देर रात ICU में उठीं आग की लपटें, अस्पताल में मची चीख-पुकार, कई मरीजों की गई जान
मुजफ्फरपुर में देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे बिहार को झकझोर दिया। ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कई मरीज धुएं और आग की चपेट में आ गए, जबकि कुछ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला। ऐसे में आइए जानते हैं की आखिर यह हादसा कैसे हुआ और जांच में क्या सामने आ सकता है।
देर रात अचानक उठीं आग की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई और पूरा वार्ड धुएं से भर गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई मरीज बिस्तर पर ही थे, जिससे उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल कर्मियों और आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कई जगह खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों की मदद और कर्मचारियों की तत्परता से कई मरीजों की जान बचाई जा सकी। घटना की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में चिंता और तनाव का माहौल बन गया।
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चार लोगों की मौत, कई मरीजों का इलाज जारी
इस हादसे में आग की चपेट में आने से चार लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में शामिल हैं:
- कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), निवासी गौरिग्मा गांव, मीनापुर
- गीता देवी (62), निवासी दिस्टोलिया गांव, कथैया
- शशांक (30), मूल निवासी रतनपुर, औराई, वर्तमान निवासी नेवालाल चौक, अहियापुर
- उदय कुमार (57), निवासी विशम्भरपुर गांव, तरियानी छपरा, शिवहर
वहीं, 20 से अधिक मरीज झुलस गए हैं। सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से मुजफ्फरपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जिला प्रशासन मृतकों की पहचान और अन्य प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
क्या बोले अधिकारी?
मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि,
अब तक तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि की गई है। आईसीयू में लगभग 13 से 15 मरीज भर्ती थे। अस्पताल प्रशासन की ओर से कुछ मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग के मामले में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि अब तक 4 मरीजों की मौत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी। pic.twitter.com/HnsGOGitXY— Bihar_se_hai (@Bihar_se_hai) June 4, 2026
वहीं अग्निशमन पदाधिकारी आर. एन. पांडेय ने बताया कि,
सुबह करीब तीन बजे प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उस समय आईसीयू में काफी धुआं भरा हुआ था और प्राथमिकता मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी।
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दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
हादसे (Muzaffarpur Hospital Fire) की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। हालांकि बचाव अभियान के दौरान अस्पताल परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही की जांच करेगी।
वहीं अस्पताल प्रबंधन और पुलिस मिलकर आईसीयू वार्ड में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल
यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में भर्ती मरीज स्वयं बाहर निकलने की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और नियमित सुरक्षा जांच की अहमियत और बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट और फायर ड्रिल कराना जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान कम किया जा सके। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज, मृतकों की पहचान और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।
