बेटी के नाम पैसे जमा करने वालों के लिए बड़ी खबर, सुकन्या समृद्धि योजना पर सरकार ने लिया ये फैसला

Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate 2026
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अगर आप अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य के लिए Sukanya Samriddhi Yojana में निवेश कर रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम अपडेट है। सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए इस योजना की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है।

सुकन्या समृद्धि योजना पर अभी भी 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। इसके साथ टैक्स लाभ और लंबे समय तक बचत की सुविधा इसे बेटियों के भविष्य के लिए लोकप्रिय विकल्प बनाती है।

8.2 प्रतिशत ब्याज पर जारी रहेगी सुकन्या समृद्धि योजना

वित्त मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को लेकर अधिसूचना जारी की। इसमें अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को पहले की तरह बनाए रखा गया है। इसका मतलब है कि सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाला ब्याज 8.2 प्रतिशत (Sukanya Samriddhi Yojana Interest Rate 2026) ही रहेगा।

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तीन महीने में करती है। पिछली बार दिसंबर 2024 की समीक्षा में इन दरों में बदलाव किया गया था। इसके बाद से सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर स्थिर बनी हुई है।

इस योजना में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इसलिए अभिभावकों के लिए जमा की तारीख को ध्यान में रखना जरूरी है।

10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम खुलता है खाता

सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई सरकारी बचत योजना है। इसमें 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खोला जा सकता है। यह खाता डाकघर या अधिकृत बैंकों में खोला जा सकता है।

एक परिवार में सामान्य तौर पर अधिकतम दो बेटियों के नाम पर खाते खोले जा सकते हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में तीन बेटियों के लिए भी खाता खोलने की अनुमति मिल सकती है।

खाते में हर वित्त वर्ष कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। वहीं एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसमें पैसे जमा करने की अवधि खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक रहती है, जबकि खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है।

पुरानी कर व्यवस्था के तहत इस योजना में आयकर अधिनियम की संबंधित धाराओं के अनुसार टैक्स लाभ मिलता है। जमा रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि, तीनों पर टैक्स लाभ उपलब्ध होने के कारण इसे ट्रिपल एग्जेंप्ट योजना भी कहा जाता है।

किस्त छूट जाए तो कैसे करें सुकन्या समृद्धि खाता नियमित?

अगर किसी साल खाते में न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं हो पाते हैं, तो खाते को 15 साल की जमा अवधि खत्म होने से पहले नियमित कराया जा सकता है। इसके लिए जितने वर्षों की न्यूनतम राशि जमा नहीं हुई है, उतने प्रत्येक वर्ष के 250 रुपये के साथ 50 रुपये का जुर्माना देना होता है।

बेटी की पढ़ाई के लिए कब निकाल सकते हैं पैसे?

बेटी के 18 साल की होने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद शिक्षा के लिए खाते से आंशिक पैसा निकाला जा सकता है। पिछले वित्त वर्ष के अंत में खाते में मौजूद राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। यह रकम एक साथ या पांच साल तक किस्तों में ली जा सकती है।

किन परिस्थितियों में समय से पहले बंद हो सकता है खाता?

समय से पहले पूरा खाता बंद करने के नियम सीमित हैं। खाता खुलने के पांच साल बाद गंभीर बीमारी, अभिभावक की मृत्यु या अत्यधिक कठिनाई जैसी विशेष परिस्थितियों में प्री-मैच्योर क्लोजर की अनुमति मिल सकती है।

अगर खाताधारक बेटी की मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने के बाद खाता बंद किया जा सकता है और ब्याज सहित पूरी राशि अभिभावक को दी जाती है। मृत्यु की तारीख से खाता बंद होने तक की अवधि के लिए डाकघर बचत खाते की दर के अनुसार ब्याज मिलता है।

मौजूदा 8.2 प्रतिशत ब्याज दर, सरकारी योजना का दर्जा, टैक्स लाभ और लंबे समय तक बचत की सुविधा के कारण सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनी हुई है। हालांकि, ब्याज दरों की समीक्षा हर तिमाही होती है, इसलिए भविष्य में इनमें बदलाव संभव है। अभिभावकों को खाता खोलने और जमा से जुड़े नियमों की सही जानकारी के लिए नजदीकी डाकघर या अधिकृत बैंक से संपर्क करना चाहिए।

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Sanjana Gupta

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज
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