अनन्या बिरला की कंपनी लाएगी ₹3,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास पहुंचा ड्राफ्ट पेपर

Svatantra Microfin IPO: अनन्या बिरला की कंपनी स्वतंत्र माइक्रोफिन शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी में है। कंपनी ने ₹3,000 करोड़ के IPO के लिए बाजार नियामक सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। अगर यह IPO आता है, तो माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में कंपनी की बड़ी लिस्टिंग देखने को मिल सकती है।
₹3,000 करोड़ के IPO में क्या होगा?
स्वतंत्र माइक्रोफिन के प्रस्तावित IPO का कुल आकार ₹3,000 करोड़ है। इसमें ₹1,500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि बाकी ₹1,500 करोड़ के शेयर मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचेंगे। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई गई पूरी रकम कंपनी के कारोबार में नहीं जाएगी।
नए शेयर जारी करके मिलने वाले ₹1,500 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और कारोबार को आगे बढ़ाने में करेगी। कंपनी के अनुसार, इस रकम का एक बड़ा हिस्सा टियर-I कैपिटल बढ़ाने और भविष्य में कारोबार के विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
स्वतंत्र माइक्रोफिन भारत की प्रमुख माइक्रोफाइनेंस कंपनियों में शामिल है। ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो के आधार पर यह देश की दूसरी सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी है। ऐसे में इसके IPO पर निवेशकों के साथ-साथ पूरे NBFC-MFI सेक्टर की नजर रहेगी।
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स्वतंत्र माइक्रोफिन में किन बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी है?
स्वतंत्र माइक्रोफिन में कई बड़े निवेशकों की हिस्सेदारी है। इनमें Advent International और Multiples जैसे प्रमुख प्राइवेट इक्विटी निवेशक शामिल हैं। प्रस्तावित IPO के दौरान दोनों निवेशक अपनी मौजूदा हिस्सेदारी का करीब 70 प्रतिशत तक बेचने की योजना बना रहे हैं।
Advent International से जुड़ी कंपनी Violicina के पास स्वतंत्र माइक्रोफिन की लगभग 28 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं Multiples के पास तीन अलग-अलग प्राइवेट इक्विटी फंड के जरिए करीब 11.45 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
कंपनी की शेयरहोल्डिंग में अनन्या बिरला की भी बड़ी हिस्सेदारी है। उनके पास स्वतंत्र माइक्रोफिन में सीधे करीब 26.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा उनकी कंपनी Antimatter Media के पास लगभग 33.49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
प्रस्तावित IPO में नए शेयर जारी करने के साथ मौजूदा निवेशकों को OFS के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिलेगा। हालांकि, IPO की अंतिम शर्तों और कीमत की जानकारी आगे की प्रक्रिया में सामने आएगी।
स्वतंत्र माइक्रोफिन का AUM कितना है?
31 मार्च 2026 तक स्वतंत्र माइक्रोफिन का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹21,093 करोड़ था। AUM के मामले में कंपनी CreditAccess Grameen के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी है। इसी अवधि में CreditAccess Grameen का AUM करीब ₹30,319 करोड़ था।
स्वतंत्र माइक्रोफिन की बाजार हिस्सेदारी में भी पिछले दो वर्षों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2024 में कुल AUM में कंपनी की हिस्सेदारी 3.26 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 6.37 प्रतिशत हो गई।
कंपनी के कारोबार को Chaitanya India Fin Credit के साथ हुए विलय से भी फायदा मिला। यह विलय 21 मार्च 2026 से प्रभावी हुआ था। इसके बाद स्वतंत्र माइक्रोफिन के कारोबार और पहुंच का दायरा और बढ़ा।
स्वतंत्र माइक्रोफिन का मुख्य कारोबार क्या है?
स्वतंत्र माइक्रोफिन का मुख्य कारोबार माइक्रोफाइनेंस लोन देना है। कंपनी इसके अलावा किफायती हाउसिंग फाइनेंस और प्रॉपर्टी के बदले लोन जैसी सुविधाएं भी देती है। इन सेवाओं का संचालन कंपनी की सब्सिडियरी Svatantra Micro Housing Finance Corporation के जरिए किया जाता है। यानी कंपनी का कारोबार सिर्फ छोटे कर्ज तक सीमित नहीं है, बल्कि हाउसिंग फाइनेंस और सुरक्षित लोन भी इसके बिजनेस का हिस्सा हैं।
अगर प्रस्तावित IPO सफलतापूर्वक बाजार में आता है, तो स्वतंत्र माइक्रोफिन इस साल IPO लाने वाली दूसरी NBFC-MFI कंपनी होगी। इससे पहले Arohan Financial Services ने भी IPO का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल भारत में केवल पांच NBFC-MFI कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। ऐसे में स्वतंत्र माइक्रोफिन की संभावित लिस्टिंग माइक्रोफाइनेंस उद्योग के लिए एक अहम घटनाक्रम हो सकती है।

