SEBI का नया नियम लागू होते ही बदला शेयर बाजार का खेल! पहले ही दिन निफ्टी में 200+ अंकों का बड़ा अंतर, जानिए क्यों

SEBI Closing Auction Session Explained Hindi
1 min read

SEBI Closing Auction Session: शेयर बाजार में 3 अगस्त से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) वाले शेयरों के लिए नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) व्यवस्था शुरू होने के पहले ही दिन निफ्टी के क्लोजिंग लेवल में बड़ा अंतर देखने को मिला। अब बाजार की नजर दूसरे दिन की ट्रेडिंग और निफ्टी एक्सपायरी पर टिकी हुई है।

F&O शेयरों के लिए बदला बाजार बंद होने का तरीका

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 3 अगस्त से F&O में शामिल शेयरों के लिए नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) व्यवस्था लागू कर दी है। इसके बाद इन शेयरों में लगातार होने वाली सामान्य ट्रेडिंग अब दोपहर 3:15 बजे तक ही होती है। इसके बाद 3:15 बजे से 3:35 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन सेशन चलता है, जिसमें उस दिन का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है।

पहले दिन इस नई व्यवस्था का असर साफ दिखाई दिया। सोमवार को दोपहर 3:15 बजे निफ्टी 50 करीब 24,573 अंक पर था, लेकिन आधिकारिक क्लोजिंग 24,774.30 अंक दर्ज हुई। यानी अंतिम क्लोजिंग लेवल में 200 से अधिक अंकों का अंतर देखने को मिला। यह बढ़त सामान्य ट्रेडिंग से नहीं, बल्कि क्लोजिंग ऑक्शन प्रक्रिया के दौरान तय हुई।

वहीं, जो शेयर F&O से बाहर हैं, उनमें पहले की तरह सामान्य ट्रेडिंग 3:30 बजे तक जारी रहती है। दूसरी ओर, स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग अब 3:40 बजे तक चलती है।

नई CAS व्यवस्था कैसे काम करती है?

नई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) व्यवस्था के तहत F&O में शामिल शेयरों की सामान्य ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाती है। इसके बाद 3:15 बजे से 3:35 बजे तक 20 मिनट का क्लोजिंग ऑक्शन सेशन चलता है, जिसमें उस दिन का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस तय किया जाता है।

इस प्रक्रिया के पहले पांच मिनट यानी 3:15 बजे से 3:20 बजे तक रेफरेंस प्राइस तय किया जाता है और सिस्टम सामान्य ट्रेडिंग से ऑक्शन मोड में प्रवेश करता है। इसके बाद 3:20 बजे से 3:25 बजे तक निवेशक मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज कर सकते हैं।

अगले चरण में 3:25 बजे से 3:30 बजे तक केवल लिमिट ऑर्डर स्वीकार किए जाते हैं। इस दौरान मार्केट ऑर्डर में बदलाव या उन्हें रद्द करने की अनुमति नहीं होती। 3:28 बजे से 3:30 बजे के बीच किसी भी समय सिस्टम ऑर्डर एंट्री बंद कर सकता है। इसके बाद सभी खरीद और बिक्री के ऑर्डर का मिलान किया जाता है और जिस संतुलित कीमत पर सबसे अधिक ऑर्डर पूरे होते हैं, वही उस शेयर का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस बनता है।

ऑक्शन की पूरी प्रक्रिया 3:35 बजे तक समाप्त हो जाती है। हालांकि, स्टॉक और इंडेक्स डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग 3:40 बजे तक जारी रहती है, जिससे ट्रेडर्स नई क्लोजिंग कीमत के आधार पर अपनी पोजिशन में बदलाव या हेजिंग कर सकते हैं।

आज क्यों अहम है बाजार?

नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था का पहला दिन कई नए संकेत देकर गया। अब सभी की नजर दूसरे कारोबारी दिन पर है, क्योंकि आज निफ्टी डेरिवेटिव्स एक्सपायरी भी है। ऐसे में बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

सोमवार को नई व्यवस्था लागू होने के बाद निफ्टी और निफ्टी बैंक के स्पॉट और फ्यूचर्स स्तरों में अंतर देखने को मिला। माना जा रहा है कि कारोबार के अंतिम समय में हुई बड़ी खरीदारी और ट्रेडर्स की खुली पोजिशन इसकी प्रमुख वजह रही।

बाजार के जानकारों का कहना है कि,

आज की ट्रेडिंग से यह साफ हो सकेगा कि नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था बाजार की दिशा और क्लोजिंग प्राइस पर कितना असर डालती है। यदि उतार-चढ़ाव बढ़ता है तो ट्रेडर्स अपनी रणनीति में बदलाव भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों और ट्रेडर्स को सावधानी बरतने, उचित स्टॉप लॉस लगाने और जरूरत के अनुसार हेजिंग के साथ ट्रेड करने की सलाह दे रहे हैं। नई व्यवस्था पूरी तरह स्थिर होने में अभी कुछ समय लग सकता है, इसलिए आने वाले कुछ कारोबारी सत्र बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

Jai Jagdamba News Whatsapp