पेट्रोल छोड़िए! अब 25 रुपये के खर्च में दौड़ेगी Maruti की नई कार, गडकरी ने किया बड़ा ऐलान

Maruti Suzuki E100 Flex Fuel Vehicle Launch India
1 min read

अब भारत में पेट्रोल की जगह एथेनॉल से चलने वाली कारें सड़कों पर दौड़ती नजर आ सकती हैं। नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि मारुति सुजुकी जल्द 100% एथेनॉल पर चलने वाला वाहन लॉन्च करेगी। दावा है कि इससे पेट्रोल-डीजल का खर्च कम होगा और प्रदूषण पर भी बड़ी चोट पड़ेगी। आखिर क्या है E100 Flex Fuel Vehicle और कैसे बदल सकता है भारत का ऑटो सेक्टर, जानिए पूरी डिटेल।

पर्यावरण दिवस पर लॉन्च होगा E100 Flex Fuel Vehicle

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक कार्यक्रम में बताया कि पर्यावरण दिवस के मौके पर दिल्ली में एक खास आयोजन किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में मारुति सुजुकी अपने 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले वाहन पेश करेगी।

उन्होंने कहा कि देश में अब धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल की जगह वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने हाल ही में E30 एथेनॉल ब्लेंडिंग मानकों को भी मंजूरी दी है, जिससे एथेनॉल आधारित फ्यूल फिर से चर्चा में आ गया है।

गडकरी के अनुसार, देश में पहले से कई कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल (Flex Fuel) तकनीक पर काम कर रही हैं। इनमें Toyota, Tata, Mahindra और Suzuki जैसी कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब इस तकनीक वाले दोपहिया वाहन भी बाजार में आने लगे हैं।

पेट्रोल-डीजल के मुकाबले कितना सस्ता पड़ेगा एथेनॉल

नितिन गडकरी ने दावा किया कि एथेनॉल आधारित वाहन चलाना काफी सस्ता साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि जिस वाहन से वह कार्यक्रम में पहुंचे थे, वह पूरी तरह बायोएथेनॉल पर चलता है। उन्होंने कहा कि,

एथेनॉल की कीमत करीब 65 रुपये प्रति लीटर है और यह वाहन चलते समय लगभग 60 प्रतिशत बिजली भी पैदा करता है। वह पिछले डेढ़ साल से ऐसे वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि,

पेट्रोल और डीजल की तुलना में इसका वास्तविक खर्च करीब 25 रुपये प्रति लीटर के बराबर पड़ता है।

सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों का खर्च कम होगा और देश को विदेशी तेल आयात पर कम पैसा खर्च करना पड़ेगा। गडकरी ने यह भी दोहराया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत पेट्रोलियम ईंधन विदेशों से आयात करता है। यही कारण है कि सरकार अब एथेनॉल, इलेक्ट्रिक और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को तेजी से बढ़ावा दे रही है।

भारत में क्यों बढ़ रहा है एथेनॉल का इस्तेमाल?

देश में अब धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने की तैयारी तेज हो गई है। यही वजह है कि सरकार लगातार इलेक्ट्रिक और फ्लेक्स फ्यूल तकनीक को बढ़ावा दे रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में अब इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक बस, ट्रक और यहां तक कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी बाजार में उतर चुके हैं। इसके साथ ही एथेनॉल से चलने वाले वाहनों पर भी तेजी से काम हो रहा है।

दरअसल, फ्लेक्स फ्यूल वाहन ऐसे होते हैं जो पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण पर चल सकते हैं। अब कंपनियां ऐसी गाड़ियां लाने की तैयारी कर रही हैं जो 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलेंगी। इससे न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि लोगों का ईंधन खर्च भी घट सकता है।

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से किसानों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। एथेनॉल बनाने में गन्ना और कई कृषि उत्पादों का इस्तेमाल होता है, जिससे किसान अब सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि देश के लिए ईंधन उत्पादन में भी अहम भूमिका निभाएंगे। अगर आने वाले समय में एथेनॉल वाहनों का इस्तेमाल बढ़ता है, तो भारत विदेशी तेल पर अपनी निर्भरता काफी हद तक कम कर सकता है।

Jai Jagdamba News Whatsapp