फ्लाई दुबई FZ1073: नौकरी मिलने से पहले ही बनाया था विमान क्रैश करने का प्लान, को-पायलट हमाम अल हमामी ने पूछताछ में बताई पूरी कहानी

फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़े मामले में जांच के दौरान कई अहम बातें सामने आ रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट हमाम अल हमामी ने पूछताछ में विमान को इजरायल के बेन गुरियोन एयरपोर्ट पर क्रैश करने की योजना के बारे में जानकारी दी है।
बताया जा रहा है कि हमामी ने यह योजना फ्लाई दुबई में नौकरी मिलने से पहले ही बना ली थी। जांच एजेंसियां अब उसकी तैयारी, मकसद और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका की जांच कर रही हैं।
फ्लाई दुबई में नौकरी करने के पीछे क्या थी योजना?
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, हमाम अल हमामी (FlyDubai Co-Pilot Hamam Al Hamami) ने उन एयरलाइंस के बारे में जानकारी जुटाई थी जो तेल अवीव के लिए उड़ान संचालित करती हैं। इसके बाद उसने फ्लाई दुबई में नौकरी के लिए आवेदन किया। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि फ्लाई दुबई में नौकरी हासिल करना उसकी योजना का हिस्सा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, उसने दूसरी एयरलाइंस में भी नौकरी पाने की कोशिश की थी। यानी विमान को निशाना बनाने का विचार नौकरी मिलने के बाद अचानक नहीं आया था, बल्कि इसके बारे में उसने पहले से सोचना शुरू कर दिया था।
जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि उसने फ्लाई दुबई को ही क्यों चुना और कॉकपिट तक पहुंचने के लिए उसने किस तरह तैयारी की।
पहले भी इजरायल जाने वाली फ्लाइट को लेकर बनाया था विचार
पूछताछ में हमामी से जुड़ी एक और जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, उसने इससे पहले भी इजरायल जाने वाली एक फ्लाइट को हाईजैक करने या उसे क्रैश करने का विचार किया था।
हालांकि, उस समय उसने अपना इरादा बदल दिया था। इसके बावजूद विमान को निशाना बनाने की योजना उसके दिमाग में बनी रही। बाद में उसने कथित तौर पर अपनी योजना को आगे बढ़ाया।
जांच एजेंसियां अब उसके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसकी योजना कब शुरू हुई और समय के साथ उसमें किस तरह बदलाव आया।
बेन गुरियोन एयरपोर्ट था कथित निशाना
इस मामले में बेन गुरियोन एयरपोर्ट का नाम सबसे अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, हमामी ने पूछताछ में बताया कि उसका सपना था कि इजरायल जाने वाले विमान को बेन गुरियोन एयरपोर्ट पर क्रैश किया जाए।
हालांकि, इस योजना के पीछे उसका असली मकसद क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां हमले के संभावित कारण और उसकी तैयारी से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं।
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों को किसी दूसरे संगठन या व्यक्ति की ओर से निर्देश मिलने का स्पष्ट सबूत नहीं मिला है। इजरायली अधिकारी इस घटना को अकेले की गई योजना के रूप में देख रहे हैं। जांच में हमामी के पुराने रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की भी पड़ताल की जा रही है।
फ्लाई दुबई की FZ1073 फ्लाइट में सवार सभी यात्री और केबिन क्रू सुरक्षित बताए गए हैं। हालांकि, इस घटना ने विमानन सुरक्षा और पायलटों की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि जिस व्यक्ति पर ओमान में प्रतिबंध लग चुका था और जिसके बारे में पहले से संदेह मौजूद थे, वह फ्लाई दुबई में पायलट की नौकरी तक कैसे पहुंचा।
फिलहाल जांच जारी है। हमाम अल हमामी से पूछताछ के आधार पर आने वाले समय में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।
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