NCERT ने बदल दी कक्षा 9 की इतिहास की किताब, अब इन वीरों की कहानी भी पढ़ेंगे छात्र

NCERT Class 9 History Book बदली, नायकी देवी से लचित तक नई कहानियां
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कक्षा 9 के छात्रों के लिए NCERT की नई Social Science Book में इतिहास से जुड़े कई अहम बदलाव किए गए हैं। नई किताब में नायकी देवी, रुद्रमादेवी, अब्बक्का चौटा, महाराणा प्रताप और लचित बोरफुकान जैसे ऐतिहासिक किरदारों और क्षेत्रीय शक्तियों से जुड़े प्रसंगों को जगह दी गई है। आखिर नई किताब में क्या बदला है और छात्रों को अब इतिहास किस तरह पढ़ाया जाएगा?

नई किताब में युद्ध के साथ क्षेत्रीय इतिहास पर भी जोर

नई NCERT Class 9 History Book का नाम Understanding Society: India and Beyond-Part 2 है। इसका एक प्रमुख अध्याय Resistance and Resilience (1000 CE-1700 CE) है। NCERT के आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार इस अध्याय के लिए 9 घंटे निर्धारित किए गए हैं। इसमें क्षेत्रीय राज्यों के राजनीतिक और सैन्य योगदान के साथ कला, वास्तुकला, भाषाओं, साहित्य, भक्ति परंपरा, किलों और अर्थव्यवस्था जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

इसका मतलब यह है कि छात्रों को मध्यकालीन भारत को केवल राजाओं और युद्धों के जरिए नहीं समझाया जाएगा। नए पाठ में प्रतिरोध, गठबंधन, सहयोग और अलग-अलग क्षेत्रों के सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास पर भी ध्यान दिया गया है। NCERT के पाठ्यक्रम में यह भी कहा गया है कि छात्रों को यह समझना चाहिए कि अलग-अलग क्षेत्र और समुदायों ने भारत के इतिहास को किस तरह प्रभावित किया।

इस अध्याय में सातवीं शताब्दी के बाद भारतीय उपमहाद्वीप में हुए विभिन्न आक्रमणों और उनके खिलाफ हुए प्रतिरोध का भी उल्लेख किया गया है। इसमें हिंदू शाही, चंदेल, सोलंकी और चौहान जैसे शासकों के प्रतिरोध को जगह दी गई है।

नई किताब में महिला शासकों की कहानियां शामिल

नई NCERT किताब में महिला शासकों से जुड़े इतिहास को भी प्रमुखता दी गई है। इनमें चालुक्य राज्य की रानी नायकी देवी का नाम खास तौर पर सामने आता है। किताब के अनुसार 1178 में माउंट आबू के पास कसरहड़ा में नायकी देवी के नेतृत्व में मोहम्मद गोरी की सेना का सामना हुआ और उसे हार का सामना करना पड़ा।

इसके अलावा काकतीय शासक रुद्रमादेवी और उल्लाल की रानी अब्बक्का चौटा को भी किताब में शामिल किया गया है। अब्बक्का चौटा के बारे में किताब में पुर्तगाली नौसैनिक ताकत के खिलाफ उनके प्रतिरोध का उल्लेख किया गया है। रुद्रमादेवी को दिल्ली सल्तनत के खिलाफ प्रतिरोध से जुड़े प्रसंग में जगह मिली है।

महाराणा प्रताप और मेवाड़ के प्रतिरोध से जुड़े प्रसंग भी इस नए पाठ का हिस्सा हैं। इससे छात्रों को क्षेत्रीय शक्तियों और उनके सहयोगी समुदायों की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। इसी तरह पूर्वोत्तर भारत के इतिहास को भी जगह दी गई है, जहां अहोम राज्य और मुगल सत्ता के संघर्ष तथा लचित बोरफुकान और सरायघाट के युद्ध से जुड़े प्रसंगों का अध्ययन किया जाएगा।

स्थानीय समाज और किसानों के प्रतिरोध को भी मिली जगह

नई किताब में इतिहास को केवल शासकों के नजरिए से देखने के बजाय स्थानीय समाज और समुदायों की भूमिका पर भी ध्यान दिया गया है। पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय राज्यों के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक योगदान को समझने पर जोर दिया गया है। इसमें कृषि, राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों जैसे पहलुओं को भी समझने का प्रयास किया गया है।

किताब में जाटों के विद्रोह और सिनसिनी तथा सोगर के जमींदारों के प्रतिरोध जैसे प्रसंग भी शामिल किए गए हैं। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि मध्यकालीन भारत के इतिहास में आम समुदायों और स्थानीय शक्तियों की भी भूमिका रही थी।

इतिहास के कई पहलुओं पर जोर

नई किताब में पूर्वोत्तर भारत के इतिहास को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है। अहोम साम्राज्य और मुगल सत्ता के बीच संघर्ष के साथ लचित बोरफुकान और सरायघाट के युद्ध का उल्लेख किया गया है। इससे छात्रों को भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।

वहीं, आधिकारिक पाठ्यक्रम में प्रतिरोध और संधियों के साथ कला, वास्तुकला, भाषा, साहित्य, भक्ति परंपरा, किले और भारतीय अर्थव्यवस्था जैसे विषय भी शामिल हैं। Understanding Society: India and Beyond-Part 2 के जरिए मध्यकालीन भारत के इतिहास को क्षेत्रीय राज्यों, महिला शासकों, स्थानीय समुदायों और सांस्कृतिक विकास से जोड़कर पढ़ाया गया है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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