बक्सर में बनेगा JP गंगा पथ जैसा रोड, शहर को जाम और गंगा कटाव से मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री को सौंपा गया बड़ा प्रस्ताव

Buxar JP Ganga Path Demand River Road Project
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बक्सर में अब जेपी गंगा पथ जैसी आधुनिक सड़क बनाने की मांग ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान गंगा किनारे सड़क निर्माण का प्रस्ताव सौंपा गया। दावा है कि इससे शहर को जाम, गंगा कटाव और ट्रैफिक समस्या से राहत मिल सकती है। अगर यह परियोजना मंजूर होती है तो बक्सर की तस्वीर बदल सकती है। आखिर क्या है पूरा प्लान और लोगों को इससे कितना फायदा होगा, जानिए इस रिपोर्ट में।

बक्सर में गंगा किनारे नई सड़क बनाने की उठी मांग

23 मई को रामरेखा घाट पर आयोजित लाइट एंड साउंड उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा। इस पत्र में गोलंबर से चरित्रवन होते हुए सेंट्रल जेल तक गंगा किनारे सड़क निर्माण की मांग (Buxar JP Ganga Path Demand) की गई। मांगपत्र में कहा गया कि यह सड़क पटना के प्रसिद्ध जेपी गंगा पथ की तरह विकसित की जाए।

बक्सर धार्मिक और पौराणिक महत्व वाला शहर माना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अगर यह परियोजना मंजूर होती है तो शहर के कई हिस्सों में यातायात दबाव कम हो सकता है। खासकर त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के समय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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बक्सर में जाम और गंगा कटाव की समस्या बनी बड़ी चुनौती

बक्सर शहर में हर साल त्योहारों और खास मौकों पर जाम की समस्या बड़ी परेशानी बन जाती है। गंगा स्नान, पूजा-पाठ और मेलों के दौरान शहर की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे आम लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों फंसना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि साल में कई दिनों तक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहती है।

ऐसे में गंगा किनारे नई सड़क बनाने की मांग को लोग राहत की उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर गोलंबर से सेंट्रल जेल तक रिवर रोड बनती है तो शहर के अंदर वाहनों का दबाव काफी कम हो सकता है। इससे घाटों तक पहुंचना भी आसान होगा।

वहीं, यह परियोजना सिर्फ ट्रैफिक सुधार तक सीमित नहीं मानी जा रही। गंगा किनारे बसे इलाकों में हर साल कटाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में मजबूत सड़क और तटबंध बनने से नदी कटाव को रोकने में भी मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह योजना बक्सर के विकास के साथ सुरक्षा के लिहाज से भी अहम साबित हो सकती है।

पर्यटन और शहर विकास को मिल सकता है नया आयाम

बक्सर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व काफी पुराना है। रामरेखा घाट सहित कई स्थानों पर हर साल हजारों लोग पहुंचते हैं। हालांकि, शहर में आधुनिक यातायात और पर्यटन सुविधाओं की कमी अक्सर महसूस की जाती रही है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर गंगा किनारे आधुनिक सड़क विकसित होती है तो यह केवल परिवहन परियोजना नहीं रहेगी, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास का भी हिस्सा बन सकती है।

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इसके संभावित फायदे इस प्रकार माने जा रहे हैं:

  • शहर में जाम की समस्या कम हो सकती है
  • श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी
  • गंगा घाटों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
  • पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है
  • गंगा कटाव रोकने में सहायता मिल सकती है

वहीं, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश भुवन ने भी इसे बक्सर के लिए ऐतिहासिक परियोजना बताते हुए जल्द पहल की मांग की है।

क्या बक्सर को मिलेगा नया रिवरफ्रंट मॉडल?

पटना में जेपी गंगा पथ बनने के बाद वहां यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इसी मॉडल को अब बक्सर में लागू करने की मांग उठ रही है। हालांकि, परियोजना को लेकर अभी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने उठाया गया है, उससे साफ है कि आने वाले समय में बक्सर के विकास एजेंडे में यह परियोजना अहम भूमिका निभा सकती है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो बक्सर को न सिर्फ बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर की पहचान भी नए रूप में सामने आ सकती है।

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