका कहना है कि,

जब सरकारी दफ्तर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो आम जनता सिस्टम पर भरोसा कैसे करेगी।

फिलहाल कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी चल रही है और पूरी जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह सिर्फ लापरवाही थी या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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